LOC का फुल फॉर्म (LOC FULL FORM) LINE OF CONTROL होता है, इसे हिंदी में( LOC FULL FORM IN HINDI) ‘नियंत्रण रेखा’ भी कहा जाता है। आज पूरे भारत का ही नही, अपितु पूरे विश्व में LOC एक चर्चित मुद्दा रहा है। दरअसल LOC भारत और पाकिस्तान के मध्य खींची गई नियंत्रण रेखा है, जो दोनो देशों को भौगोलिक रूप से विभाजित करती है।
दोस्तों, यह हमारे देश की सीमा रेखा है, तो इसके बारे में तो हमें जागरूक रहना बहुत जरूरी हो जाता है। इस आर्टिकल में हम LOC के पीछे की कहानी अर्थात LOC के इतिहास को बहुत विस्तार से जानेंगे। LOC क्या है, LOC कैसे बना, LOC पर तनाव के कारण आदि के बारे में बात करेंगे। यह आर्टिकल आगे बहुत ही दिलचस्प होने वाला है, LOC की पूरी जानकारी के लिए इस आर्टिकल को आख़िर तक जरूर पढ़ें।
LOC = LINE OF CONTROL नियंत्रण रेखा
LOC क्या है? ( WHAT IS LOC? )
LOC भारत और पाकिस्तान के मध्य खींची गई नियंत्रण रेखा है, जो 740 किलोमीटर लंबी है। असल में इसे भारत और पाकिस्तान के मध्य युद्ध विराम ही माना जाता था। किंतु, भारत पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तान के हार के बाद 17 सितंबर, 1971 को दोनो देशों ने LOC को नियंत्रण रेखा के रूप में मान्यता दी।
युद्ध के बाद शिमला समझौता हुआ, जिस पर 3 जुलाई, 1972 को हस्ताक्षर किया गया और इसके बाद ही दोनों देशों के संबंध सुधारने तक LOC को नियंत्रण रेखा का नाम दे दिया गया है। और इस रेखा पर किसी भी देश का नियंत्रण नहीं है, यहां आमने सामने हमेशा सेनाएं तैनात रहती हैं और हमेशा युद्ध की स्थिति बनी रहती है। अब LOC के लिए आपके मन में काफी सवाल आने लगे होंगे की ऐसा क्या हुआ था की LOC की जरूरत पड़ी होगी तो आईए हम LOC के पीछे की कहानी के बारे में जानते हैं।
LOC का इतिहास या LOC के पीछे की कहानी
आज़ादी के पहले भारत देश नही था बल्कि, यह छोटे छोटे रियासतों में बंटा हुआ था । प्रत्येक रियासत के राजा हुआ करते थे और उनका ही शासन चलता था। किंतु आज़दी के पश्चात जब अखंड भारत देश बनने की बात चली, तब यह प्रस्ताव लाया गया की जो रियासतें देश के साथ जुड़ना या विलय करना चाहती हैं, वे विलय पत्र में हस्ताक्षर कर सकती हैं, पकिस्तान के साथ जाना चाहें तो पाकिस्तान के साथ जा सकती है और जो स्वतंत्र देश बनना चाहती हैं वे ख़ुद को अलग देश घोषित कर सकती हैं।
आधे से अधिक रियासतें भारत में विलय के लिए तैयार थीं किंतु, महाराजा हरि सिंह इस समय जम्मू कश्मीर के राजा हुआ करते थे, जो जम्मू कश्मीर को एक अलग राष्ट्र या देश बनाना चाहते थे और उन्होंने विलय पत्र पर हस्ताक्षर से इंकार कर दिया। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के कुछ नेता जम्मू कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बनाना चाहते थे, किंतु महाराजा हरि सिंह ने पाकिस्तान से विलय पर भी इंकार कर दिया था। इसी समय से ही जम्मू कश्मीर भारत पाकिस्तान का विवादित विषय रहा है।
इसी दौरान पकिस्तान ने जम्मू कश्मीर को अपना हिस्सा बनाने के लिए ताकत का उपयोग करके पाकिस्तानी सेना ने कबालियों के साथ मिलकर जम्मू कश्मीर पर हमला कर दिया। महाराजा हरि सिंह की सेना डटी रहीं किंतु कुछ समय में कमजोर पड़ने लगीं। जम्मू कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था को खराब होते देखकर उन्होंने भारत से सहायता ली।और महाराजा हरि सिंह कुछ शर्तों के साथ भारत के साथ विलय होने के लिए तैयार हो गए और विलय के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किया
शर्तों में आज जिसे हम अनुच्छेद 370 के नाम से जानते हैं, की सबसे अहम भूमिका थी। 6 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 से प्रतिबंधों को हटा दिया गया है। इसके आधार पर जो स्वायत्ता और विशेष अधिकार कश्मीर को मिलते रहे हैं उन्हें हटा दिया गया। अनुच्छेद 370 का खंड 1 केवल लागू रहेगा, जिसके अनुसार जम्मू कश्मीर भारत का एक अभिन्न अंग रहेगा ।
कैसे बना LOC?
भारत में विलय के उपरांत जम्मू कश्मीर भारत का अटूट अंग बन गया था। भारतीय सेना जम्मू कश्मीर पहुंची और पाकिस्तानी सेना सहित कबालियों को भी खदेड़ दिया। लेकिन युद्ध समाप्ति के समय ही प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र संघ में उठाया और जनमत संग्रह का प्रस्ताव रखा और इसके परिणामस्वरूप संयुक्त राष्ट्र संघ ने 5 जनवरी,1949 को जम्मू कश्मीर को यथास्थिति बनाए रखने अर्थात सीज़फायर करने का आदेश दे दिया।
सीज़फायर के बाद दोनों सेनाएं जहां थी वहीं रुक गईं और जिस हिस्से में थी वह हिस्सा उसी देश का हो गया । इनके मध्य के लाईन को LOC कहा गया । उस समय जिसका आशय ‘युद्ध विराम’ मात्र था।
युद्ध विराम के बाद पाकिस्तान की ओर शामिल हुए हिस्से को ही आज POK ( PAKISTAN OCCUPIED KASHMIR) पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के नाम से जाना जाता है। लोग पं. जवाहर लाल नेहरू के संयुक्त राष्ट्र संघ में जाने के फैसले को उनकी सबसे बड़ी गलती भी मानते हैं। किंतु यह कदम न उठाने से शायद आज कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं होता।
LOC पर तनाव के कारण ( REASONS OF STRESS IN LOC)
नाम के अनुसार समझा जाए तो यह नियंत्रण रेखा तो है किंतु यहां पर किसी भी देश का नियंत्रण नहीं है। यहां दोनों देशों की सेनाएं तैनात रहती है। POK में पाकिस्तानी चेक पोस्ट के दूसरी तरफ भारतीय सेना तैनात रहती है। सुरक्षा के लिए दोनो ओर से नुकीले तार के लाईन हैं, जो भारी कुंडू या ट्रेंच से ढंके हुए हैं।
पाकिस्तान दिन ब दिन आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए नए नए घुसपैठ के मौके ढूंढता रहता है इसी कारण भारत की सीमा से लगे अन्य देशों के मुकाबले LOC में हमेशा तनाव होता रहता है और हमेशा युद्ध की स्थिति बनी रहती है।
निष्कर्ष
इस आर्टिकल में हमने LOC का फुल फॉर्म ( LOC FULL FORM ), LOC FULL FORM IN HINDI, LOC क्या है, LOC का इतिहास क्या है, LOC कैसे बना, LOC में तनाव क्यों रहता है आदि विषयों के बारे में बताने का प्रयास किया है। इससे संबंधित कोई भी प्रश्न होने पर कॉमेंट box में आप हमसे पूछ सकते हैं। अगर यह आर्टिकल आपको पसंद आए तो, दूसरों को भी इसके बारे में बताएं।
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