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लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम को हिंदी में जाने

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लिनक्स को समझे

Linux tutorial in Hindi आर्टिकल में हम लिनक्स से सम्बंधित facts पर बात करेंगे और सवालो को देखेंगे और उसके उत्तर को भी Details में देखेंगे जो अधिकतर इंटरव्यू में पूछे जाते है । लिनक्स के सवालों और जवाबो को हम क्रम से देखेंगे पहले सरल फिर थोड़ा कठिन जिससे आपके लिनक्स की Skill पड़ेगी। Linux tutorial in Hindi आर्टिकल में आज हम उन्ही सवालों के बारे में चर्चा करेंगे जो इंटरव्यू में पूछे जाते है या फिर आपको लिनक्स में काम करते समय इनकी जरुरत पड़ेगी।

लिनक्स क्या है।

वैसे लिनक्स या फिर कोई भी ऑपरेटिंग सिस्टम , प्रोग्रामिंग,इत्यादि बहुत कठिन नहीं होता है जैसा ही हम सोचते है लेकिन जब हम उसे बहुत ध्यान से पढ़ते और उस पर प्रैक्टिस करते है तो उसमे हमें बहुत मजा आने लगता है और वो हमें आसान लगाने लगाती है।

लिनक्स एक ओपनसोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम है जो आपको फ्री में उपलब्ध है जिसे आप इंटरनेट से download कर के इस्तेमाल कर सकते है और इसको इस्तेमाल करने के लिए windows की तुलना में low हार्डवेयर configuration की आवश्यकता पड़ती है इसे अपने जरुरत के अनुसार Edit , Modify किया जा सकता है। इस ऑपरेटिंग सिस्टम में लिनक्स kernel इस्तेमाल किया जाता है।

open source क्या है

opensource सॉफ्टवेयर का मतलब है की ये आपको फ्री में उपलब्ध है इसके लिए आपको कोई भी चार्ज देने की आवश्यकता नहीं है। ये GNU (general public license)प्रोजेक्ट के माध्यम से आपको फ्री में इस्तेमाल कर सकते है और अपने अनुसार modify भी कर सकते है।

लिनक्स को किसने बनाया

Linux Operating System को Linus Torvalds नाम के अमेरिकन सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने 1991 में बनाया। जो पहले unix ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए काम करता थे बाद में लिनक्स को बनाया।

Shell क्या है।

shell एक कंप्यूटर प्रोग्राम है जो यूजर और Kernel के बीच में संबध स्थापित करता। है। यह User के द्वारा लिखे गए Program, Code इत्यादि को बदल कर Kernel के समझने लायक बनता है। लिनक्स में कुल 5 तरह के shell का इस्तेमाल किया जाता है। C Shell (csh) , Korn Shell (ksh) , Z shell (Zsh), Bourne Again Shell (bash) , Friendly Interactive Shell (Fish)

swap क्या है।

जैसे आप विंडोज में paging file और virtual मेमोरी को इस्तेमाल करते है ठीक उसी तरह लिनक्स में Virtual memory का इस्तेमाल किया जाता है जिसे swap मेमोरी कहते है। Swap Memory हार्डडिस्क का कुछ स्पेस को सिस्टम की memory की तरह इस्तेमाल किया जाता है इसे हम अपने जरुरत के अनुसार बढ़ा या घटा सकते है।

GUI क्या है।

GUI का फुल फॉर्म Graphical user interface होता है इसका मतलब यह है की इसमें आप कीबोर्ड के साथ साथ माउस का भी इस्तेमाल कर सकते है। जैसे की आप Windows Operating System में करते है। GUI में आपको किसी भी प्रकार की image , Video , या Audio को आसानी से editing कर सकते है।

Terminal या फिर Console क्या होता है

यह GUI के बिल्कुल विपरीत होता है इसमें Operating System को सिर्फ Keyboard के माध्यम से चला सकते है। इस प्रक्रिया में सिस्टम को चलाने के लिए आपको कमांड का सहारा लेना पड़ेगा। जैसे की लिनक्स में कमांड से काम करते है और आप Windows ऑपरेटिंग सिस्टम को भी CMD (कमांड Prompt ) से चला सकते है।

File और Directory को Permission

लिनक्स में कुल 3 तरह की परमिशन होती है जिसे मुख्य 2 तरीको(symbolic और number ) से लिनक्स, ubuntu या लिनक्स के अन्य Operating System को परमिशन दे सकते है या फिर उसे चेंज कर सकते है
read इस परमिशन में किसकी भी फाइल को read की परमिशन दे सकते है.जिसे symbolic (r ) और number(4 ) से प्रदर्शित किया जाता है।
write इस परमिशन में किसी भी फाइल को write की परमिशन दे सकते है। इसका मतलब फाइल को एक्सेस करने वाला इसमें किसी भी तरह का बदलाव कर सकता है। जिसे symbolic (w ) और number(2 ) से प्रदर्शित किया जाता है।

Execute इस तरह के परमिशन में यूजर फाइल और डायरेक्टरी को सिर्फ देख सकता है। user न तो उसे पढ़ सकता है और नहीं कुछ बदल सकता है। इसे symbolic (x ) और number(1) से प्रदर्शित किया जाता है।

नीचे के टेबल में लिनक्स के नंबर परमिशन और उसका Symbol permission , permission Type को बताया गया है

NumberCharacter of SymbolPermission Type
0No permission
1–xExecute
2-w-Write
3-wxWrite+Execute
4r–Read
5r-xRead+Execute
6rw-Read+Write
7rwxRead+Write+Execute

root account क्या है

लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में root एक super User Account जैसे होता है जो सिस्टम में किसी भी तरह का बदलाव कर सकता है जैसे की किसी सॉफ्टवेयर को इनस्टॉल करना , सॉफ्टवेयर को uninstall करना पार्टीशन बनाना , यूजर बनाना, इत्यादि काम root user कर सकता है। रुट यूजर windows Operating System के Administrator Account जैसे होता है इसकी home directory /root होती है।

लिनक्स में file को सर्च करें

लिनक्स में फाइल को सर्च करने के लिए find ,grep ,locate कमांड का उपयोग किया जाता है।

Linux में file कैसे बनायेगे

लिनक्स में फाइल बनाने के 4 तरीके है
touch Command

इस कमांड की सहायता से आप लिनक्स , ubuntu में खाली फाइल को बना सकते है

#touch filename


cat Command

इस कमांड की सहायता से आप लिनक्स में नयी फाइल बनाने के साथ साथ पहले से बनी फाइल को एडिट भी कर सकते है।

इस Command से आप लिनक्स में पहले से बनी फाइल को ओपन कर सकते है।

#cat filename

लिनक्स में cat Command की सहायता से new file बना सकते है

# cat > filename

Nano Command से फाइल बनाये

इस कमांड से आप लिनक्स में नई फाइल बना सकते है और पहले से बनी फाइल को एडिट भी कर सकते है।

#nano file name

vim Command in Linux

vim Linux या किसी भी opensource का बहुत ही powerful Text Editor है
इसे vi command की तरह भी इस्तेमाल किया जाता था इसकी सहायता से आप फाइल को Create New file , Edit File, Encrypt File करना जैसे भी काम कर सकते है।

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निष्कर्ष

आज के इस आर्टिकल में हमने Linux Tutorial in Hindi के कुछ कमांड को विस्तार से उदाहरण और screenshot के साथ समझा। उम्मीद करते है की Linux Tutorial in Hindi के बारे में दी गई जानकारी आपको समझ आ गई होगी. अगर इससे जुड़ी कोई भी जानकारी आपको चाहिए तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं. और अगर आपको हमारा आर्टिकल पंसद आया है तो इसे ज्यादा से ज्यादा अपने दोस्तों और सोशल मीडिया में शेयर शेयर करें।

यदि आप लिनक्स या फिर IT से सम्बंधित आर्टिकल को इंग्लिश में पड़ना चाहते है तो हमारे इंग्लिश ब्लॉग simitech.in पर visit करें।

siya ram

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