ISI Full Form “Indian Standard Institute” है जिसे हिंदी भाषा में “भारतीय मानक संस्थान” कहते हैं. ISI की स्थापना 6 जनवरी 1947 में की गई थी. इसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ता वस्तुओं और औद्योगिक वस्तुओं के लिए गुणवत्ता के मानक निर्धारित करना है.
जब भी आप घर का सामान या फिर कोई इलेक्ट्रॉनिक सामान लेने नज़दीकी दुकान पर जाते हैं तो वहां अक्सर आपने ISI के बारे में सुना होगा या फिर दूकानदार के मुँह से सुना होगा की ये सामान लीजिये इसमें ISI मार्क लगा हुआ है. तब आप सोचते हैं की ये ISI मार्क क्या होता है. तो चलिए इस आर्टिकल की मदद से ISI से सम्बंधित आपके सभी संदेह को दूर करेंगे और आपको बताएंगे की ISI Full Form क्या होता है और इसे जानना क्यों जरुरी है.
ये प्रत्येक उत्पाद की गुणवत्ता और मानक की पुष्टि करता है और साथ ही उन्हें एक प्रमाणन चिह्न देता है. ये उत्पाद प्रमाणन मानक केवल भारत में संचालन के लिए निर्धारित किए गए है. ISI को बीआईएस ( Bureau of Indian Standards)यानि भारतीय मानक ब्यूरो के नाम से भी जाना जाता हैं.
ISI मार्क क्या है
ISI Mark भारत में औद्योगिक उत्पादों के लिए एक मानक-अनुपालन का काम करता आ रहा हैं. ये मार्क प्रमाणित करता है कि एक उत्पाद भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), भारत के राष्ट्रीय मानक निकाय द्वारा विकसित एक भारतीय मानक (आईएस) के अनुरूप है.
ISI मार्क भारतीय उपमहाद्वीप में अब तक का सबसे मान्यता प्राप्त मार्क है. देश में बेचे जाने वाले कुछ उत्पादों के लिए ISI मार्क अनिवार्य है, जैसे कि कई बिजली के उपकरण स्विच, इलेक्ट्रिक मोटर, वायरिंग केबल, हीटर, रसोई के उपकरण, आदि.
ISI मार्क कौन देता है ?
ISI मार्क बीआईएस (Bureau of Indian Standards) यानि भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा दिया जाता है. बीआईएस का काम उपभोक्ता सुरक्षा के लिए उत्पादों की सर्वोत्तम गुणवत्ता को बनाए रखना है.
उत्पाद की गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता की जांच के बाद यह तीसरे पक्ष की गारंटी के रूप में व्यवसायों को आईएसआई मार्क प्रमाणीकरण आवंटित करता है ताकि इससे ये पता चल सके की उत्पाद ग्राहकों के उपयोग करने के लिए सुरक्षित है और इसकी गुणवत्ता अच्छी है.
आईएसआई का इतिहास
- ISI की स्थापना 6 जनवरी 1947 को हुई थी और डॉ लाल सी वर्मन जून 1947 में इसके पहले निदेशक बने थे. ISI को अब BIS यानि भारतीय मानक ब्यूरो के रूप में जाना जाता है. इसका काम उपभोक्ता और औद्योगिक वस्तुओं के लिए गुणवत्ता मानकों को निर्धारित करना है. यह हर उत्पाद की गुणवत्ता और मानक की जांच करता है और उन्हें एक प्रमाणन चिह्न प्रदान करता है.
- बीआईएस 1986 के एक कानून द्वारा प्रमाणन की पेशकश करने के लिए अधिकृत है.
- भारत में बेचे जाने वाले उत्पादों को प्रमाणित करने के लिए आईएसआई मार्क अनिवार्य है. कोई भी निर्माता जिसका उत्पाद बीआईएस मानक को पूरा करता है, आईएसआई मार्क के लिए आवेदन कर सकता है.
उत्पादों की सूची जिन्हें ISI मार्क दिया जाता है.
- इलेक्ट्रिकल डिवाइस
- ड्रिंकिंग water and पैकेज्ड फूड्स
- Kitchen इक्विपमेंट & एप्लायंसेज
- LPG सिलिंडर्स and LPG वाल्वस
- थेर्मोमेटर्स (Thermometers)
- पोर्टलैंड cement
- ऑटोमोटिव tires
- पैकेज्ड ग्रोसरी आइटम्स
ISI mark के लाभ?
- यदि किसी उत्पाद में ISI का मार्क लगा होता है तो ग्राहक को विश्वास हो जाता है है की यह प्रोडक्ट अच्छा होगा।
- यदि किसी ग्राहक को पता चलता है कि आईएसआई वाला उत्पाद खराब गुणवत्ता का है तो ग्राहक उत्पाद के निर्माता के खिलाफ कार्रवाई भी कर सकता है.
- जहां ग्राहक उत्पाद की गुणवत्ता से असंतुष्ट है, तो उत्पाद बेचने वाली कंपनी उत्पाद को एक नए उत्पाद के साथ बदल देगी.
- ये मार्क उत्पाद के निर्माताओं और मालिकों को अपना व्यवसाय बढ़ाने में मदद करता है.
नकली आईएसआई मार्क की विशेषताएं ?
बाजार में कई नकली आईएसआई लेबल वाली वस्तुएं उपलब्ध है जो की उत्पाद को प्रमाणित किए बिना आईएसआई लेबल का उपयोग करते हैं. इसलिए, सामान का चयन बहुत सावधानी से करना चाहिए.
- नकली आईएसआई लेबल की अन्य विशेषताएं हैं, जैसे कि आईएसआई मार्क अनिवार्य सात अंकों की लाइसेंस संख्या नहीं है
- ISI के शीर्ष पर, लेबल एक IS संख्या है जो विशिष्ट उत्पाद के लिए भारतीय मानक की संख्या को दर्शाता है.
आईएसआई पंजीकरण प्रक्रिया ?
यदि आप ISI मार्क के लिए पंजीकरण करना चाह्ते है तो इसके लिए आपके पास जरुरी दस्तावेज होने चाहिए जैसे की कंपनी का पंजीकरण प्रमाण पत्र, बीमा योजना, बिजली का बिल, बैंक स्टेटमेंट, कंपनी के निदेशकों का आधार कार्ड, परीक्षण रिपोर्ट की प्रति, निर्माण मशीनरी की सूची आदि.
इसके बाद अपने उत्पाद के लिए ISI मानक कोड की पहचान करें. ISI मानक कोड की पहचान करने के बाद एप्लीकेशन रजिस्ट्रेशन फॉर्म को भरें और उसके साथ सभी जरुरी डाक्यूमेंट्स की फोटोकॉपी लगाएं और इसे अपने किसी भी नज़दीकी BIS यानि भारतीय मानक ब्यूरो के ऑफिस जाकर जमा कर दें. BIS के द्वारा सफलतापूर्वक सत्यापन होने के बाद आपका ISI मार्क का सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है. इस पूरीप्रक्रिया में लगभग 1 महीने या फिर उससे भी अधिक का समय लग सकता है।
इन्हे भी देखें
आईएसआई या आईएसओ में अंतर ?
ISI का मतलब भारतीय मानक ब्यूरो है. ये उपभोक्ता वस्तुओं और औद्योगिक वस्तुओं के लिए गुणवत्ता के मानक निर्धारित करता है. ये प्रत्येक उत्पाद की गुणवत्ता और मानक की पुष्टि करता है और साथ ही उन्हें एक प्रमाणन चिह्न देता है. इसके प्रमाणन मानक केवल भारत में संचालन के लिए निर्धारित किए गए हैं.
जबकि ISO का मतलब है “International Organization for Standardization जिसका हिंदी में अर्थ है “मानकीकरण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठन”. आईएसओ अंतरराष्ट्रीय मानकों का प्रतिनिधित्व करता है, इसका उद्देश्य गुणवत्ता में सुधार करना है. 100 से अधिक देश इस संगठन का हिस्सा हैं.
आईएसआई का दूसरा फुल फॉर्म
ISI का फुल फॉर्म इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (Inter-Services Intelligence) होता है जो की पाकिस्तान का खुफिया विभाग है जो दुनिया भर से सुरक्षा के लिए सूचनाएं एकत्रित करता है। इसका Head quarter पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद बनाया गया है . ISI के महा निदेशक 17 June 2019 से अभी एक Faiz Hameed, HI(M) . ISI की इसकी स्थापना 1948 में दुनिया से खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया है।
निष्कर्ष
आज के इस आर्टिकल में हमने आपको ISI full form क्या होता हैं? इसकाक्या उपयो है ? ISI के बारे में दी गई जानकारी आपको समझ आ गई होगी. अगर इससे जुड़ी कोई भी जानकारी आपको चाहिए तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं. और अगर आपको हमारा आर्टिकल पंसद आया है तो इसे ज्यादा से ज्यादा अपने दोस्तों और सोशल मीडिया में शेयर शेयर करें।