यदि आप बिना किसी केटेगरी और स्ट्रक्चर के वेबसाइट में आर्टिकल पोस्ट कर रहे है तो इससे हो सकता है की आप वेबसाइट में एक हाई पोटेंशिअल ट्रैफिक खो रहे हो। अभी भी आप ऐसा कर रहे है तो इससे यह पता चलता की आप वेबसाइट के सही स्ट्रक्चर से परिचित नहीं है। वेबसाइट में कई तरह के केटेगरी और सब केटेगरी उपयोग किये जाते है जो Search Engine और यूजर दोनों को सुविधा देते है। इस आर्टिकल में हम एसईओ साइलो स्ट्रक्चर के बारे में बताने वाले है। जैसे की साइलो स्ट्रक्चर क्या होती है ( What Is Silo Structure in hindi ) , वेबसाइट में सही साइलो स्ट्रक्चर कैसे बनाये इसके फ़ायदे और क्या नुकसान हो सकते है।
Silo Structure क्या होता है
silo structure वेबसाइट के लिए बनाया गया एक प्रकार का साइट स्ट्रक्चर प्लान होता है जहा वेबसाइट की इंटरनल लिंक किसी विशेष पेज से आपस में कनेक्ट होती है। साइलो स्ट्रक्चर का मुख्य उद्देश्य वेबसाइट के पेजो को पदानुक्रम (hierarchy) तरीके से व्यवस्थित करना होता है जहा पर मुख्य पेज अन्य पेजो और पोस्ट के बारे में सामान्य परिचय देने का कार्य करता है। वेबसाइट में साइलो तभी क्रिएट किया जाता है जब पेज इंटरनली आपस में लिंक्ड होकर अन्य पेज के लिए नेविगेशन पथ क्रिएट करके रेलेवेंट टॉपिक या अन्य ब्लॉग के लिए जूस लिंक पास करते है। Silo Structure विशेष रूप से वेबसाइट के लैंडिंग पेज या अन्य कंटेंट के लिए बनाया जा सकता है।

Silo Structure की परिभाषा
Silo Structure में वेबसाइट के कंटेंट को अलग अलग केटेगरी और सब केटेगरी में व्यवस्थित किया जाता है जिससे सर्च इंजन का क्रॉलर वेबसाइट के प्रत्येक पोस्ट को कीवर्ड या टॉपिक के अनुसार अच्छे से समझ सके और इंडेक्स कर सके । साइलो को साधारण शब्दो में समझे तो यह एक तरीका होता है जिससे वेबसाइट के कंटेंट को टॉपिक के अनुसार अलग अलग केटेगरी में रखा जाता है।
यदि आप वेब पेज को SERP में हाई रैंक देना चाहते है तो इसके लिए आपको वेबसाइट के स्ट्रक्चर को बहुत ही क्लीन और वेबसाइट को कंटेंट के अनुसार ग्रुप में व्यवस्थित करना चाहिए। वेबसाइट में किसी एक टॉपिक के बारे में विस्तृत जानकारी देते है तो सर्च इंजन और यूजर की नजर में आप उस niche के एक्सपर्ट माने जाते है।
SEO में Silo Structures का महत्व
अभी तक हमने जाना की What Is Silo Structure in hindi और यह वेबसाइट और SEO के लिए कितना उपयोगी है। नीचे हम वेबसाइट और SEO में इसके महत्त्व को समझेंगे।
User Experience
वेबसाइट का डिजाइन और स्ट्रक्चर सही न होने के कारण भी आपके वेबसाइट पर आने वाला यूजर कुछ सेकंड में वापस जा सकता है , इसलिए वेबसाइट का कंटेंट केटेगरी और सब केटेगरी में सही तरीके से मैनेज होना चाहिए । यूजर को सर्च की जाने वाली जानकारी आसान तरीके से और उससे सम्बंधित अन्य कंटेंट मिलता है तो वेबसाइट में यूजर रुकने की सम्भवना बढ़ जाती है। वेबसाइट में साइलो स्ट्रक्चर का उपयोग करके नेविगेशन को आसान बना कर यूजर एक्सपीरियंस बढ़ाया जा सकता है।
Keyword Context
सर्च इंजन जब वेबसाइट को इंडेक्स करता है तो वह इस बात का हमेशा ध्यान रखता है पोस्ट में इस्तेमाल होने वाला कीवर्ड रेलेवेंट है या नहीं। इसलिए आपको साइलो स्ट्रक्चर या केटेगरी बनाते समय niche और रेलेवेंट कीवर्ड का विशेष ध्यान रखना चाहिए। साइलो में रेलेवेंट टॉपिक ही आपके वेबसाइट को रैंक दिलाने में मदद करता है।
Backlinking and Interlinking
वेबसाइट में बैकलिंक बनाते समय यह सुनिश्चित करना चाहिए की विजिटर को कंटेंट सर्च करने में कोई परेशानी न हो। आप silo structure का इस्तेमाल करके यूजर को सब केटेगरी कंटेंट से टॉप केटेगरी में लिंक करके होम पेज में लाया जा सकता है। इस तरह सर्च इंजन का स्पाइडर आपके पूरे वेबसाइट को क्रॉल और इंडेक्स करेगा। जब आपके वेबसाइट के सभी पेज क्रॉल होंगे तो वेबसाइट के रैंक होने के चांस बढ़ जाते है।
Visible Content
वेबसाइट मे साइलो का इस्तेमाल करने से सही इंटरलिंकिंग होने से सम्भावना बढ़ जाती है जिससे सर्च इंजन आपके वेबसाइट के सभी कंटेंट को क्रॉल और इंडेक्स करता है । सर्च इंजन का क्रॉलर हमेशा इंटरलिंकिंग को खोजता है जिसे आपने silo structure की मदद से बना लिया है। इंटरलिंकिंग करते समय आपको इस बात का हमेशा ध्यान देना चाहिए केटेगरी और सब केटेगरी के टॉपिक रेलेवेंट हो।
वर्डप्रेस वेबसाइट में Silos कैसे बनाये
अभी तक आपने जाना की Whats Is Silo Structure in hindi , अब हम जानेगे की वर्डप्रेस वेबसाइट में साइलो को इम्प्लीमेंट कैसे करें जिससे वेबसाइट को एक डिजाइन दिया जा सके
सबसे पहले आप वेबसाइट का मुख्य Silos निश्चित करे जैसे की यदि आपका वेबसाइट डिजिटल मार्केटिंग से है तो आपका मुख्य Silos “Digital Marketing ” होगा।
अब आप मैन Silos के नीचे category बनाये लेकिन केटेगरी बनाते समय इस बात का ध्यान रहे कि category मैन Silos से सम्बंधित होना चाहिए।
- Email marketing
- Content marketing
- Social media Marketing
- SEO आदि
केटेगरी बन जाने के बाद वेबसाइट के कंटेंट अनुसार सब केटेगरी भी बनाये , केटेगरी जब सब केटेगरी में डिवाइड हो जाती है तो इसे deep साइलो कहते है जो आपके वेबसाइट को अधिक अथॉरिटी और कंटेंट को अधिक व्यवस्थित करने में मदद करता है
इस तरह वेबसाइट में Silos सही तरीके से डिफाइन होने के बाद केटेगरी में आप उपर्युक्त पोस्ट को ऐड कर सकते है
Flat Structure और Silo Structure में अंतर
अभी तक हमने जाना की What Is Seo Silo Structure in hindi और उम्मीद करते है की अभी तक बताई गयी जानकारी आपको पसंद आयी होगी। जब आप वेबसाइट के कंटेंट को Categories या स्ट्रक्चर देते है तो आपके पास अनेको तरीके के केटेगरी डिजाइन होते है जैसे की Flat Structure और Silo Structure लेकिन किस स्ट्रक्चर को कहा इस्तेमाल करना चाहिए और इन दोनों में बेस्ट कौन सा है कैसे जाने
जब आपकी वेबसाइट या ब्लॉग के सभी पोस्ट होम पेज से डायरेक्ट लिंक होते है जिससे आप सिर्फ एक क्लीक से वेबसाइट के होम पेज में जा सकते है तो इसे फ्लैट स्ट्रक्चर कहते है। फ्लैट स्ट्रक्चर में किसी प्रकार की कोई ग्रुपिंग और केटेगरी नहीं बनायीं जाती है।
जब आपके वेबसाइट में अधिक कंटेंट होता है और कंटेंट को विभिन्न केटेगरी में विभाजित किया जाता है तो यहाँ पर फ्लैट स्ट्रक्चर वर्क न करके साइलो स्ट्रक्चर वर्क करता है। यहाँ पर कंटेंट को अलग अलग केटेगरी में विभाजित किया जाता है जिससे सर्च इंजन और विजिटर को वेबसाइट के कंटेंट को समझने में आसानी हो।
FAQs
वेबसाइट के लिए Silo structure अनिवार्य है
किसी भी वेबसाइट में साइलो स्ट्रक्चर अनिवार्य नहीं है लेकिन वेबसाइट बेहतर डिजाइन और यूजर एक्सपीरियंस के लिए इसे इस्तेमाल करना चाहिए
वर्डप्रेस में साइलो स्ट्रक्चर कैसे बनाये
वर्डप्रेस में साइलो स्ट्रक्चर बनाने से पहले आपको यह निश्चित करना होगा की वेबसाइट में कितनी केटेगरी बनायीं जा सकती है। साइलो के लिए टॉपिक के अनुसार कंटेंट को केटेगरी की उप केटेगरी बनाना होगा। उप केटेगरी ही दूसरे लेवल का साइलो स्ट्रक्चर होता है। और लास्ट में वेबसाइट के कंटेंट को मैन केटेगरी और उप केटेगरी में categorise करे।
वर्डप्रेस में कितने साइलो इस्तेमाल किये जा सकते है।
वेबसाइट में साइलो बनने की कोई सीमित संख्या नहीं है यह इस बात पर निर्भर करता है की वेबसाइट कितने केटेगरी और पेज बना सकते है। यदि आपकी वेबसाइट नयी है तो स्टार्टिंग में आप 2 या 3 silos (categories) बनाये और उसके नीचे कई अन्य सम्बंधित साइलो बना सकते है।
निष्कर्ष
इस आर्टिकल में आपने जाना की What Is Seo Silo Structure in hindi और वेबसाइट विजिटर और SEO ट्रैफिक के लिए कितना उपयोगी है। Silo Structure को वेबसाइट में इस्तेमाल करके क्रॉलर बजट को कम किया जा सकता है जिससे वेबसाइट का पूरा कंटेंट इंडेक्स हो सके और अधिक से अधिक ट्रैफिक ड्राइव हो सके । वेबसाइट से सम्बंधित किसी तरह के सवाल और डाउट के लिए नीचे कमेंट करें
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