शिक्षा पूरी होने के बाद अधिकतर लोग जॉब करना चाहते है लेकिन अच्छा नॉलेज , हाई पर्सेंटेज और सर्टिफिकेट होने होने के बावज़ूद सबसे बड़ी चुनौती होती है जॉब पाना। नौकरी पाने के लिए जब हम जाते है तो कंपनी में हमसे पहले हमारा रिज्यूम जाता है और जिसमे हमारी शिक्षा संबंधित जानकारी संक्षिप्त में लिखी रहती है। अगर हमारा रिज्यूम सही तरह से बना है तो हमें इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है जहा हम अपनी काबिलियत को इंटरव्यूर या HR मैनेजर के सामने साबित करते है यदि हमारा रिज्यूम सही से नहीं बना है तो हमें रिजेक्ट कर दिया जाता है और हमें उस जॉब का सही नॉलेज होने के बावजूद अवसर नहीं मिलता है। अब सवाल आता है कि अच्छा resume kaise banaye कैसे बनाये तो इसके लिए नीचे बताये गयी बातो को जाने।
रिज्यूम क्या होता है? Resume kya hota hai
रिज्यूम एक प्रकार का डॉक्यूमेंट होता है जिसमे व्यक्ति का नाम , ईमेल एड्रेस , पता , योग्यता ,उपलब्धियों , पेरेंट्स का नाम , शौक , जन्म तारीख का के बारे में संक्षिप्त विवरण दिया जाता है। रिज्यूमे का साइज अधिक बड़ा न होकर एक या दो पेज का होता है इसमें उन बातों को शामिल किया जाता है जिससे एक उम्मीदवार को जॉब के लिए आवश्यक होती है।
रिज्यूम का उददेश्य क्या है?
रिज्यूम का मुख्य उदेश्य एक डॉक्युमनेट के माध्यम से इंटरव्यूर या HR मैनेजर के सामने आपकी छवि को दर्शना । किसी भी कम्पनी या संस्थान में सबसे पहले आपका रिज्यूमे जाता है और रिज्यूमे ही ऐसा पहला डॉक्यूमेंट है जो आपके द्वारा अप्लाई किये गए जॉब में सिलेक्शन का पहला प्रोसेस पूरा करता है और फिर इंटरव्यूर या HR मैनेजर द्वारा आपको बुलाया जाता है।
रिज्यूम में कौन सी बातें होना चाहिए
जैसे की आपको पता है कि रिज्यूमे जॉब में अप्लाई करने का सबसे पहला प्रोसेस होता है।आपकी जानकारी के लिए बता दे की कंपनी में जो भी सिलेक्शन करता है उसके पास दिन में 20 से 100 रिज्यूमे आती है और आपकी रिज्यूमे को शॉर्टलिस्ट करने के लिए उसके पास सिर्फ 10 से 30 सेकंड का समय होता है इसलिए रिज्यूमे को अट्रैक्टिव , क्लियर फॉण्ट और सिर्फ उन बातो को मेंशन करें जो उस जॉब से सम्बंधित हो और आपकी आवश्यक जानकारी को दर्शाये ।
कुछ लोग रिज्यूम में उन सभी बातों को बताते का प्रयास करते है जो उस जॉब से बिल्कुल भी संबधित नहीं होती है। इंटरव्यूर या HR मैनेजर को आपकी पर्सनल लाइफ , शौक , अचीवमेंट , फैमिली आदि से अधिक मतलब नहीं रहता है। इसका सीधा मतलब है की इंटरव्यूर या HR मैनेजर आपका सिलेक्शन कंपनी कि जरूरतों को पूरा करने के लिए करता है।
रिज्यूम इस्तेमाल कहा किया जाता है
आपमें से बहुत से लोग होंगे जिसे रिज्यूम , सीवी , बायोडाटा , पोर्टफोलियो का सही इस्तेमाल ,अंतर और इस्तेमाल नहीं आता है औरइनमे से कोई भी डॉक्यूमेंट मांगने पर वह रिज्यूमे ही भेज देते है। आपकी जानकारी के लिए बता दे की इन सभी डॉक्यूमेंट का अपना एक अलग डिज़ाइन होता है और इस्तेमाल होता है। रिज्यूमे का सही इस्तेमाल आपकी प्रारंभिक (पहली ) जॉब में अप्लाई के लिए किया जाता है जहा पर आपने जो कार्य सीखा है उसका सर्टिफिकेट , डिग्री , डिप्लोमा आदि आपके पास है और उसके लिए आपको जॉब चाहिए लेकिन कार्य का कोई एक्सपीरियंस नहीं है।
रिज्यूमे का सही इस्तेमाल आप उस जगह कर सकते है जहा आपको अपनी प्रोफाइल के अनुसार जॉब मिल सकती है जैसे की कंपनी , इंस्टिट्यूट , जॉब पोर्टल ( naukari.com , indeed.com ) , ऑफिस आदि जगह।
रिज्यूम बनाते समय कुछ ध्यान रखने योग्य बातें
resume kaise banaye यह जानने से पहले आपको यह जानना बेहद जरूरी है कि रिज्यूम में कौन से पॉइंट होने चाहिए जिससे हमारी रिज्यूम देखने वाले को अट्रैक्टिव लगे। एक अच्छी और प्रोफेशनल रिज्यूम बनाने से सम्बंधित कुछ बातें नीचे हमने बताई है जिन्हे रिज्यूमे बनाते समय आपको जरूर देखना चाहिए ।
- रिज्यूम एक या दो पेज से अधिक नहीं होना चाहिए और उसमे आपकी पर्सनल , योग्यता , का संक्षिप्त में विवरण होना चाहिए।
- रिज्यूमे को जॉब के अनुसार अपडेट करना चाहिए मतलब की आप जिस प्रोफाइल के लिए अप्लाई करने वाले है रिज्यूमे उसी के अनुसार कस्टमाइज होना चाहिए।
- Resume को बनाते समय सही और प्रोफेशनल फॉण्ट का इस्तेमाल करना चाहिए रिज्यूमे में कभी भी स्टैलिक , फैंसी , कर्सिव लेटर फॉण्ट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
- ग्रामर और स्पेलिंग मिस्टेक पर विशेष ध्यान देना चाहिए
- रिज्यूम में किसी तरह का बैकग्रॉउंड और पिक्चर इस्तेमाल न करे
- रिज्यूमे में लिखी जाने वाली जानकारी आपसे सम्बंधित होना चाहिए और उसके बारे में आपको सही जानकारी होनी चाहिए।
- अधिक पर्सनल और प्राइवेट बातों को कभी भी रिज्यूमे में मेंशन न करे यह आपके छवि को गलत दर्शाती है।
रिज्यूम कैसे बनाये resume kaise banaye
अभी तक हमने जाना की रिज्यूम क्या होता है और इसका सही इस्तेमाल और बनाते समय ध्यान देने योग्य बातो पर चर्चा किया। अब सवाल आता है कि resume kaise banaye। आपमें से अधिकतर लोग रिज्यूम बनाने के लिए दूसरो का सहारा लेते या फिर साइबर कैफ़े जाते है और वहा से कुछ पैसे देकर रिज्यूमे बनवाते है। अधिकतर साइबर कैफ़े वालो को भी रिज्यूमे का फॉर्मेट बनाना नहीं आता है साइबर कैफ़े वाले पहले से बने रिज्यूम का एक फॉर्मेट रखते है और उसमे आपकी जानकारी को कट , कॉपी और पेस्ट करते है। यह बात हमने पहले ही बता दिया है कि रिज्यूमे किसी भी कंपनी में आपको प्रेजेंट करने का सबसे पहला माध्यम होता है इसलिए रिज्यूमे को हमेशा अट्रैक्टिव बनाना चाहिए।

संपर्क की जानकारी : रिज्यूम में सबसे ऊपर आपका नाम ,ईमेल आईडी , फ़ोन नंबर और एड्रेस होना चाहिए। अधिकतर इंटरव्यूर या HR मैनेजर रिज्यूमे को ऊपर से नीचे की तरफ देखते है और फिर रिज्यूमे को ऊपर लाते है और अगर उनको आपकी रिज्यूमे अच्छी लगती है तो संपर्क की जानकारी ऊपर रहने से कांटेक्ट करना आसान होता है।
CAREER OBJECTIVE : : यहाँ पर आपको यह बताना है की आप अपने नॉलेज और सटिफिकेट के आधार पर किस तरह के कार्य को करने में सक्षम है। जैसे की आपको कंप्यूटर आता है तो आप लिख सकते है कि मैं अपने नॉलेज के आधार पर किसी भी आईटी कंपनी में संसाधनों का उपयोग करके डेस्कटॉप सपोर्ट इंजीनियर का कार्य करने के लिए जॉब की तलाश कर रहा हूँ।
ACADEMIC QUALIFICATIONS : : यहाँ पर आपको अपने स्कूल , कॉलेज से प्राप्त शिक्षा के बारे में संक्षिप्त बताना है। रिज्यूम में क्वालिफिकेशन लिखते समय हाईएस्ट क्वालिफिकेशन को सबसे ऊपर रखे। शैक्षणिक योग्यता का सही फॉर्मेट यह है की आप टेबल का इस्तेमाल करे। क्वालिफिकेशन के टेबल में एग्जाम का नाम ,कॉलेज/यूनिवर्सिटी और किस साल पास किया होना चाहिए। यदि सभी एग्जाम में आपने 60 % के ऊपर अंक प्राप्त किया हैतभी टेबल में प्रतिशत का कॉलम जोड़े नहीं तो इसे इग्नोर करे।
PROFESSIONAL QUALIFICATIONS : यहाँ पर आपको उस विषय के बारे में बताना है जिसके आधार पर आप जॉब करना चाहते है। यदि आपने स्कूल और कॉलेज के आलावा कुछ नहीं किया है तो इस हैडिंग को हटा सकते है। यदि आपने प्रोफेशनल कोर्स किया है जैसे की आपने कंप्यूटर का कोर्स किया है तो आप यहाँ बता सकते है की आपने इस इंस्टिट्यूट से इस साल में यह कोर्स किया है।
EXPERIENCE : इसमें आपको कुछ नहीं लिखना है रिज्यूमे एक प्रेशर कंडीडेट के लिए होता है। जब आपको एक या दो साल का एक्सपीरियंस होगा तब आप एक्सपीरियंस की हैडिंग डाल कर उसमे कंपनी , अपना प्रोफाइल और कितने साल काम किया आदि जानकारी दे सकते है और रिज्यूमे का नाम बदल कर सीवी (CV ) कर सकते है।
EXTRA CARRICULAR ACTIVITIES (अतिरिक्त कोर्स ): यहाँ पर स्कूल / कॉलेज या संस्थान में पढ़ाई के आलावा प्रतिस्पर्धाओ में भाग लिए अनुभव सर्टिफिकेट और रूचि को शार्ट में बता सकते है। उदाहरण के लिए आपने मैराथन में भाग लिया , कल्चर प्रोग्राम में भाग लिया , NCC का सर्टिफिकेट लिया आदि।
PERSONAL PROFILE : इस हैडिंग में आप को अपने पर्सनल डिटेल्स और फैमिली डिटेल्स के बारे में बताना है जैसे कि जन्म तारीख , पेरेंट्स नाम , नेशनलीटी , धर्म मैरिटल स्टेटस , भाषाओ का ज्ञान ,हॉबी और स्ट्रेंग्थ्स आदि।
DECLARATION : इस आप यह बता सकते है की आपने ऊपर बताई जाने वाली जानकारी सही और सत्य है। इसके नीचे अपना नाम और date डाल कर सिग्नेचर करें।
Mobile से रिज्यूम कैसे बनाये
ऊपर हमने बताया आप कि आप एक अट्रैक्टिव resume kaise banaye । रिज्यूम बनाने के प्रोसेस को जानने के बाद आपके पास एक सवाल आया होगा कि इसे किस सिस्टम से बनाये। रिज्यूम या किसी भी तरह के डॉक्यूमेंट को बनाने के लिए आप कंप्यूटर , लैपटॉप में MS Office Words का इस्तेमाल कर सकते है और टेबलेट और स्मार्टफोन से रिज्यूम बनाने के लिए google Docs का इस्तेमाल कर सकते है। यदि आपको रिज्यूम को अच्छी तरह से और अट्रैक्टिव बनाना है तो इसके लिए आप एंड्राइड ऐप्स का इस्तेमाल भी कर सकते है। नीचे हमने कुछ ऐप्स के बारे में बताया है जिसे अपने स्मार्टफोन में इनस्टॉल कर सकते है।
अभी तक आपने जाना कि resume kaise banaye और एक प्रोफेशनल रिज्यूमे को बनाते समय में कौन से गलतिया नहीं करनी चाहिए। उम्मीद करते है कि अब आप अपने लिए एक अच्छी रिज्यूम बना पाएंगे और अच्छी जॉब के लिए अप्लाई कर पाएंगे। आपके कमेंट और फीडबैक हमारे आने वाले आर्टिकल को और बेहतर बनाने में हेल्प करते है।
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