लिनक्स और विंडोज (Linux vs windows)में अंतर किसे इस्तेमाल करना चाहिए और क्यों ? विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम हमारे लिए अच्छा है या लिनक्स किसके क्या फ़ायदे ,नुकसान है इस आर्टिकल के माध्यम से इसी पर हम चर्चा करेंगे और आपको बताएँगे की किसके लिए कौन सा ऑपरेटिंग सिस्टम अच्छा होगा ।
ऐसा भी एक समय था, जब कंप्यूटर में ऑपरेटिंग सिस्टम के स्थान पर एक विशेष मशीन के लिए विशेष कोडिंग से सॉफ्टवेयर निर्माण किया जाता था । जो उस विशेष मशीन में ही चल सकता था,
क्योंकि उस समय हर मशीन के हार्डवेयर कंफीग्रेशन थोड़े थोड़े डिफरेंट होते थे। इस समय नया ऑपरेटिंग सिस्टम CPM (कंट्रोल प्रोग्राम्स ऑफ माइक्रोकम्प्यूटर्स) चर्चा में आया । किंतु फिर बिल गेट्स, जो वर्तमान में माइक्रोसॉफ्ट के मालिक हैं, उन्होंने IBM के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम DOS (डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम)डिजाइन किया ।
और कुछ समय बाद DOS पर ही विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम को लाया गया। जिसके पहले वर्जन विंडोज DOS के बाद बहुत से अपग्रेड वर्जन आए और वर्तमान में Windows10 चर्चा में हैं। विंडोज के कुछ समय बाद ही लिनक्स भी ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में खूब चर्चित रहा।
और बाद में iOS एंड्रॉयड जैसे और भी ऑपरेटिंग सिस्टम चर्चा में आए। हमने ऑपरेटिंग सिस्टम का इतिहास तो यह जाने बगैर ही जान लिया की ऑपरेटिंग सिस्टम होता क्या हैं? दरअसल ऑपरेटिंग सिस्टम एक प्रोग्राम हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य कंप्यूटर हार्डवेयर का नियंत्रण है।
यह यूजर्स और हार्डवेयर के मध्य माध्यम अर्थात इनके बीच पूल का कार्य करता हैं। सरल शब्दों में कहें तो ऑपरेटिंग सिस्टम की वजह से ही कंप्यूटर हमारे दिए गए कमांड को समझ पाता है।
Windows और लिनक्स (Linux vs windows) ऑपरेटिंग सिस्टम्स की श्रेष्ठता पर आज भी विवाद है। इनके यूजर्स के मध्य पर्याप्त असहमति भी है, इसलिए इस आर्टिकल में लिनक्स और विंडोज (Linux vs windows) ऑपरेटिंग सिस्टम की परिभाषा, उपयोग, फायदे, निर्देशिकाओं के आधार पर चर्चा करके इनके अंतर पर बात करेंगे। और आपकी जिज्ञासा की पुष्टि करने का प्रयास करेंगे।
लिनक्स क्या है?
लिनक्स के पहले ऐसा कोई भी प्लेटफार्म नही था, जो ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम हो या फ्री में प्रोवाइडेड हो या फिर जिस पर हर अपने हिसाब से संशोधन करके प्रोग्राम्स को रन व एग्जीक्यूट कर सकें।
वास्तव में लिनक्स UNIX स्टैंडर्ड पर आधारित एक फ्री व ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम है। जिसका पहला संस्करण 1991 में Linus Torvalds द्वारा जारी किया गया।
जिसकी सबसे खास बात यह है की यह (PUI) प्रोग्रामिंग यूजर इंटरफेस के साथ ही (GUI) ग्राफिक यूजर इंटरफेस भी प्रदान करता है।आमतौर पर यह प्रोग्राम्स के मध्य काफी लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम है। लिनक्स के लाइसेंस को GPLV 2 (General Public License, version 2) के अंतर्गत रखा गया है।
सभी ओपरेटिंग सिस्टम के कुछ महत्वपूर्ण अंग होते हैं। Kernal इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है, हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर के मध्य पुल का कार्य करता है, यदि ऑपरेटिंग सिस्टम को बिल्डिंग के नजरिए से देखा जाए, तो कर्नल को नींव मानने में कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।
इसके अलावा सिस्टम लाइब्रेरी और सिस्टम यूटिलिटी भी टास्क को स्टोर, एक्सेस व एग्जीक्यूट करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। इन्हे लेस कमांड द्वारा रन किया जाता है।
वस्तुतः लिनक्स सर्वर हेतु उपयोग किया जाता है,लेकिन इसका डेस्कटॉप संस्करण भी उपलब्ध है। फेडोरा व उबंटू इसके लोकप्रिय वितरण हैं। हालांकि RedHat enterprise Linux और SUSE Linux Enterprise Server (SLES) हमारे पास लिनक्स के कमर्शियल डिस्ट्रीब्यूशनस उपलब्ध हैं।
लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के बहुत से विशेष फायदे भी हैं। यह एक मल्टी प्रग्रामेबल सिस्टम है, जो बहुत सारे प्रोग्राम्स को एक साथ रन करने में सक्षम है।
इसके सिक्योरिटी फीचर्स भी अन्य ओपरेटिंग सिस्टम से बेहतर है और विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम से कई गुना अधिक तेज़ी से कार्य करता है। इसमें ओपनसोर्स ,सिक्योर , iptables ,मजबूत फ़ायरवॉल होने के कारण हैकिंग, malware व वायरस अटैक का खतरा भी बहुत कम होता है। इसमें काफी हद तक एंटी वायरस की आवश्यकता नही होती है।
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विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है ?
माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन द्वारा डेवलप किया गया, माइक्रोसॉफ्ट विंडोज़, ग्राफिक यूजर इंटरफेस पर आधारित एक ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो उपयोग में बहुत ही आसान, यूज़र फ्रैंडली और सबसे अधिक उपयोग में आने वाला व लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम हैI ग्राफिक यूजर इंटरफेस के आने के पहले हम MS-DOS के कमांड लाइन का उपयोग किया करते थे
इसमें टास्क परफॉर्म करने हेतु कुछ निर्देश को याद रखना पड़ता था, किंतु ग्राफिकल डिस्प्ले के कारण माइक्रोसॉफ्ट ज्यादा लोकप्रिय हुआ, इसमें माउस के नेविगेशन से और कर्सर के मूवमेंट से स्क्रीन में क्लिक करके ही टास्क परफॉर्म किया जाता है।
अब तक इसके Windows 98,Windows 2000, Windows XP, Windows Vista, Windows 7, Windows 8 लोकप्रिय रहे और अब वर्तमान में windows 10 सर्वाधिक इस्तेमाल में है। इसके बहुत से फायदे व साथ ही आज के समय की बात करें तो बहुत से नुकसान भी देखने को मिलते हैं।
Windows ने समय के साथ अपने सिस्टम में बहुत से परिवर्तन किए और बहुत अपग्रेड भी किया है, पुराने संस्करण में इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोग्राम्स को इसके संस्करण भी सपोर्ट करते हैं।
असल में अब इसे रन करना बहुत ही आसान हो गया है, इसकी लोकप्रियता के कारण इसके यूजर्स भी बहुत हैं, इस वजह से इसका सिक्योरिटी सिस्टम थोड़ा ढीला है,
इसमें ट्रैफिक बहुत ज्यादा होने की वजह से मैलवेयर और वायरस अटैक्स के खतरे बहुत अधिक हैं, अपेक्षाकृत हैकिंग का खतरा भी इसमें ज्यादा है। समय समय पर रिबूट नही किए जाने पर सिस्टम समय के साथ धीमा भी होने लगता है। इसके अलावा इसकी कीमत भी अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम्स के मुकाबले अधिक है।
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विंडोज और लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में अंतर (Linux vs windows)
| विषय | Linux ऑपरेटिंग सिस्टम | Windows ऑपरेटिंग सिस्टम |
|---|---|---|
| कर्नल | Linux में monolithic कर्नल का इस्तेमाल किया जाता है। | Windows में Micro कर्नल का प्रयोग होता है। |
| गति | अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम की तुलना में यह तेज ऑपरेटिंग सिस्टम है। | समय के साथ गति धीमी होती जाती है। |
| Cost | Linux एक फ्री और ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म है। | Windows ऑपरेटिंग सिस्टम के लाइसेंस को खरीदना पड़ता है । |
| संशोधन | Linux के बहुत से डिस्ट्रीब्यूशन हैं, जिनमें उपयोगकर्ता अपने जरूरत के हिसाब से चुनाव ,संशोधन कर सकते हैं। | Windows में बहुत कम संशोधन मुमकिन हैं। इसका सिर्फ एक ही डिस्ट्रीब्यूशन उपलब्ध है |
| लाइसेन्स | Linux के लाइसेन्स को GPLV2 के अंतर्गत रखा गया है, जिसमें यूजर सॉफ्टवेयर को संशोधित करने में सक्षम हैंI | Windows को Microsoft के प्रोपराइटरी कमर्शियल सॉफ्टवेयर के अंतर्गत रखा गया है, इसमे यूजर सोर्स कोड तक नही पहुंच सकते। |
| ऑपरेटिंग सिस्टम | लिनक्स CLI (कमांड लाइन इंटरफेस) और GUI (Graphical User Interface) पर आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम है I | विंडोस GUI ग्राफिकल यूजर इंटरफेस पर आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम है I |
| उपयोग | इसका उपयोग थोड़ा कठिन है, लेकिन यह कठिन टास्क को भी बहुत आसानी से कम्प्लीट करने में सक्षम हैI | इसका उपयोग बहुत आसान है,लेकिन यह इंस्टॉल होने में समय लगता हैI |
| सुरक्षा | Linux windows की तुलना में अधिक सिक्योर है, लिनक्स के यूजर कम होने के वजह से इसमे मालवेयर, वायरस का खतरा बहुत कम है I | Windows मे हैकर्स, वायरस , डेवलपर्स और मालवेयरस् का खतरा सबसे अधिक है, बिना antivirus के सिस्टम को ध्वस्त भी कर सकता है। |
| File name | Case Sensitive | Case Insensitive |
| गेमिंग | Linux गेमिंग के क्षेत्र मे अभी कार्यरत है। | GUI के उपयोग और अधिक प्रचलित होने के कारण यह गेमिंग में लिनक्स की अपेक्षा आगे है I |
निष्कर्ष
इस आर्टिकल में हमने देखा, लिनक्स और विंडोज में अंतर (Linux vs windows) में दोनो की अपनी अलग-अलग महत्ता है, वैसे ही अपने अपने फायदे और नुकसान भी हैं, windows GUI के कारण उपयोग में बहुत ही सुंदर व सरल है,
लेकिन यह फ्री और ओपन सोर्स नहीं है। हालाँकि Linux फ्री, ओपन सोर्स, कस्टमाइजेबल तथा सिक्योर है, लेकिन नान प्रोग्रामिंग बैकग्राउंड से आने वाले उपयोगकर्ता के लिए थोड़ा कठिन हो सकता है।
अभी सॉफ्टवेयर के युग में Linux की लोकप्रियता बढ़ी है। आज हम लगभग हर डिवाइस (स्मार्टफोन, ac, television) Linux के ही सोर्स कोड का उपयोग कर रहे हैं, Linux अपने और भी उज्जवल भविष्य में तैयारी हेतु लगातर कार्य कर रहा है। टेक्निकल से सम्बंधित आर्टिकल को डिटेल्स में इंग्लिश में पढ़ने के लिए simitech.in पर जाये















