हम आपको अपने इस पोस्ट के माध्यम से सामान्य ज्ञान से सम्बंधित एक महत्वपूर्ण जानकारी साँझा करने जा रहे है जोकि आपके बहुत काम आ सकती है सामान्य ज्ञान से समबन्धित होने के साथ ये जानकारी तकनीकी जगत से भी जुडी हुई,आज हम आपको अपने इस पोस्ट में सीडी (CD full from Compact disk) के बारे कुछ महत्वपूर्ण तथ्य बताने जा रहे है जैसे की सीडी क्या होती है , इसका फुल फॉर्म क्या (CD Full Form ) होती है इसको कहा और कैसे उपयोग किया जाता है और यह कितने प्रकार की होती है आदि।
वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी का विकास बहुत तेजी से उपयोग हो रहा विशेष रूप से इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (information Technology) में ,जैसा की हम देख रहे है कि इस एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (Advance Technology) के कारण हमारे पास अब ऐसे बहुत सारे Devices और सर्विस उपलब्ध है जिनमे हम अपने जरुरी Digital data को आसानी से के वर्षों तक बिना डाटा के ख़राब हुए स्टोर करके रख सकते है जैसे कि Movies ,Images ,Personal Documents ,आदि
अगर पिछले 20 से 25 सालो कि बात करे डाटा को स्टोर करने के लिए किसी सस्ते और लंबे समय तक डाटा को स्टोर करना ये थोड़ा मुश्किल था किसी प्रकार के डिजिटल डाटा को एक स्थान से दूसरे स्थान लेकर जाना बहुत मुश्किल होता था या फिर बहुत महंगा पड़ता था क्योकि उस समय हमारे पास ऐसे उपकरण और टेक्नोलॉजी उपलब्ध नहीं थे
लेकिन इस समय एडवांस टेक्नोलॉजी (Advance Technology) आने के कारण किसी तरह के डिजिटल डाटा (Digital Data ) स्टोर करना और किसी दूसरे स्थान पर लेकर जाना बहुत आसान और सस्ता पड़ता है ,उस समय हम CD (compact disc ) में डाटा को स्टोर करते थे।
सीडी का फुल फॉर्म CD Full Form
सीडी का फुल फॉर्म compact disk होता है और इसके बहुत सारे वर्शन होते है जिसे हम जरुरत के अनुसार उपयोग करते है।
Cd Full Form = compact disc
सीडी क्या है। What Is CD
CD जिसका फुल फॉर्म Compact Disc है एक प्रकार प्लास्टिक मटेरियल में बनी एक छोटी गोल डिस्क होती है जिसका एक साइड में पेंट या फिर की स्टीकर लगाया जाता है जहा पर उसका नाम लेबल या कुछ भी लिखने के लिए पेन और मार्कर का इस्तेमाल कर सकते है और इसके दूसरे साइड में रेडियम के जैसे चमकीली होती है जहा पर एल्युमीनियम की पतली एवं चमकदार परत का इस्तेमाल करके डाटा को स्टोर किया जाता है इसमें लगभग 700 MB तक का डाटा स्टोर किया जाता है इस टेक्नोलॉजी में आप अपना किसी भी तरह का DIgital Data जैसे की फोटो , वीडियो, गेम्स, ऑफिस का डाटा , गाने , सॉफ्टवेयर को वर्षो तक बिना ख़राब हुए स्टोर करने के लिए उपयोग किया जाता है।
सीडी में आप Data को बार स्टोर कर सकते है जिसे टेक्निकल की भाषा में write करना कहते है जिसके बाद आप इसके डाटा को अनेको बार Read कर सकते है। CD का उपयोग पहले केवल Audio को Record करने के लिए किया जाता था लेकिन बाद में Developers ने इसको और एडवांस करके सभी प्रकार के डाटा को Store करने के लिए उपयोगी (Compitable) बना दिया।
CD में data को Read करने के लिए कंप्यूटर, लैपटॉप या फिर किसी तरह के ड्राइव या फिर प्लेयर का इस्तेमाल करते है जिसकी सहायता से CD में उपलब्ध data को बहुत आसानी से Read किया जाता है इसे Compact disc के आलावा Optical disc भी कहते है।
सीडी का अविष्कार एवं संक्षिप्त इतिहास.
CD का अविष्कार किसी एक आदमी के द्वारा नहीं किया गया है इसके हर एक पार्ट के लिए अनेक लोग का योगदान है लेकिन वैज्ञानिक James Russell को CD का जनक माना जाता है इन्होने इसे सन 1965 में इसका अविष्कार किया था ,कुछ समय के पश्चात् उन्होंने CD के सभी अधिकार और Rights Philips और Sony को बेच दिए थे ,CD बनाए जाने की शुरुवात 17 अगस्त 1982 को Philips के कारखाने में हुए जो जर्मनी में स्थित है । धीरे -धीरे CD की मांग दुनिया में बहुत अधिक बढ़ गयी और 2007 तक समस्त विश्व में लगभग 200 बिलियन तक CD बेचीं जा चुकी थी।
सीडी कैसे बनती है।
CD को बनाने के लिए एक विशेष प्रकार का Material इस्तेमाल किया जाता है जिसको Poly Corbonate Plastic कहा जाता है ,एक CD को बनाने के लिए 1.2 MM मोटी PolyCorbonate Plastic का इस्तेमाल किया जाता ,CD के दूसरी तरफ एल्युमीनियम की पतली एवं चमकदार परत होती है जो इसको आकर्षित बनाती है।
सीडी कैसे काम करती है।
जैसा की हम जानते है की किसी भी CD को Read करने के लिए एक Drive की जरुरत पड़ती है जिससे आप उसमे कुछ Write मतलब की कुछ लिखकर डाटा को स्टोर कर सकते है ,क्योंकि CD -R में एक लेज़र लाइट नॉन रिफ्लेक्टिव एरिया होता है इसमें एक हरे रंग की अतिरिक्त Layer होती है जोकि Laser को बहुत ही आसानी से Modify कर सकती है।
किसी भी Common CD पर एक एल्युमीनियम का कवर होता है मगर CD -R प्लास्टिक से बनी हुई होती है जिसमे अंदर Dye और Gold layer को रखा जाता है जब कोई Laser किसी Dye पर गिरती है तो उसमे चमक पैदा होती है और Gold layer की वजह से उसमे Reflection होता है CD -R का पूरा surface reflected होता है।
जब आप CD -R में कुछ लिखने का प्रयास करते है तो पड़ने वाली Laser Dye को गरम कर देती है और उसकी पारदर्शिता में बदलाव आ जाता है इस बात ये पता चलता है CD -R की Dye प्रकाश में आते ही अपना रंग परिवर्तित कर लेती है जिसके कारण हम इसके Data को Read और write कर सकते है।
CD के प्रकार Type Of CD
सीडी उपयोगिता के आधार पर मुख्यता दो प्रकार की होती है जिसे नीचे एक एक कर के देखेंगे।
CD -R क्या होती है
इसकी Full Form CD Recordable Disc होती है ,ये एक ऐसी Disc होती है जिसमे आप एक बार किसी प्रकार के डाटा जैसे की Movie , Software , गाने , Photo , पर्सनल कोई डाटा इत्यादि को Write करके उस डाटा को अनेको बार Read कर सकते है। लेकिन एक बार डाटा write करने के बाद इसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं कर सकते या फिर डाटा की डिलीट भी नहीं कर सकते है इसमें data को store करना बहुत आसान होता है आप इसमें data को किसी भी विशेष उपकरण जिसे CD Drive कहते है और विशेष सॉफ्टवेर (CD Burning Software)का उपयोग करते है लेकिन CD में स्टोर डाटा को Read करने के लिए आपको किसी भी प्रकार के सॉफ्टवेयर की जरुरत नहीं पड़ती है
CD –RW क्या होती है
CD -RW की फुल फॉर्म कॉम्पैक्ट डिस्क रीड राइट (Compact Disc Read And Write) होती है ये डिस्क CD -R की तुलना में भिन्न होती है जिसमे data को बार -बार write किया जा सकता है जबकि CD -R में केवल एक बार ही डाटा को write कर सकते है। इस डिस्क को आप किसी भी Reader में रीड कर सकते मगर write करने के लिए CD राइटर की आवश्यकता पड़ती है। जब आप इसके डाटा को डिलीट करते है तो वो पूरी तरह से Delete हो जाता है यही कारण है इसका उपयोग Confidental data को स्टोर करने के लिए किया जाता है। इसको बनाने के लिए सिल्वर ,एंटीमनी ,एवं टेल्यूरियम जैसी धातुओं को उपयोग किया जाता है। यह CD -R की तुलना में थोड़ा सस्ता होती है।
टेक्निकल भाषा में CD/DVD में डाटा को स्टोर करने की प्रक्रिया को Write या फिर Burning कहते है और CD या /DVD में स्टोर डाटा को पढ़ने की प्रक्रिया को रीड (READ)कहते है।
CD में डाटा स्टोर करने के क्षमता और साइज
सीडी भिन्न -भिन्न स्टोरेज एवं साइज के अनुसार मार्किट में उपलब्ध है मगर सामान्य CD का साइज 4.7 inches होता है और सामन्यतः एक CD में 700 से लेकर 737 MB तक data store किया जा सकता है।
सीडी को उपयोग करने के लाभ
CD से होने वाले लाभ कुछ इस प्रकार है –
- CD को बनाना एवं खरीदना बहुत आसान होता है।
- सभी कंप्यूटर एवं लैपटॉप बहुत आसानी से CD को रीड कर सकते है
- CD को DVD drive में भी रीड कर सकते है।
- CD में data को ट्रांसफर करने की गति बहुत तेज होती है।
- इसका साइज छोटा होने के कारण आप इसको आसानी से कही भी ले जा सकते है।
- इसमें डाटा को store करना बहुत आसान है।
- यह मार्किट में आपको आसानी से और सस्ते रेट में मिल जाती
CD को उपयोग करने के नुकसान
CD के कारण होने वाले नुकसान कुछ इस प्रकार है –
- यदि CD में आसानी से खरोच के निशान आ जाने पर इसमें स्टोर किये गए डाटा को पढ़ना मुश्किल होता है।
- piracy को बढ़ावा देती है
- स्टोरेज क्षमता बहुत कम होती है
सीडी और DVD में क्या अंतर है।
- CD को Compact disc कहते है जबकि DVD को Digital versatile Disc या फिर digital video disc कहा जाता है।।
- CD का स्टोरेज DVD की तुलना में बहुत कम होता है।
- DVD की Write करने की क्षमता CD की तुलना में 10 गुना अधिक होती है।
निष्कर्ष
इस आर्टिकल के माध्यम से हमने cd का फुल फॉर्म (CD Full Form ) क्या होता है इसके क्या उपयोग है और यह कितने प्रकार की होती है इत्यादि के बारे में जाना उम्मीद करते है की इस आर्टिकल में आपको CD Full Form से संबधित सभी तरह के डाउट दूर हो गए होंगे तो इस पोस्ट को अधिक से अधिक अपने दोस्तों और अपने सोशल मीडिया जैसे की फेसबुक , इंस्टग्राम , whatsapp में शेयर करे और नीचे कमेंट में अपना सुझाव दे
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