सीबीएसई राष्ट्रीय स्तर का एजुकेशन बोर्ड है जिसे इंडियन एजुकेशन संस्थान द्वारा संचालित किया जाता है। सीबीएसई का पूरा नाम (CBSE Full Form In Hindi ) सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (Central Board of Secondary Education.)है, जिसको हिंदी में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के नाम से भी जाना जाता हैं। सीबीएसई अंतर्गत सरकारी और निजी दोनों तरह के स्कूल आते हैं जिस पर पूर्ण रूप से केंद्र और राज्य सरकार के नियमो से संचालित किया जाता है।
आज के समय में अधिकतर पेरेंट्स अपने बच्चों को सीबीएसई स्कूल में पढ़ाना चाहते है। सीबीएसई के स्कूल को लेकर लोगों का मानना है कि यहाँ से पढ़े हुए बच्चे सरकारी , प्राइवेट और फिर स्वयं के बिज़नेस के लिए सही शिक्षा प्राप्त कर पाते है ।
वर्तमान समय में हर विद्यार्थियों के अभिभावक अपने बच्चों को सीबीएसई स्कूल में पढाने की कोशिश भी करते हैं। माता पिता अपने बच्चे का एडमिशन कराते समय स्कूल के बोर्ड पर विशेष ध्यान देते है वैसे इंडिया में अनेको शिक्षा बोर्ड है लेकिन उनमे CBSE का नाम सबसे पहले आता है क्योकि स्कूल द्वारा दी जाने वाली अच्छी शिक्षा ही है
जो विद्यार्थियों को उनके भविष्य का कैरियर बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए लिए हर अभिभावक चाहता है कि उसका बच्चा अच्छे स्कूल में पढ़े और अपना अच्छा भविष्य बनाये ।
Central Board of Secondary Education
CBSE Board की स्थापना कब हुई?
आपको जान कर हैरानी होगी की भारत में सीबीएसई की शुरूआत ब्रिटिश हुकूमत के दौर से हुई, साल 1929 में भारत सरकार ने बोर्ड ऑफ हाई स्कूल एंड इंटरमीडिएट एजुकेशनल राजपूताना नाम के एक सहकारी बोर्ड का गठन किया। सबसे पहले ये बोर्ड सिर्फ अजमेर, मेरवाड़ा, ग्वालियर और मध्य भारत के क्षेत्रों में ही हुआ करते थे । 1952 में यानी आजादी के कुछ सालों बाद केंद्र सरकार ने इस बोर्ड का नाम बदल कर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी की CBSE रख दिया ।
सीबीएसई का एग्जाम पैटर्न कैसा होता है ?
सीबीएसई का सबसे बड़ा उद्देश्य शिक्षा में सुधार करना जिससे छात्रों को नौकरियों और अन्य व्यवसाय के लिए तैयार करना और दूसरा उद्देश्य यह भी है अध्यापकों में पाठ्यक्रम सम्बन्धी बौद्धिक विकास करना और प्रबन्धकीय गुण विकसित करना इन सबके लिए समय समय पर अनेको सर्विस और वर्कशाप प्रोग्राम कराये जाते है । सीबीएसई बोर्ड से छात्रों का कक्षा 10 और 12 की परीक्षायें सम्पन्न कराना साथ ही देश का शैक्षिक स्तर ऊँचा करना।
अगर हम सीबीएसई बोर्ड के नए पाठ्यक्रम की बात करें तो 2021-22 के लिए सीबीएसई बोर्ड ने नया असेसमेंट और ईवैल्यूएशन पैटर्न तैयार किया है। इसमें नई मूल्यांकन प्रक्रिया कंपीटेंसी बेस्ड एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है।
सीबीएसई में पढ़ने के लाभ
सीबीएसई बोर्ड में राज्य बोर्ड के अंदर आने वाले पाठ्यक्रम में सभी तरह के महत्वपूर्ण जानकारी को शामिल किया जाता है साथ ही छात्रों के साथ उनके माता-पिता भी शिक्षा के माध्यम का चयन करने के लिए निर्णय ले सकते हैं। स्टेट बोर्ड में शिक्षा का माध्यम राजकीय भाषा के साथ अंग्रेजी भाषा को शामिल किया जाता है ।
सीबीएसई के बारे में रोचक बाते
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई हमारे देश का राष्ट्रीय बोर्ड है इस बॉर्ड को सही और सुचारित रूप से चलाने के लिए इसे तीन लेवल प्राइमरी , सेकंडरी और सीनियर सेकंडरी में विभाजित किया गया है। देश की सभी प्रतिस्पर्धा परीक्षाएं जैसे IIT-JEE, AIEE, AIIMS सीबीएसई बोर्ड द्वारा ही आयोजित किये जाते हैं। इस बोर्ड का सिलेबस बहुत ही इंट्रेस्टिंग होता है जो स्टूडेंट को आसानी से समझ आता है। राष्ट्रीयकृत संस्थान सीबीएसई को सुनने के कई फायदेमंद कारण हो सकते है। पाठ्यक्रम के लिए सीबीएसई का चुनाव क्यों करना चाहिए इसके निम्न कारणों को नीचे समझ सकते है।
- सीबीएसई एक राष्ट्रीय स्तर का शिक्षा बोर्ड है जिसे भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है मतलब की इसमें उपयोग किये जाने वाले सभी पैरामीटर भारत सरकार द्वारा निर्धारित किये जाते है।
- सीबीएसई का पाठ्यक्रम स्टूडेंट के अनुरूप डिज़ाइन किया गया है जिसमे स्टूडेंट सिलेबस को आसानी से समझ सके और बेहतर प्रदर्शन कर सके।
- देश के हर शहर में सीबीएसई से एफिलिएट अनेक स्कूल और कॉलेज है और सभी स्कूल का पाठ्यक्रम एक सामान होता है इससे पेरेंट्स के ट्रांसफर और शहर बदलने से विद्यार्थी के शिक्षा में कोई असर नहीं पड़ता है क्योकि विद्यार्थी उस शहर के किसी भी स्कूल में एडमिशन लेकर आगे की शिक्षा ले सकता है।
- सीबीएसई रेगुलर और प्राइवेट दोनों तरह के छात्रों को एग्जाम देने की अनुमति देता है जब की अन्य बोर्ड सिर्फ रेगुलर स्टूडेंट को एग्जाम में देने की अनुमति देता है।
- सीबीएसई बोर्ड पाठ्यक्रम के लिए इंग्लिश और हिंदी दोनों को मान्यता देता है जब की अन्य बोर्ड पाठ्यक्रम के लिए सिर्फ इंग्लिश या अन्य भाषा पर अधिक फोकस करते है।
आईसीएसई और सीबीएसई में क्या अंतर है?
ICSE का पाठ्यक्रम आमतौर पर विदेशी शिक्षा प्रणाली के आधार पर तैयार किया गया है CBSE एक बोर्ड है जबकि ICSE एक स्कूल प्रमाणपत्र परीक्षा है। जो एक निजी / गैर-सरकारी शिक्षा बोर्ड है। सिलेबस के हिसाब से दोनों काफी अलग हैं। आमतौर पर, ICSE पाठ्यक्रम को CBSE की तुलना में छात्रों के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण माना जाता है
| CBSE | ICSE |
|---|---|
| केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) एक शैक्षिक बोर्ड है जो भारत और अन्य देशों में सार्वजनिक और प्राइवेट स्कूलों को एफिलिएट करता है। | भारतीय माध्यमिक शिक्षा प्रमाणपत्र नई शिक्षा नीति, 1986 के अनुसार सामान्य शिक्षा के पाठ्यक्रम द्वारा आयोजित एक परीक्षा है। |
| यह एक बोर्ड है जो परीक्षा आयोजित करता है। | यह CISCE द्वारा आयोजित एक परीक्षा होती है। |
| संस्थान में पाठ्यक्रम का माध्यम अंग्रेजी या हिंदी होता है | संस्थान में पाठ्यक्रम का माध्यम सिर्फ अंग्रेजी होता है |
| स्टूडेंट का रिजल्ट केवल ग्रेड में प्रदर्शित करता है | ICSE द्वारा दो परिणाम घोषित किए जाते हैं, पहले में ग्रेड और दूसरे में प्राप्त अंक दिखाते हैं। |
| ICSE बोर्ड की तुलना में आसान होता है | सीबीएसई की तुलना में काफी कठिन होता है |
सीबीएसई और स्टेट बोर्ड में क्या अंतर है
जब आप अपने बच्चे का एडमिशन कराने के बारे में सोचते है तो प्रत्येक माता-पिता अक्सर मुश्किल परिस्थितियों में फंस जाते हैं। बच्चे के सही और अच्छे कैरियर के लिए पेरेंट्स हमेशा एक अच्छे बोर्ड का चयन करना चाहते है प्रत्येक माता पिता बच्चो को अच्छे संस्कार और अच्छी शिक्षा देना अपना सबसे बड़ा कर्तव्य मानते है जिसके लिए वह सही बोर्ड का चयन करने में कोई भी कमी नहीं रखना चाहते है।
पहले के समय में स्टेट बोर्ड को अधिक महत्त्व दिया जाता था लेकिन बाद में अन्य कई बोर्ड आये जिनमे आईसीएसई ,सीबीएसई का नाम सबसे पहले लिया जाता है। आज के इस आर्टिकल में हम सीबीएसई और राज्य बोर्डों के अंतर पर चर्चा करेंगे।
| CBSE | State Boards |
|---|---|
| सीबीएसई का पूरा नाम केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड। | स्टेट बोर्ड का पूरा नाम राज्य माध्यमिक प्रमाण पत्र है। |
| पूरे देश में शिक्षा की व्यवस्था एक समान है। | हर राज्य के लिए अलग नियम रहते है। |
| गणित और विज्ञान जैसे विषयों पर अधिक जोर दिया जाता है | क्षेत्रीय भाषा, विषयों और संस्कृति पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाता है |
| शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी और हिंदी होता है | शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषा होती है |
| केंद्र सरकार के सभी स्कूलों में सीसीई ग्रेडिंग सिस्टम होता है | प्रत्येक राज्य में ग्रेडिंग सिस्टम अलग अलग होता है |
| सिलबस में लगभग हर साल कुछ न कुछ बदलाव किया जाता है | सिलेबस में कभी-कभी बदलाव किया जाता है |
| पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा तैयार किया गया है। | एसएससी परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम भारत में प्रत्येक राज्य के राज्य शिक्षा बोर्डों द्वारा तैयार किया जाता है। |
| एसएससी की तुलना पाठ्यक्रम कठिन रहता है | आसान पाठ्यक्रम बनाया जाता है । |
| सीबीएसई प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवारों के लिए एक बेहतर विकल्प है । | एसएससी बोर्ड प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवारों के लिए एक बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने में असमर्थ होता है । |
भारतीय शिक्षा के बारे में अपने विचार दे
एक सर्वे के अनुसार 195 देशो में भारतीय शिक्षा का 94 स्थान है। ऐसा माना जाता है की भारतीय शिक्षा का स्तर बहुत पुराना है उस समय इसकी जरुरत थी लेकिन आज के समय में इसे बदलने और एडवांस करने की जरुरत है।
लेकिन आज भी भारत में कुछ जीनियस लोगो पैदा होते है जो पूरी दुनिया में देश नाम गौरवान्वित करते है। भारतीय शिक्षा में अन्य विकसित देशो की तुलना में आज भी पुराने संस्करणो और पुरानी प्रणालियों का उपयोग किया जाता है। भारतीय शिक्षा में ऐसी बहुत सारी समस्याएं है जो इसे समृद्ध होने नहीं देती हैं।
भारतीय शिक्षा में सबसे बड़ी समस्या खराब ग्रेडिंग सिस्टम है जिसका सामना प्रत्येक स्टूडेंट को करना पड़ता है जहा पर प्रत्येक स्टूडेंट की बुद्धि को उसके पेपर में मिले मार्क के आधार पर जज किया जाता है यह सिस्टम उन स्टूडेंट के लिए बड़ी समस्या उत्पन्न करता है जो सभी विषय में अच्छे है लेकिन किसी एक विषय में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते है।
इसके कारण स्टूडेंट सिर्फ अच्छे को अंक प्राप्त करने का प्रयास करते हैं, जो पढ़ाया जाता है उसे समझने पर ध्यान नहीं देते। दूसरे शब्दों में कहे तो वह विषय को रटते है और नकल के माध्यम से अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए अनेको तरीके आजमाते है जिससे वह वास्तविक ज्ञान को समझ नहीं पाते है।
Conclusion
आर्टिकल में हमने आपको CBSE Full Form से लेकर इसके इतिहास और इसके पठ्यक्रम और अन्य बोर्ड से तुलना किया यदि आपको इस बोर्ड से सम्बंधित अधिक और विस्तृत जानकारी चाहिए तो आप सीबीएसई के ऑफिसियल वेबसाइट पर जा सकते है जहा आपको इसे एग्जाम , रिजल्ट और अन्य अपडेट जानकारी मिल सकती है।