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Journalist Kaise Bane जॉर्नलिस्ट बनने के लिए आवश्यक योग्यता, कोर्स और जॉब के अवसर

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जर्नलिस्ट शब्द आपने अक्सर सुना होगा और टीवी चैनल , पोलिटिकल सभा में देखा भी होगा। इन सब को देख कर आपका मन भी जर्नलिस्ट बनने को करता है तो यह आर्टिकल आपके लिए बेस्ट होने वाला है क्योकि इस आर्टिकल में हम आपको Journalist Kaise Bane से लेकर इसकी अनिवार्य योग्यता , कोर्स कैरियर और सैलरी के बारे में विस्तार से बताने वाले है।

जर्नलिस्ट बनने के लिए आपको जर्नलिज्म यानि पत्रकारिता की पढ़ाई करनी होगी, जिसको करने के बाद आपके लिए कई तरह के कैरियर विकल्प आ जाते है । जर्नलिस्म पहले से समय से आज बहुत अधिक बदल चुका है। आधुनिक तकनीक आने के बाद से अब प्रिंट, रेडियो, टीवी के आलावा वेब जर्नलिज्म भी अपनी बुलंदियों पर है। वर्तमान में भारत में पत्रकारिता तेज़ी से एक बड़े व्यवसाय के रूप में उभर रहा है, जहाँ पर सरकारी और प्राइवेट सभी तरह के टीवी और रेडियो चैनल, अखबार, और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स उपलब्ध हैं, जिसकी वजह से युवाओं के लिए पत्रकारिता एक अच्छा करियर साबित हो रहा है। तो अगर आप भी जर्नलिस्ट बनना चाहते हैं और इस क्षेत्र में अपना करियर बनाने की सोच रहे है तो इस पोस्ट में हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देने वाले है

जर्नलिस्ट कौन होता है ?

जो व्यक्ति पत्रकारिता से जुड़े काम करता है, उसे जर्नलिस्ट या पत्रकार कहते हैं। खबर ढूंढने वाले को न्यूज़ रिपोर्टर बोलते है, न्यूज़ की फोटो लेने वाले को फोटो जर्नलिस्ट कहते हैं, लिखने वाले को एडिटर, और कैमरा के सामने बोलने वाले को एंकर कहते है। इस तरह से ख़बरों को रिपोर्ट करने, लिखने, संपादित करने, फोटो खींचने, प्रसारित करने वाला संगठन का हर एक सदस्य जर्नलिस्ट कहलाता है।

जर्नलिस्ट का क्या काम होता है?

जर्नलिज्म में आप किस पेशे से जुड़े है इस पर निर्भर करता है कि आपका काम क्या होगा। फिर भी आम तौर पर जर्नलिस्ट जो काम करते हैं वह निम्नलिखित हैं।  

  • किसी इंटरव्यू, घटना और सम्मलेन की पूरी जानकारी इकठ्ठा करना होता है। 
  • खबर को समय रहते जनता तक पहुँचाना होता है। 
  • कोई भी न्यूज़ बनाते समय तथ्यों की अच्छे से जाँच करनी होती है। 
  • जो भी खबर आप लोगों तक पहुंचा रहे है वह सच्ची और पूरी होनी चाहिए। 
  • सांप्रदायिक लड़ाई भड़काने वाली खबरें, या किसी की निजी ज़िंदगी से जुडी जानकारियों को आपको जग ज़ाहिर नहीं करना होता है।
  • सामाजिक मुद्दों पर अपनी नज़र रखनी होती है और गतिविधियों को ख़बरों के रूप में लोगों के सामने रखना होता है। 
  • न्यूज़ या किसी भी ब्रॉडकास्ट का फॉर्मेट समझना होता है और उसी के अनुसार खबर को बनाना है। 
  • लिखने या अपनी खबर को जनता तक बहुत क्रिएटिविटी के साथ पेश करना होता है ताकि लोग खबर से जुड़ सकें।   

जर्नलिस्म कितने प्रकार का होता है ?

नीचे हमने जर्नलिस्म को मुख्य रूप से 6 प्रकार से विभाजित किया है

  • प्रिंट जर्नलिज्म –यह देश का सबसे पुराना फील्ड है, जो अलग-अलग प्रांतों में विभिन्न भाषाओं में  कार्य करता है। इसमें मैग्जीन, अखबार और किताबों का कंटेंट लिखनाा और छापना शामिल होता है। 
  • इलेक्ट्रॉनिक जर्नलिज्म – ऑडियो अथवा वीडियो से जुडी पत्रकारिता को इलेक्ट्रॉनिक जर्नलिज्म कहते हैं। इसमें टीवी, रेडियो, फिल्म आदि के काम को सिखाया जाता है। आधुनिकता के दौर में यह सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है।   
  • वेब जर्नलिज्म –  जर्नलिज्म का यह क्षेत्र बहुत पुराना न होकर कुछ दशकों पहले सुरु हुआ है। इंटरनेट के आने के बाद से ही वेब जर्नलिज्म शुरू हुआ है। इसमें आप फ़ोन या लैपटॉप के माध्यम से किसी भी तरह की खबर को जान सकते हैं। इसमें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक दोनों मीडिया शामिल होते हैं और इसमें यूज़र्स को तुरंत फीडबैक देने की आज़ादी मिलती है।  
  • पब्लिक रिलेशन –यह जर्नलिस्म का एक छोटा सा हिस्सा है जिसमें आपको किसी की छवि को समाज में बनाना या बिगड़ने के तरीके सिखाए जाते हैं। इसे सीखने के बाद आप किसी भी बिजनेस हाउस, पॉलिटिकल व्यक्ति , सेलेब्रेटी एवं संस्थान के लिए काम कर सकते हैं।
  • न्यूज ब्लॉगर : न्यूज़ ब्लॉगर स्वयं की वेबसाइट पर स्वतंत्र रूप से ब्लॉग लिख कर और वीडियो शूट करके लोगो तक देश दुनिया में हो रही घटनाओ से अवगत करते है। आज के समय में इंटरनेट पर आपको सैकड़ो वेबसाइट मिल जाएगी जो न्यूज ब्लॉगर की तरह कार्य करते है।  
  • फ्रीलांस जर्नलिस्ट: प्रिंट मीडिया, वेब या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और अन्य मीडिया के लिए पार्ट टाइम या कमिसन से कार्य करने वाले व्यक्ति को फ्रीलांस जर्नलिस्ट कहते है।

न्यूज़ रिपोर्टर के प्रकार

देश दुनिया में हो रही घटनाओ को लोगो तक सही तरीके से पहुंचाने के लिए रिपोर्टिंग को अलग अलग क्षेत्र में विभाजित किया गया है। journalist kaise bane के इस आर्टिकल में आप जानेंगे की रिपोर्टर कितने प्रकार के होते है।

पोलिटिकल रिपोर्टर : पॉलिटिकल्स रिपोर्टर राजनीतिक गतिविधियो से सम्बंधित न्यूज़ को लोगो तक पहुंचाने और उन पर अपनी प्रतिक्रिया और रिपोर्टिंग देने का कार्य करती है।

बिज़नेस रिपोर्टर: इसमें रिपोर्टर देश और दुनिया की इकनोमिक और बिज़नेस से जुडी ख़बरों को लोगो तक पहुंचाने का कार्य करती है। इसमें रिपोर्टर सरकार की आर्थिक गतिविधियोंऔर व्यापार से जुडी खबरों की रिपोर्टिंग करती है।

हेल्थ रिपोर्टर: इस क्षेत्र में रिपोर्टर हेल्थ से सम्बंधित जानकारी और टिप्स देने का कार्य करती है। इसमें रिपोर्टर उचित खान पान और सेहत का ख्याल कैसे रखें इस पर चर्चा करते है।

स्पोर्ट्स रिपोर्टर: देश और दुनिया में चल रहे किसी भी स्पोर्ट का विश्लेषण करने और उसकी सही ख़बर को लोगो तक पहुंचाने का कार्य करती है

क्राइम रिपोर्टर: देश में हो रहे विभिन अपराध और क्राइम से सम्बंधित जानकारी को लोगो तक पहुंचाने का कार्य करती है। क्राइम रिपोर्टर इस तरह के कार्यो को सही से रिपोर्टिंग करने के लिए सरकार और पुलिस की हेल्प भी लेती है।

फिल्म और मनोरंजन : इस तरह ले रिपोर्टर बॉलीवुड , हॉलीवुड के एक्टर , डायरेक्टर , सिंगर और मूवीज से सम्बंधित रिव्यु , फीडबैक को लोगो तक पहुंचाने का कार्य करती है।

जर्नलिस्ट की ज़िम्मेदारियां क्या हैं ?

जर्नलिज्म या मीडिया को देश का चौथा स्तम्भ कहा जाता है इसका अर्थ है कि जर्नलिस्ट होना एक बेहद ज़िम्मेदारी का काम है। आपका नजरिया ही जनता का नजरिया बनता है इसलिए ईमानदारी, निष्पक्षता, समय का पाबंद होना, सच्चाई, निडरता और विचारों में स्पष्टता होना बेहद ज़रूरी है। आप जो भी खबर लोगों को देना चाहते हैं आपको उसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए और उससे जुड़े तथ्य भी आपके पास होने चाहिए।  

जर्नलिस्ट बनने के लिए क्या गुण होने चाहिए ?

जर्नलिज्म में कैरियर बनाने के लिए कुछ विशेष गुण होना बेहद ज़रूरी है जैसे स्पष्ट पढ़ना, क्रिएटिव लिखना, कैमरा फ्रेंडली होना, अच्छी कॉम्युनिकेशन स्किल, प्रेजेंटेशन स्किल, कॉन्फिडेंस, पॉलिटिक्स और न्यूज़ की समझ होना, पब्लिक स्पीकिंग अदि गुण आपके पास होने चाहिए। 

जर्नलिस्ट बनने के लिए कोर्स कौन से हैं ?

जर्नलिज्म में करियर बनाने के लिए आपका किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास होना अनिवार्य है। जिसके बाद आप मास कम्युनिकेशन या जर्नलिज्म में डिप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्स, ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स कर सकते है। इसके लिए आपको अलग से कोई एग्जाम नहीं देना होगा। मास कम्यूनिकेशन, पब्लिक रिलेशन, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म, में से आप किसी भी फील्ड में कोर्स का चुनाव कर सकते हैं। अगर आप इस फील्ड में प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो आप पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद पीएचडी या एमफील भी कर सकते हैं। 

डिप्लोमा कोर्स इन जर्नलिज्म 

journalist kaise bane और इसके लिए शार्ट टर्म डिप्लोमा कोर्स कहा से करें तो इसके लिए आप देश के अच्छे journalism कॉलेज से इस कोर्स को कर सकते है।

  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म
  • डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
  • डिप्लोमा इन ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म
  • डिप्लोमा इन वेब मीडिया या ऑनलाईन मीडिया
  • डिप्लोमा इन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिप्लोमा इन प्रिंट मीडिया

बैचलर डिग्री कोर्स इन जर्नलिज्म

  • बैचलर डिग्री इन मास कम्यूनिकेशन
  • बीए इन मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म
  • बीए इन जर्नलिज्म,
  • बीएससी इन मास कम्युनिकेशन
  • बैचलर इन ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म

जर्नलिस्ट बनने के लिए कहाँ एडमिशन लें?

भारत देश में वैसे तो अनेकों सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में जर्नलिज्म की पढ़ाई होती है लेकिन बेहतर नॉलेज और अच्छे कैरियर के लिए अच्छे कॉलेज से कोर्स करना बेहद ज़रूरी होता है ताकि आपको पढ़ाई की प्रैक्टिकल नॉलेज मिले और कोर्स से अंत में आपको किसी मशहूर चैनल से जुड़ने का मौका भी मिल सके। इसलिए कॉलेज में पढाई के स्तर की सही जांच- पड़ताल करने के बाद ही एडमिशन लें, वरना बाद में आपको नौकरी के लिए भटकना पड़ सकता है।

जर्नलिज्म कोर्स करने के बाद नौकरी कैसे मिलेगी?

जर्नलिज्म कोर्स करने के बाद आपको जिस भी फील्ड में जर्नलिस्ट बनना चाहते है , उसी में कुछ महीनों की इंटर्नशिप करनी होगी। इस दौरान अपने क्षेत्र की मीडिया से संबंधित सभी तरह की स्किल और जानकारियों को सीख प्रक्टिकली सीखना होगा , ताकि इंटर्नशिप या ट्रेनिंग पूरी होने के बाद आप किसी बड़े मीडिया हाउस या चैनल में नौकरी पा सकें। आपका हुनर और अनुभव ही आपको इस क्षेत्र में बुलंदियों तक पहुंचा सकता है।    

जर्नलिस्ट की सैलेरी कितनी होती है?

जर्नलिज्म की पढ़ाई करने पर कई तरह की नौकरियों के विकल्प होते हैं इसलिए जर्नलिज्म कि कोई फिक्स सैलरी बता पाना मुश्किल है। असल में यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस मीडिया चैनल से जुड़े हुए हैं और आपको अपने काम का कितना अनुभव है। आम तौर पर रिपोर्टर की सैलरी 10 हज़ार से 30 हज़ार तक हो सकती है। न्यूज एंकरों की सैलरी 20 हजार से 80 हजार से अधिक भी हो सकती है। न्यूज़ एडिटर या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े लोगों की सैलरी लगभग 50 हजार से शुरू होकर 90 हज़ार से ज़्यादा भी हो सकती हैं।  

दोस्तों हम उम्मीद करते हैं कि इस पोस्ट से आपको अच्छे से पता चल गया होगा कि जर्नलिस्ट कौन होते हैं, journalist kaise bane और जर्नलिस्ट बनने के लिए आपको क्या करना चाहिए। उम्मीद करते है की इस आर्टिकल से आपको जर्नलिस्ट बनने में ज़रूर मदद मिलेगी। इसी तरह की रोचक जानकारियों के लिए हमारे पोस्ट पढ़ते रहिये और अपना फीडबैक शेयर करे जिससे हम आपके लिए और अच्छा कर सके।  

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siya

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