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VLAN क्या है ? इसके कार्य और प्रकार ?

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कंप्यूटर नेटवर्किंग टुटोरिअल के इस सीरीज में आज हम आपको एडवांस नेटवर्किंग में इस्तेमाल होने वाले टेक्नोलॉजी VLAN के बारे में बताने वाले है। इस आर्टिकल में आप जानेंगे की VLAN क्या है (What is VLAN in Hindi) VLAN के कितने प्रकार होते है और VLAN कैसे कार्य करता है आदि।

VLAN क्या है What is VLAN in Hindi

VLAN  (Virtual Local Area Network) एक नेटवर्क टेक्नोलॉजी है जो फिजिकल नेटवर्क के अंदर रह कर एक वर्चुअल या लॉजिकल नेटवर्क को क्रिएट करने की परमिशन देता है। VLAN का उपयोग करके  एक फिजिकल नेटवर्क से कई वर्चुअल नेटवर्क को बनाया जा सकता है जिससे किसी संस्थान  या कंपनी  के नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को सही तरीके से मैनेज ,  मॉनिटर , सिक्योर और नेटवर्क  रिसोर्स को सही तरीके से उपयोग किया जा सकता है । VLAN में  सिस्टम को फिजिकल लोकेशन के  बजाय डिपार्टमेंट , फंक्शन , सिक्योरिटी के आधार पर Grouping  किया जाता है।

वीएलएएन परिभाषा Definition Of VLAN In Hindi

VLAN एक कस्टम नेटवर्क होता है जो एक या एक से अधिक नेटवर्क को मिला कर बनाया जाता है। यह नेटवर्क में उपलब्ध devices को एक लॉजिकल नेटवर्क बनाने का कार्य करता है। Virtual LAN को फिजिकल नेटवर्क से मैनेज किया जाता है। VLAN नेटवर्क OSI model के layer 2 (data link layer) पर कार्य करता है.

VLANs  के प्रकार Types Of VLAN In Hindi

What is VLAN in Hindi में आपने अभी तक जाना की VLAN क्या है। VLANs (Virtual Local Area Networks)  में एक फिजिकल नेटवर्क को कई छोटे लॉजिकल नेटवर्क में बाँटने और ब्रॉडकास्ट डोमेन से अलग करने के लिए किया  जाता है। अगर हम VLAN के प्रकार की बात करे तो इसके कई प्रकार है है जिन्हे नेटवर्क के आधार पर अलग अलग नेटवर्क और इंफ़्रा में इस्तेमाल किया जाता है ,नीचे VLAN के कुछ प्रकार को समझ सकते है।

Types Of VLAN In Hindi
  • Port-Based VLANs: इसमें VLan की मेम्बरशिप एक फिजिकल स्विच पोर्ट द्वारा निर्धारित की जाती है जिससे डिवाइस कनेक्टेड होता है । इसमें स्विच का प्रत्येक पोर्ट एक स्पेसिफिक VLAN के लिए कॉन्फ़िगर रहता है और उस पोर्ट से कनेक्ट डिवाइस  उस वीएलएएन से रिलेशन रखता  हैं।
  • MAC-Based VLANs: इस तरह के VLAN नेटवर्क में VLAN मेम्बरशिप का निर्धारण  डिवाइस के MAC Address के आधार पर किया जाता है।  MAC-Based VLAN में  सोर्स से आने वाले प्रत्येक फ्रेम को Switch  Examine करता  है और इसी के आधार पर डिवाइस को पहले से कॉन्फ़िगर किये गए VLAN में ऐड करके VLAN ID देता है।
  • Protocol-Based VLANs:  प्रोटोकॉल -बेस  VLAN को मेम्बरशिप निर्धारित करने के लिए पैकेट हेडर में प्रोटोकॉल का टाइप्स  या प्रोटोकॉल फ़ील्ड का उपयोग किया जाता  है।
  • Subnet-Based VLANs: इस तरह के VLAN में IP का सबनेट VLAN   मेंबर बनने में मदद करता है।  इसमें IP Subnet से सभी डिवाइस को एक VLAN में रखा जाता है , इस तरह का VLAN नेटवर्क मैनेजमेंट को समझने में मदद करता है जहा परनेटवर्क के लिए पहले से IP Subnet असाइन किया गया होता है।
  • Dynamic VLANs:  Vlan कुछ Creteria या Authentication के आधार पर डायनामिक VLAN को निर्धारित करता है। उदाहरण के लिए जब कोई यूजर अपने क्रेडेंशियल (यूजर नाम और पासवर्ड इत्यादि ) से सिस्टम में लॉगिन करता है तो ऑथेंटिकेशन सर्वर उस यूजर को किसी स्पेसिफिक VLAN का सदस्य बना देता है।

VLAN कैसे कार्य करता है

वर्चुअल LAN स्विच द्वारा क्रिएट किया जाने वाला एक लॉजिकल नेटवर्क होता है। VLAN में स्विच के कुछ पोर्ट होते है जिन्हे Unique ID दी जाती है।ऐसा अधिकतर देखा जाता है की एक स्विच में एक से अधिक VLAN को कॉन्फ़िगर किया जाता है। नेटवर्क में VLAN बेहतर परफॉरमेंस और बेहतर सुरक्षा के लिए सेटअप किया जाता है।

जब किसी डिवाइस से नेटवर्क पर डेटा सेंड किया जाता है, तो इसमें एक Tag को ऐड कर दिया जाता है जिससे यह पता लगाना आसान हो जाता है की Frame को किस VLAN में सेंड किया गया है। Switch इस Frame में लगे Tag को चेक करता है और उस टैग के अनुसार VLAN में डाटा को ब्रॉडकास्ट किया जाता है।नेटवर्क में VLAN का इस्तेमाल करने का एक फ़ायदा यह भी है की नेटवर्क में ब्रॉडकास्ट ट्रैफिक को कम किया जा सकता है। ब्रॉडकास्ट ट्रैफिक वह डाटा होता है जो नेटवर्क से कनेक्टेड सभी डिवाइस को भेजा जाता है, भले ही उन्हें इसकी आवश्यकता हो या नहीं।

VLAN नेटवर्क की रेंज VLAN Ranges

RangeDescription
VLAN 0-4,095ये रिज़र्व VLAN नेटवर्क होते है इन्हे न तो देखा जा सकता है और न ही इस्तेमाल किया जा सकता है।
VLAN 1यह Switch का डिफ़ॉल्ट VLAN होता है जिसे डिलीट या मॉडिफाई  नहीं किया  जा सकता लेकिन इस्तेमाल किया जा सकता है
VLAN 2-1,001यह एक प्रकार का स्टैण्डर्ड VLAN रेंज होती है जिसे क्रिएट , Modify और डिलीट किया जा सकता है।
VLAN 1,002-1,005ये FDDI और टोकन रिंग के लिए Cisco के  डिफॉल्ट VLAN होते  हैं। इन वीएलएएन को हटाया नहीं जा सकता है।
VLAN 1,006-4,094यह VLAN की एक्सटेंडेड रेंज होती है

VLAN  के लाभ | Advantages of VLAN

What Is VLAN In Hindi में आपने अच्छी जानकारी प्राप्त किया होगा ऐसी हम उम्मीद करते है। यदि आप  VLAN का इस्तेमाल  करना चाहते है तो इसके लिए आपको इसके फायदों के बारे में सही से समझना चाहिए। नीचे आप VLAN नेटवर्क के निम्न लिखित फायदों के बारे में जान सकते है।

  • VLAN नेटवर्क में डिवाइस और डाटा को पर्याप्त रूप से अधिक सिक्योर किया जा सकता है क्योकि इसमें VLAN के ट्रैफिक को अलग से मैनेज भी किया जा सकता है।।
  • VLAN के इस्तेमाल से नेटवर्क में एक अतिरिक्त सिक्योरिटी लेयर बनायीं जा सकती है।
  • नेटवर्क में VLAN के इस्तेमाल से परफॉरमेंस को बढ़ाया जा सकता है।
  • VLAN नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाले डिवाइस को फंक्शन और डिपार्टमेंट के अनुसार अलग अलग लॉजिकल ग्रुप में आसानी से बांटा जा  सकता है 
  • VLAN Network  में  ट्रैफ़िक को अलग करके, नेटवर्क के परफॉरमेंस को सुधारा जा सकता है।
  • बड़े संस्थान या कंपनी  में  पॉलिसी  , प्रोफाइल  और डिपार्टमेंट के अनुसार यूजर को आसानी से Grouping में बांटा जा सकता है।
  • VLAN नेटवर्क को आसानी से मॉनिटर और मैनेज किया जा सकता है इस तरह के नेटवर्क से जुड़े यूजर की प्रत्येक रिपोर्ट और परफॉरमेंस को आसानी से  मॉनिटर किया जा सकता है।

VLAN के नुकसान | Disadvantages of VLAN

यदि आप कंपनी संस्थान में VLAN नेटवर्क का इस्तेमाल करते है तो इसके लिए आपको निम्न लिखित समस्याओ का सामना करना पड़  सकता है।

  • संस्थान में VLAN नेटवर्क को इम्प्लीमेंट और मैनेज करना  थोडा कठिन होता है इसके लिए एक्सपर्ट तकनीक और इंजीनियर की आवश्यकता होती है।
  • बड़े VLAN नेटवर्क में अधिकतर समय नेटवर्क ट्रैफिक को Broadcast किया जाता है जिससे नेटवर्क में Congetion और परफॉरमेंस से सम्बंधित अन्य समस्याएं देखी जा सकती है।
  • VLAN के सही से कॉन्फ़िगर न होने या  नेटवर्क में सिक्योरिटी को सही से इम्प्लीमेंट न होने की स्थित में डाटा लीक जैसी समस्याएं देखी जा सकती है।
  • VLAN को इम्प्लीमेंट करने के लिए अतिरिक्त और एडवांस हार्डवेयर डिवाइस जिसे की मैनेजबल स्विच की आवश्यकता पड़ती है जिसका अधिभार संस्थान पर पड़ता है। 

LAN  और VLAN  के बीच अंतर

VLAN VLAN (Virtual Local Area Network)
इसका ज्योग्राफिकल एरिया बहुत सीमित रहता है (जैसे की किसी building, campus तक )LAN के भीतर लॉजिकल नेटवर्क को  कई फिजिकल नेटवर्क तक फ़ैलाया जा सकता है
LAN के भीतर डिवाइस एक दूसरे के साथ कम्यूनिकेट  कर सकते हैंडिवाइस को विभिन्न VLAN नेटवर्क से अलग किया जा है।
LAN में Broadcats ट्रैफिक को प्रत्येक डिवाइस के साथ शेयर किया जा सकता है।प्रत्येक VLAN नेटवर्क के साथ ब्रॉडकास्ट ट्रैफिक को अलग किया जाता है।
LAN को कॉन्फ़िगर करने के लिए Switch, Router,  अन्य नेटवर्क डिवाइस की आवश्यकता पड़ती है।नेटवर्क में VLANs को कॉन्फ़िगर करने के लिए Layer 2 या 3 के Manageble स्विच की जरुरत पड़ती है। 
एक ही LAN  के भीतर डिवाइस एक दूसरे से Direct कम्यूनिकेट  कर सकते हैंविभिन्न VLAN में डिवाइस केवल स्पेसिफिक  कॉन्फ़िगरेशन के आधार पर कम्यूनिकेट  कर सकते  हैं
LAN नेटवर्क से कनेक्टेड डिवाइस को  लिमिटेड ग्रुपिंग किया जा सकता है।VLAN नेटवर्क में डिपार्टमेंट और प्रोफाइल को अधिक फीचर के साथ ग्रुपिंग किया जा सकता है। 
LAN नेटवर्क को संस्थान में आसानी से सेटअप किया जा सकता हैVLAN नेटवर्क का सेटअप और कॉन्फ़िगरेशन करने के लिए सही नॉलेज और अनुभव की आवश्यकता पड़ती है।  
LAN नेटवर्क में डिवाइस को लिमिटेड सिक्योरिटी मिलती है।VLAN नेटवर्क से कनेक्टेड प्रत्येक डिवाइस को बेहतर सिक्योरिटी दिया जाता है।
LAN को Expand करने  के लिए फिजिकल  नेटवर्क में बदलाव  की आवश्यकता होती हैLAN को Expand करने  के लिए फिजिकल  नेटवर्क में किसी तरह के बदलाव  की आवश्यकता नहीं होती है

FAQs अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q .1 VLAN क्या है?

VLAN (Virtual Local Area Network) नेटवर्क में डिवाइस के लिए बनाया जाने वाला एक लॉजिकल नेटवर्क होता है। जिसमे डिवाइस एक या एक से अधिक नेटवर्क से कम्यूनिकेट कराया जाता है।

Q .2 नेटवर्क में VLAN का उपयोग क्यों किया जाता है

नेटवर्क में VLAN का उपयोग Network Segmentation , सिक्योरिटी और बेहतर नेटवर्क  मैनेजमेंट आदि के लिए किया जाता है।

Q .3 VLAN  कैसे काम करता है?

VLAN  पोर्ट, मैक एड्रेस, प्रोटोकॉल के प्रकार, सबनेट, या ऑथेंटिकेशन  जैसे विभिन्न क्रेटेरिया  के आधार पर LAN नेटवर्क को  स्पेसिफिक लॉजिकल नेटवर्क में  असाइन करके काम करता  हैं।

Q .4 VLAN का उपयोग करने के क्या फायदे हैं?

नेटवर्क में VLAN के इस्तेमाल से विभिन्न प्रकार के फ़ायदे मिलते है ,VLAN की मदद से  ब्रॉडकास्ट ट्रैफिक को कम करके नेटवर्क परफॉरमेंस को बढ़ाया जा सकता है , नेटवर्क की सिक्योरिटी को बढ़ाया जा सकता है और नेटवर्क में Virtualization को इम्प्लीमेंट किया जा सकता है।

Q .5 VLAN  कैसे कॉन्फ़िगर किया जाता है।

VLAN  को आमतौर पर Switch , राऊटर और फ़ायरवॉल डिवाइस में इम्प्लीमेंट किया जाता है। नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर डिवाइस में VLAN क्रिएट करके VLAN पोर्ट , VLAN को कॉन्फ़िगर करने और VLAN ID बनाने का कार्य करता है

निष्कर्ष

आज के समय में VLAN नेटवर्क का इस्तेमाल अधिकतर एंटरप्राइज नेटवर्क में किया जाता है जहा पर डिवाइस को कॉमन नेटवर्क से अलग रखने और अधिक सुरक्षा देने के लिए किया जाता है। संस्थान में VLAN  की हेल्प से विभिन्न डिपार्टमेंट , गेस्ट नेटवर्क , और स्पेसिफिक एप्लीकेशन को सुरक्षा देने के लिए किया जाता है। उम्मीद करते है की What is VLAN in Hindi आर्टिकल आपको पसंद आया होगा

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siya

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