आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको नेटवर्किंग डिवाइस हब के बारे में बताने वाले है। इसमें हम जानेंगे की नेटवर्किंग हब क्या होता है (What is Hub In Hindi) , इसके प्रकार और कैसे कार्य करता है।
नेटवर्क हब क्या है What is Hub In Hindi
hub एक नेटवर्किंग डिवाइस है जो सामान्यतः LAN नेटवर्क में एक से अधिक डिवाइस को कनेक्ट करने का कार्य करता है। Hub को मल्टीपोर्ट repeater भी कह सकते है। यह OSI Model के Physical layer पर वर्क करता है। Hub का मुख्य कार्य एक सोर्स से डाटा पैकेट को रिसीव करना और नेटवर्क से कनेक्ट अन्य डिवाइस को data Broadcast करना।
Hub जैसे ही किसी एक डिवाइस से send किये गए डाटा पैकेट को रिसीव करता है तो वह Data पैकेट को सभी कनेक्टेड डिवाइस के साथ ब्रॉडकास्ट करता है फिर चाहे नेटवर्क से कनेक्ट डिवाइस को डाटा पैकेट की आवश्यकता हो या नहीं। इस तरह Hub से कनेक्ट सभी डिवाइस उपलब्ध नेटवर्क बैंडविड्थ बिना जरुरत के सामान्य रूप से उपयोग करते है। यदि कई डिवाइस एक ही समय में डेटा ट्रांसमिट करने का प्रयास करता है तो नेटवर्क में collisions , हाई latency , लो परफॉरमेंस जैसी समस्या देखी जा सकती है।

नेटवर्क हब के प्रकार Types Of Network Hub In Hindi
नेटवर्किंग में मुख्य रूप से तीन प्रकार के Hub passive hubs, active hubs, और intelligent hubs डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता है। नीचे आप तीनो hub के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्राप्त कर सकते है।

Passive Hubs
पैसिव हब एक प्रकार का साधारण हब होता है। इस प्रकार का hub नेटवर्क डिवाइस के लिए एक फिजिकल कनेक्शन बनाने का कार्य करता है जिससे यह अन्य डिवाइस के साथ कम्यूनिकेट कर पाता है। इस प्रकार का Hub सोर्स से प्राप्त होने वाले signal को बिना amplify या regenerate किये डेस्टिनेशन नेटवर्क में फॉरवर्ड करता है जिससे नेटवर्क सिग्नल वीक होने की सम्भावना बानी रहती है । पैसिव हब का उपयोग इसकी लिमिटेड फीचर के कारण मॉर्डन नेटवर्क टेक्नोलॉजी में शायद ही उपयोग किया जाता है ।
Active Hubs
एक्टिव हब को मल्टीपोर्ट रिपीटर भी कहा जा सकता है। इस प्रकार का हब Active Hub की तुलना में प्राप्त सिग्नल को amplify या regenerate करने का कार्य करता है। यह एक पोर्ट से सिग्नल को रिसीव करके उसे नेटवर्क से कनेक्ट सभी पोर्ट पर ब्रॉडकास्ट करने का कार्य करता है । एक्टिव Hub नेटवर्क सिग्नल को एक्सटेंड करने और नेटवर्क के सिग्नल क्वालिटी को इम्प्रूव करने में मदद करता है।
Intelligent Hubs
इंटेलिजेंट हब, जिसे मैनेज हब या स्मार्ट हब भी कहा जाता है। इस प्रकार के Hub में Passive और Active hub की तुलना में अधिक फीचर और फंक्शन दिए गए होते है। इसमें नेटवर्क को अच्छी तरह से मैनेज करने के अनेको फीचर जैसे की नेटवर्क ट्रैफिक को मॉनिटर करना , नेटवर्क में बैंडविड्थ को मैनेज करना , किसी स्पेसिफिक पोर्ट की सेटिंग करना आदि। इंटेलीजेंट हब का इस्तेमाल मुख्य रूप से काम्प्लेक्स नेटवर्क में किया जाता है जहा पर नेटवर्क को कण्ट्रोल और कस्टमाइज किया जाता है।
हब कैसे काम करता है How Network Hub Works
नेटवर्क सोर्स से आने वाले नेटवर्क सिग्नल को रिसीव करता है और नेटवर्क से कनेक्ट सभी सिस्टम को डाटा broadcast करता है। यह OSI Model के फिजिकल लेयर पर वर्क करता है और सभी पोर्ट को सिग्नल ब्रॉडकास्ट करता है। हब में इंटेलिजेंसी और collision डिटेक्शन की कमी होती है जिससे नेटवर्क में slow परफॉरमेंस और collision होने की अधिक संभावनाएं होती है।

नेटवर्किंग Hub Device के फायदे
- Network को एक्सटेंड करने के लिए सबसे सस्ता डिवाइस है
- Hub डिवाइस से नेटवर्क ट्रैफिक को मॉनिटर और एनालिसिस करना आसान है।
- नेटवर्क हब Half Duplex Mode में कार्य करते है
- हब डिवाइस को नेटवर्क में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है क्योकि इसमें किसी तरह की सेटिंग या कॉन्फ़िगरेशन नहीं करना पड़ता है
नेटवर्किंग Hub Device की सीमाएं
- Hub रिसीव सिग्नल को नेटवर्क में ब्रॉडकास्ट करता है इससे नेटवर्क में Collision और नेटवर्क ट्रैफिक की समस्या आती है।
- नेटवर्क हब लिमिटेड पोर्ट में उपलब्ध होते है इसे अधिकतम 4 से 24 Port में देखा जा सकता है।
- हब डिवाइस में Collision को डिटेक्ट करने का कोई मैकेनिज्म नहीं होता है
- हब डिवाइस का उपयोग करके VLAN नेटवर्क नहीं बनाया जा सकता।
FAQs हब से सम्बंधित सामान्य प्रश्न
नेटवर्क Hub का मुख्य कार्य नेटवर्क में एक से अधिक डिवाइस को नेटवर्क में कनेक्ट करना होता है। यह डेटा ट्रांसमिशन के लिए एक सेण्टर पॉइंट के रूप में कार्य करता है, जिससे कनेक्ट सभी डिवाइस को एक दूसरे के साथ आसानी से कम्यूनिकेट कर सकते है।
हब सोर्स नेटवर्क से रिसीव सिग्नल को नेटवर्क से कनेक्ट सभी डिवाइस को डाटा ब्रॉडकास्ट करता है जब की Switch रिसीव डाटा को ब्रॉडकास्ट न करके MAC Address के अनुसार डाटा को स्पेसिफिक डेस्टिनेशन पोर्ट तक फॉरवर्ड करने का कार्य करता है। Switch में हब की तुलना में बेहतर परफॉरमेंस , स्पेसिफिक पोर्ट के निर्धारित बैंडविड्थ , एडवांस सिक्योरिटी जैसे फीचर उपलब्ध होते है।
पहले समय के Hub नेटवर्क डिवाइस सिर्फ वायर टेक्नोलॉजी के लिए डिज़ाइन किये गए जिसमे ईथरनेट केबल का इस्तेमाल किया जाता था लेकिन अभी के हब में वायरलेस Hub और Wireless Access point दोनों तरह से कार्य करता है।
हां, आप एक हब को दूसरे हब से कनेक्ट करके नेटवर्क में पोर्ट की संख्या को बढ़ा सकते है ऐसा करके आप नेटवर्क में अधिक से अधिक डिवाइस को कनेक्ट कर सकते है और LAN नेटवर्क को और एक्सपैंड भी कर सकते है।
हब को ऑउटडेटेड नेटवर्क डिवाइस माना जाता है आज के समय में Hub की जगह अधिक ब्रिलिएंट और स्मार्ट फीचर वाले स्विच डिवाइस का उपयोग किया जाता है। स्विच में हब की तुलना में बेहतर परफॉरमेंस , बेहतर नेटवर्क मैनेजमेंट और एडवांस फ़ीचर उपलब्ध रहते है।
निष्कर्ष
आज के समय में हब नेटवर्किंग डिवाइस का उपयोग नहीं किया जाता है क्योकि इससे अधिक एडवांस और इंटेलीजेंट डिवाइस Switch और Router का उपयोग किया जाने लगा है। Switch डाटा लिंक लेयर या नेटवर्क लेयर पर कार्य करते है और हब की तुलना में अधिक इंटेलीजेंट होते है। स्विच नेटवर्क से कनेक्ट सभी डिवाइस के MAC एड्रेस को लर्न करते है और रिसीवर से प्राप्त डाटा पैकेट को सिर्फ इच्छित प्राप्तकर्ताओं को ही फॉरवर्ड करते है।
उम्मीद करते है की What is Hub In Hindi में बतायी जाने वाली जानकारी आपको अच्छी लगी होगी। किसी तरह के डाउट और सवाल के लिए कमेंट में अपना सवाल पूछ सकते है।
सम्बंधित जानकारी
- TCP/IP प्रोटोकॉल क्या है? इतिहास, उपयोग और कैसे काम करता है

- NAT (Network Address Translation) क्या है? नेटवर्किंग में इसका उपयोग



- IPv4 Address क्या है? संरचना और उदाहरण और कैसे काम करता है?



- डार्क वेब क्या है? परिभाषा, इतिहास, विशेषताएं, नुकसान और उपयोग कैसे करें



- Spyware Kya Hai? परिभाषा, प्रकार और सुरक्षा



- Computer Networking Books | कंप्यूटर नेटवर्किंग से जुड़ी बेहतरीन बुक्स






