दोस्तों आपने आरटीआई एक्ट के बारे में सुना जरूर होगा लेकिन क्या आपको इसके बारे में सही जानकारी है जैसे की आरटीआई क्या है (RTI Kya Hai) आरटीआई एक्ट कब लागू हुआ और किसी भी तरह की सूचना के लिए आरटीआई कैसे लगाया जाए आदि । यदि आप आरटीआई के बारे में पूर्ण जानकारी जानना चाहते है तो 5 मिनट्स का समय देकर इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े।
सूचना का अधिकार क्या है – RTI Kya Hai
आरटीआई शब्द का पूरा नाम Right to Information है जिसे हिंदी में सूचना का अधिकार कहते है। जिसे 12 अक्टूबर , 2005 को लागू किया गया था।हमारा देश भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है देश के संविधान में लोकतंत्र को जीवित रखने के लिए अनेक कानून बनाए गए थे इन्हीं कानूनों में से एक सूचना का अधिकार है जिसके तहत हमारे देश में लोकतंत्र को बनाए रखने का काम किया जाता है इस कानून के माध्यम से आम नागरिकों और सरकार के मध्य पारदर्शिता रखी जाती है। इस कानून के माध्यम से देश का प्रत्येक नागरिक देश के किसी भी सरकारी या गैर सरकारी संस्थान से किसी भी प्रकार की सूचना को जानने का अधिकार रखता है। इस एक्ट के माध्यम से कुछ विशेष विभाग (न्यायिक , रिसर्च , डिफेन्स , खुफिया इत्यादि )को छोड़ कर अन्य किसी भी संस्थान से जानकारी प्राप्त कर है।
आरटीआई अधिनियम कब लागू हुआ? (When did the RTI Act come into force)
सूचना का अधिकार कानून को साल 2005 में भारतीय सरकार द्वारा संसद में बिल पारित करवाकर बनाया गया था जिसके पश्चात 15 जून 2005 को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह संविधान में कानून के रूप में स्वीकृत कर लिया गया था। जिसके पश्चात 15 अक्टूबर 2005 को इसे संविधान में राजपत्र में अधिसूचना के जरिए शामिल कर लिया गया उस समय यह कानून जम्मू कश्मीर को छोड़कर पूरे भारत पर लागू किया गया था लेकिन अब धारा 370 हटाने के बाद यह जम्मू कश्मीर में भी लागू हो गया है।
किन विभागों में आरटीआई से सूचना प्राप्त नहीं की जा सकती है।
कुछ विभागों/सूचनाओं को आरटीआई के दायरे से बाहर रखा गया है वह निम्नानुसार है
1. किसी भी विभाग की ऐसी गोपनीय सूचनाएं मुझसे हमारे देश की एकता और अखंडता या किसी राज्य की सुरक्षा या किसी महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अनुसंधान यह विदेशी संबंधों के बारे में पता चले।
2. किसी विभाग की ऐसी सूचना जिसे किसी न्यायालय या समकक्ष पीठ द्वारा बाहर प्रकाशित होना निषिद्ध किया गया हो।
3. ऐसी सूचना जिसके बाहर आने से देश की संसद या किसी राज्य की विधानसभा का कोई विशेष अधिकार भंग हो।
4. ऐसी कोई भी सूचना जिससे देश के किसी व्यक्ति की सुरक्षा या जीवन को खतरा हो।
5. ऐसी सूचना जिससे किसी अपराधी को सजा होने या पकड़ने में अड़चन आए।
6. सरकारी मंत्रिमंडल के पत्र सचिवों के विचार विमर्श की सामग्री
आरटीआई के माध्यम से जानकारी कैसे प्राप्त करें (Application Process)
सर्वप्रथम आपको सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट rtionline.gov.in पर जाना होगा। जिसके पश्चात होम पेज पर आपको Submit Request बटन देखेगा उसे क्लिक करें

यहां अब एक नया पेज ओपन होगा जहां आपको कुछ गाइडलाइंस लिखी हुई दिखेंगी जिन्हें ध्यान से पढ़ें पूरी गाइडलाइंस पढ़ने के पश्चात नीचे गए बॉक्स पर टिक करने के बाद Submit पर क्लिक करें

जिसके पश्चात आप एक नए पेज पर पहुंचेंगे यहां अपना ईमेल और मोबाइल नंबर दर्ज करें जिससे कि आप एसएमएस के माध्यम से अपनी रिक्वेस्ट के बारे में जानकारी पा सकेंगे अब नीचे दिए गए कैप्चा कोड को भरकर सबमिट बटन पर क्लिक करें .अब नए पेज पर आरटीआई रिक्वेस्ट फॉर्म खुल जाएगा इस फॉर्म पर मांगी गई सभी जानकारियों को सावधानीपूर्वक सही-सही से भरे ।
इसके पश्चात आप अधिकतम 3000 शब्दों में इसका विवरण कर सकते हैं यदि आप गरीबी रेखा के नीचे हैं तो आपको कोई शुल्क नहीं जमा कराना होगा यदि आपके पास बीपीएल कार्ड नहीं है तो आपसे ₹10 का शुल्क लिया जाएगा यदि आप बीपीएल कार्ड धारक है तो वहां पर अपने बीपीएल कार्ड के प्रति अपलोड करें जिसके पश्चात नीचे दिए गए अपलोड बटन पर क्लिक करें यहां पर पूरी प्रक्रिया पूर्ण होती है इसके पश्चात आपको जल्द से जल्द सूचना मुहैया कराई जाएगी। RTI से सूचना मिलने में आपको 30 दिन तक का समय लग सकता है।
RTI का उपयोग कब करना चाहिए
आरटीआई का उपयोग भारत का प्रत्येक नागरिक कर सकता है हमारे देश में लोकतंत्र को बनाए रखने वह प्रत्येक आम नागरिक व सरकार के मध्य पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आरटीआई कानून लागू किया गया था यदि आप किसी भी व्यक्ति ,वस्तु ,संस्था स्थान के बारे में कोई भी जानकारी पाना चाहते हैं तो आप आरटीआई के माध्यम से पा सकते हैं यदि वह जानकारी आरटीआई से विमुक्त रखे गए विभागों को सूचनाओं में नहीं आती है तो वह आपको जल्द से जल्द मुहैया करा दी जाएगी।
RTI से आपको क्या लाभ मिलेगा
सूचना के अधिकार कानून के माध्यम से देश के आम नागरिक कई तरह के लाभ प्राप्त कर सकते हैं
1. हमारे देश के किसी भी व्यक्ति वस्तु स्थान या सरकारी विभाग के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
2. देश का प्रत्येक नागरिक इस कानून के माध्यम से सरकार और प्रशासन को पारदर्शी बना सकता है।
3. आरटीआई कानून मुख्य रूप से भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए बनाया गया है प्रत्येक नागरिक इससे भ्रष्टाचार मिटाने में सहयोग कर सकता है।
लेखक के अंतिम शब्द
इस आर्टिकल में हमने आपको आर्टिकल के बारे में जानकारी दिया जैसे की आरटीआई क्या है (rTI kya hai), आरटीआई एक्ट कब लागु हुआ और आरटीआई कैसे लगाए। उम्मीद करते है की यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा तो इसके बारे में अपनी प्रतिक्रिया दे और इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करे
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