यदि आप न्यूज़ या सोशल मीडिया में अपडेट रहते है तो आपने एफएमसीजी के बढ़ते -घटते रेटो , टैक्स दर आदि विषयो पर अक्सर न्यूज़ बनती रहती है लेकिन क्या आपको इसके बारे में सही जानकारी है जैसे की एफएमसीजी का पूरा नाम क्या है (FMCG Ka Full Form In Hindi) FMCG का इतिहास क्या है , एफएमसीजी में आने वाले प्रोडक्ट के नाम और भारत और दुनिया में एफएमसीजी का भविष्य क्या होने वाला है । इन सभी टॉपिक पर सही जानकारी के लिए हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े
FMCG क्या है FMCG ka full form in hindi
FMCG का फुलफॉर्म Fast Moving Consumer Goods Industry होता है। FMCG उन सभी उत्पादों और वस्तुओं को कहते हैं जो कम लागत में बनाए जाते हैं, और ग्राहको द्वारा तेज़ी से खरीदा और उपभोग किया जाता है और इनकी मांग भी बाजार में हमेशा बनी रहती है। ज़्यदातर घरों, स्कूल, ऑफिस या व्यक्तिगत रूप से उपयोग होने वाले सामान को FMCG की लिस्ट में रखा जाता है।
शहर, गांव या क़स्बा सभी जगह, दुकानों जैसे किराना बाजार, सुपरमार्केट, ऑनलाइन स्टोर में ये सभी सामान जैसे की चीनी, चावल, दाल, दूध, टूथपेस्ट,सर्फ़, झाड़ू, डाइपर, पोछा, सॉफ्ट ड्रिंक,उपलब्ध कराए जाते हैं क्योकि ये इंसान की रोज़मर्रा की ज़रूरत का हिस्सा होते हैं।
इन उत्पादों की मांग हमेशा ही बाजार मे बनी रहती है चाहे Lock down की ही स्थिति हो या कर्फ्यू की , इसी वजह से इनका उत्पादन भी बाकि चीज़ों की तुलना में ज़्यादा मात्रा में किया जाता है, क्योकि भारत जैसे देश में जहाँ जनसंख्या इतनी ज़्यादा है वही FMCG उत्पादों की मांग और खपत भी अधिक रहती है।
Fast Moving Consumer Goods Industry
FMCG का इतिहास क्या था ?
FMCG किसी एक व्यक्ति या संस्था द्वारा स्थापित नहीं हुई है बल्कि समय और ग्राहकों की ज़रूरतों के अनुसार यह धीमे-धीमे बढ़ते हुए एक बीज से आज एक बड़ा पेड़ बना हैं। वर्ष 1950 से लेकर 1980 के दौरान लोग बहुत अमीर नहीं थे लेकिन इसी समय में FMCG सेक्टर में काफी सीमित निवेश शुरू किया गया था। स्थानीय लोग बहुत ब्रांडेड और मेहेंगे सामान तो नहीं खरीदते थे लेकिन रोज़मर्रा की ज़रूरत का सामान दुकानों से खरीदना लोगों ने शुरू कर दिया था।
भारत सरकार भी घरेलु उत्पादक और दुकानदारों को बढ़ावा दे रही थी, जिसके कारण भारत में विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनने और बिकने शुरू हो गए थे । यही से FMCG की शुरुआत माना जा सकता है।
भारत में घरेलु कंपनियों के साथ-साथ विदेशी कंपनियों ने भी अपने खाद्य और परिधान उत्पाद बेचने शुरू कर दिए थे लेकिन तब तक लोगों में ब्रांड की समझ नहीं आई थी लेकिन विदेशी कंपनियों ने प्रचार-प्रसार से भारत के लोगो तक अपने ब्रांड का नाम पहुँचाया और भारत में FMCG को प्रचलित किया।
Hindustan Unilever Limited (HUL) भारत की सबसे पुरानी FMCG कंपनी है, जो 1933 में मुंबई में स्थापित की गयी थी और आज इसे तकरीबन 87 साल हो चुके हैं और इनके 2 billion से भी ज़्यादा ग्राहक उपलब्ध हैं।
FMCG प्रोडक्ट्स कितने प्रकार के होते है :-
- प्रोसेस्ड फ़ूड जैसे दूध, मक्खन, मैगी, तेल, मसाले आदि सामग्री जिन्हें उनके तय समय से थोड़ा ज़्यादा समय तक यूज़ करने के लिए केमिकल द्वारा संरक्षित किया जाता है। इससे सामान के ख़राब होने की अविधि बढ़ जाती है और उसे आराम से पैक करके ग्राहकों को बेचा जाता है।
- Ready to eat फ़ूड जैसे मैगी, चिप्स, ब्रेड, और अन्य प्रकार के snacks हैं जो पहले से 80 % तक पके हुए होते है और उन्हें बस पैकेट से निकाल कर खाना होता है।
- पैक्ड पेय प्रोडक्ट्स जैसे एनर्जी ड्रिंक ,जूस, सॉफ्टड्रिंक्स ये सभी पेय पदार्थ जिन्हे पैक कर के कुछ दिनों तक प्रिज़र्व (सुरक्षित )किया जाता है इसके लिए इसमें कुछ प्रिज़र्व केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है।
- बेकिंग प्रोडक्ट्स जैसे कूकीज, केक, ब्रेड ,बिस्कुट आदि। इन्हें भी कुछ दिन के लिए पैक कर के इस्तेमाल करके बेचा जाता है।
- फ्रोज़न प्रोडक्ट्स जैसे ताज़े फल, सब्ज़ी या ड्राई फ्रूट्स जिन्हे कोल्ड स्टोरेज में रख करके साल भर तक इस्तेमाल करने के लिए बनाया जाता है। आज कल इनकी काफी डिमांड रहती है इसके परिणाम स्वरुप आप किसी भी मौसम के फल और सब्ज़ीयो की उपलब्धता को मार्किट में देख सकते है।
- साफ़ सफाई के प्रोडक्ट्स जैसे फ्लोर क्लीनर, बाथरूम और टॉयलेट क्लीनर, रूम फ्रेशनर, बर्तन धोने के लिए जेल आदि उत्पाद इसमें शामिल हैं।
- ऑफिस और घर सप्लाई सामान जैसे पेन, पेंसिल, मार्कर, कॉपी, डायरी, प्लास्टिक बॉक्स, बाल्टी, टब आदि। इस तरह के सामान की ज़रूरत हर एक घर और ऑफिस में पड़ती है इसलिए इन्हे FMCG की केटेगरी में शामिल किया गया हैं।।
- आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स जैसे पतंजलि, mamaearth लोगों द्वारा पसंद किये जा रहे हैं क्योकि केमिकल उत्पादों से ग्राहकों की सेहत पर बुरा असर हो रहा है तो वो आयुर्वेदिक की तरफ रुख कर रहे हैं।
- कॉस्मेटिक्स जैसे शैम्पू, कंसीलर, टूथपेस्ट, फेसवाश, साबुन आदि। इन्हे भी सबसे ज़्यादा उपयोग किये जाने वाली चीज़ें है और इनकी भी मार्केट में हमेशा डिमांड होती है।
- साधारण दवाएं जैसे पैन किलर, बुखार, पाचन के लिए सिरप या खांसी का सिरप। ये सभी ऐसी दवाएं हैं जिनको लेने के लिए लिए डॉक्टर के प्रिक्रिप्शन की ज़रूरत नहीं होती।
साल 2022 की भारत की टॉप 10 FMCG कंपनियां
- Adani Wilmar
- Hindustan Unilever Limited (HUL)
- Indian Tobacco Company (ITC)
- Nestle India
- Colgate Palmolive India Ltd.
- Parle Agro
- Britannia Industries Ltd.
- Marico Limited
- Procter & Gamble (P&G)
- Amul
FMCG कंपनियों का उज्जवल भविष्य
FMCG प्रोडक्ट्स का भविष्य तो भारत में हमेशा से ही बहुत उज्जवल रहा है क्योकि भारत की बढ़ती जनसँख्या की हर दिन की ज़रूरत को पूरा करने का काम FMCG की ज़िम्मेदारी है।
भारत FMCG उत्पादों और उपभोग का एक बहुत बड़ा बाजार है। पिछले कुछ सालों में भारत FMCG के क्षेत्र में 21.4% की दर से बढ़ रहा है और यह रेट लगातार बढ़ता जा रहा है।
पहले मॉल, बाजार, सुपरमार्केट,और दुकानों पर ही सब सामान मिलता था लेकिन अब टेक्नोलॉजी और E-Commerce के आने के बाद से ऑनलाइन शॉपिंग भी इसका हिस्सा बन गयी है, जिसने FMCG को बहुत प्रोत्साहन मिला है।
प्ले स्टोर पर कई ऐप भी उपलब्ध हैं जिन्हे मोबाइल में इनस्टॉल करके बहुत से ग्राहक किसी भी केटेगरी के सामान को एक ही जगह से खरीद सकता है और होम डिलीवरी और डिस्काउंट ऑफर से बिक्री को कई गुना बढ़ा रहे हैं।
इन्हीं तरीकों से और बढ़ती आबादी और उनकी बढ़ती ज़रूरतों से FMCG हर दिन तरक्की कर रहा है और मार्किट में इस सेक्टर में नई-नई कंपनियां आ रही हैं। FMCG भारत की अर्थव्यवस्था में चौथा मज़बूत स्तम्भ है, और समय के साथ भारतीय कंपनियां अब ग्लोबल बन रही है।
लेखक के अंतिम शब्द
इस आर्टिकल में हमने आपको एफएमसीजी से सम्बंधित जानकारी देने का प्रयास किया जैसे की एफएमसीजी का पूरा नाम क्या है (FMCG Ka Full Form In Hindi) इसका इतिहास , इसके प्रोडक्ट के नाम और भारत में एफएमसीजी का भविष्य। उम्मीद करते है की आर्टिकल पसंद आया होगा तो इसे अधिक से अधिक शेयर करे और इस आर्टिकल और ब्लॉग से सम्बंधित किसी प्रकार की सलाह के लिए कमेंट में फीडबैक दे।