हर साल दुनिया के 10 अमीर देशों की सूची आती है । इस साल भी दुनिया के 10 सबसे अमीर देशों की सूची जारी की गई है। दुनिया के अमीर देशों (duniya ka sabse amir desh) की सूची तैयार करने में उस देश की अर्थव्यवस्था, वहां के प्रत्येक व्यक्ति की इनकम, प्रॉपर्टी, बिजनेस , विदेश में खरीदी गई प्रॉपर्टी सभी चीजों को शामिल किया जाता है।
वैसे आमतौर पर किसी भी देश की अर्थव्यवस्था का आकलन उस देश की जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पादन के आधार पर किया जाता है। एक निश्चित अवधि के बाद किसी भी देश में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं को जोड़कर जीडीपी तैयार किया जाता है और इस जीडीपी के आधार पर उस देश की अर्थव्यवस्था निर्धारित की जाती है। नीचे हमने जीडीपी के आधार पर दुनिया के 10 सबसे अमीर देशों के बारे में बताया है।
संयुक्त राज्य अमेरिका
उत्तर अमेरिका महाद्वीप में स्थित अमेरिका दुनिया का सबसे अमीर देशों (duniya ka sabse amir desh)की सूची में आता है। 1871 से ही संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश रहा है। उद्योग निर्माता के मामले में अमेरिका चीन के बाद दूसरे स्थान पर आता है। संयुक्त राज्य अमेरिका प्राकृतिक संसाधनों के अनुमानित मूल्य के लिए भी दुनिया में दूसरे स्थान पर आता है।
यहां का अमेरिकी डॉलर वैश्विक लेनदेन के लिए सबसे व्यापक रूप में प्रयोग किए जाते हैं। अमेरिका का कुल जीडीपी 23 ट्रिलियन डॉलर है जो इसे विश्व का पहला सबसे अमीर देश बनाता है। अमेरिका में कई बड़ी-बड़ी कंपनियां हैं जैसे कि गूगल , फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट यहां तक कि अमेरिका में अन्य देशों की तुलना में सबसे ज्यादा अमीर लोग रहते हैं।

चीन
अर्थव्यवस्था के आधार पर चीन अमेरिका के बाद दुनिया का सबसे बड़ा अर्थव्यवस्था वाला देश है। यह दुनिया के सबसे अमीर देशों (duniya ka sabse amir desh)की सूची में दूसरे स्थान पर आता है। चीन का कुल जीडीपी 17.7 ट्रिलियन डॉलर है। हालांकि 1947 में भारत और चीन दोनों की अर्थव्यवस्था एक समान थी लेकिन बीते कुछ दशकों में चीन ने टेक्नोलॉजी के मामले में काफी ज्यादा विकास किया है।
आज चीन के द्वारा बनाए गए ज्यादातर प्रोडक्ट दुनिया के देशों में इस्तेमाल किए जाते हैं। इसका सबसे अहम कारण है चीन काफी सस्ते दामों में अपने बनाए हुए प्रोडक्ट का निर्यात करता है। यंहा तक कि भारत के बाजार में भी चाइना के प्रोडक्ट खूब ज्यादा बिकते हैं। इसलिए आज चीन सबसे अमीर देशों की सूची में आ चुका है। कुछ फैसलों के कारण चीन का आर्थिक विकास काफी ज्यादा हुआ है। चीन के पास अंदाजी 23 ट्रिलियन डॉलर के प्राकृतिक संसाधन है और इसमें 90% सिर्फ पृथ्वी धातु और कोयला शामिल है।

जापान
जापान की अर्थव्यवस्था अत्यधिक विकसित सामाजिक बाजार व्यवस्था है। जापान का नाम आते ही उसके साथ टेक्नोलॉजी भी जुड़ जाती है। क्योंकि टेक्नोलॉजी के मामले में जापान पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। आज जापान तीसरा सबसे बड़ा अर्थव्यवस्था वाला देश बन चुका है। वर्तमान में जापान की कुल जीडीपी 4.9 ट्रिलियन डॉलर है।
विश्व बैंक के अनुसार जापान में प्रति व्यक्ति जीडीपी $49,000 हैं। लेकिन साल 1990 में जापान देश महान मंदी में जूझ रहा था। जापान के प्रधानमंत्री के बेहतरीन नीतियों के कारण आज यह देश काफी तेजी से विकास कर रहा है। हालांकि जापान के पास प्राकृतिक संसाधन की कमी है इसके अतिरिक्त अन्य देशों से इसे उर्जा को भी आयात करना पडता है। लेकिन जापान के विकसित अर्थव्यवस्था के कारण इसे अक्सर पूर्वी एशियाई मॉडल के रूप में जाना जाता है। जापान G7 और G20 का भी सदस्य है।

जर्मनी
जर्मनी यूरोप एवं विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है यहां सामाजिक बाजार अर्थव्यवस्था है। अर्थव्यवस्था के मामले में जर्मनी चौथा सबसे अमीर देश है जिसका कुल जीडीपी 4.2 ट्रिलियन है। हालांकि द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जर्मनी की अर्थव्यवस्था में काफी गिरावट देखने को मिली थी साल 2019 के दौरान भी अर्थव्यवस्था में 5% की गिरावट दर्ज हुई थी।
लेकिन आज जर्मनी बहुत सारी वस्तुओं का निर्माण करके दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश बन चुका है। आज जर्मनी कई तरह के मशीनरी, दवाइयां, परिवहन, उपकरण, मूल धातु , खाद उत्पादक, रबर और प्लास्टिक , रासायनिक वस्तु और इलेक्ट्रिक उत्पाद को बड़ी मात्रा में अन्य देशों में निर्यात करता है। इस देश में अत्यंत कुशल श्रम शक्ति है । जर्मनी में भ्रष्टाचार का स्तर अन्य देशो की तुलना में काफी कम है।

भारत
भारत जनसंख्या के मामले में विश्व में दूसरे नंबर पर आता है। भारत की ज्यादातर जनसंख्या कृषि में जुड़ी हुई हैं और भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है। हालांकि कुछ सालों से भारत का कृषि क्षेत्र अर्थव्यवस्था में 60% का योगदान दे रहा है। इसके अतिरिक्त 20% हिस्सा रोजगार का है।
1991 में शीत युद्ध की समाप्ति होने के बाद भारत ने व्यापक आर्थिक उदारीकरण को अपनाया 21वीं सदी की शुरुआत के बाद से भारत के सकल घरेलू उत्पादन में 6 से 7% की वृद्धि हुई। आज भारत 3.2 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन चुका है। भारत बीते कुछ सालों से बहुत तेजी से अर्थव्यवस्था को विकसित करने में लगा हुआ है। आने वाले समय में भारत एक विकासशील देशो से विकसित देश के रूप में भी परिवर्तित हो सकता है।

यूनाइटेड किंगडम
यूरोप महाद्वीप का देश यूनाइटेड किंगडम एक विकसित सामाजिक अर्थव्यवस्था वाला देश है। आज अर्थव्यवस्था के मामले में यूनाइटेड किंगडम दुनिया की छठी सबसे बड़ी देश है जिसका कुल जीडीपी 3.2 ट्रिलियन डॉलर है। यूनाइटेड किंगडम के अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का सबसे ज्यादा योगदान है जिसमें वित्त बीमा और व्यवसायिक सेवा समावेश है। सेवा क्षेत्र यूनाइटेड किंगडम के अर्थव्यवस्था में 80% का योगदान देता है वंही एयरोस्पेस उद्योग दूसरे नंबर पर यूनाइटेड किंगडम के अर्थव्यवस्था में सबसे ज्यादा योगदान देता है। इसके अर्थव्यवस्था में कृषि का भी बहुत बड़ा योगदान है।

फ्रांस
फ्रांस एक विकसित अर्थव्यवस्था वाला देश है। यूरोप महाद्वीप में जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम के बाद फ्रांस तीसरा सबसे बड़ा अर्थव्यवस्था वाला देश है वंही दुनिया में यह अर्थव्यवस्था के मामले में सातवां सबसे बड़ा देश है। हालांकि बीते कुछ वर्षों में फ्रांस में बेरोजगारी का दर भी बढा है। बीते कुछ वर्षों में 10% बेरोजगारी का दर दर्ज किया गया लेकिन फ्रांस अर्थव्यवस्था में यहां का उद्योग एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जो यहां की अर्थव्यवस्था में सबसे ज्यादा योगदान देता है। आज फ्रांस की कुल जीडीपी 2.9 ट्रिलियन डॉलर है।

इटली
यूरोप महाद्वीप में स्थित देश इटली अर्थव्यवस्था के मामले में दुनिया का आठवां सबसे बड़ा देश है जिसका कुल जीडीपी 2.1 ट्रिलियन डॉलर है। हालांकि वर्तमान में इटली में बेरोजगारी दर भी बढी है और ऋण का भी सामना कर रहा है । इटली की ज्यादातर जनसंख्या भारत की तरह ही कृषि पर निर्भर करती हैं। इसीलिए इसे यूरोप का भारत भी कहा जाता है। विश्व युद्ध से पहले तो इटली की अर्थव्यवस्था कृषि पर निर्भर थी। लेकिन आज के समय में यह भोजन , कपड़े, वाहन, मशीनरी जैसी कई तरह की चीजें दुनिया के अन्य देशों में निर्यात करता है।

कनाडा
कनाडा क्षेत्रफल की दृष्टि से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। आज कनाडा दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन चुका है। कनाडा का वर्तमान का कुल जीडीपी 2 ट्रिलियन डॉलर है। भारत ज्यादातर लोग कनाडा में रोजगार करते हैं कनाडा और अमेरिका के बीच मुक्त व्यापार संबंध है इसी कारण यह दुनिया के सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपने आपको विकसित किया है।

ब्राजील
ब्राजील दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में सबसे बड़ा अर्थव्यवस्था वाला देश माना जाता है। आज यह अर्थव्यवस्था के मामले में दुनिया का दसवां सबसे बड़ा देश है। ब्राजील पिछले कुछ दशकों से अपने अर्थव्यवस्था में तेजी से विकास कर रहा है। साल 2017 में ब्राजील में गंभीर मंदी देखी गई थी लेकिन ब्राजील ने हार नहीं माना और सतत विकास करते रहा। आज ब्राज़ील के कुल जीडीपी 1.84 ट्रिलियन डॉलर है। ब्राजील अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और वस्तुओं के बाजार में अपनी उपस्थिति का विस्तार कर रहा है इसके अर्थव्यवस्था में विभिन्न के उत्पादन से लेकर खनिज और ऊर्जा संसाधन का महत्वपूर्ण योगदान है इसके अलावा ब्राजील अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान है। ब्राजील में कॉफी और सोयाबीन का प्रचुर मात्रा में उत्पादन होता है और बड़ी मात्रा में यह अन्य देशों में निर्यात करता है।

इस आर्टिकल में हमने आपको दुनिया के सबसे अमीर देशको (duniya ka sabse amir desh) के नाम और उन देशो के बारे में विस्तार से बताया है और उम्मीद करते है की आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। किसी तरह के सवाल और डाउट के लिए नीचे कमेंट करे। लेटेस्ट प्रोडक्ट रिव्यु और टेक्नोलॉजी से सम्बंधित जानकारी के लिए simiservice.com पर जाये।
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