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डिवाइस ड्राइवर क्या है? फ़ीचर, प्रकार और कैसे काम करता है?

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device driver in hindi? कंप्यूटर या लैपटॉप का इस्तेमाल करते समय आपने “Driver” या “System Driver” का नाम ज़रूर सुना होगा। यह एक तरह का विशेष सॉफ्टवेयर होता है जो कंप्यूटर Operating System और Hardware Device के बीच ट्रांसलेटर की तरह काम करता है। अगर सिस्टम ड्राइवर न हो, तो ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर से कनेक्ट हार्डवेयर डिवाइस जैसे कीबोर्ड, माउस, प्रिंटर, ग्राफिक्स कार्ड, या अन्य हार्डवेयर डिवाइस के साथ कम्यूनिकेट नहीं कर पायेगा। कंप्यूटर में डिवाइस ड्राइवर एक छोटा सॉफ्टवेयर लेकिन बहुत उपयोगी सॉफ्टवेयर होता है जो यूजर के इंस्ट्रक्शन को ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ कम्यूनिकेट कराने में मदद करता है। सरल शब्दों में कहें तो, सिस्टम ड्राइवर वह प्रोग्रामिंग कोड होता है। जिसे हार्डवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम दोनों समझते हैं, और इसी की मदद से वे आपस में सही तरह से कम्यूनिकेट कर पाते हैं।

डिवाइस ड्राइवर क्या है? (What Is device driver in hindi)

डिवाइस ड्राइवर एक विशेष प्रकार का सॉफ़्टवेयर है जो ऑपरेटिंग सिस्टम और हार्डवेयर डिवाइस के साथ कम्युनिकेशन कराने का कार्य करता है। बिना डिवाइस ड्राइवर के ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर से कनेक्ट किये गए डिवाइस को समझ और उपयोग नहीं कर पायेगा।

सिस्टम ड्राइवर हार्डवेयर और Operating System के बीच एक प्रकार से ट्रांसलेटर  की तरह काम करता है। डिवाइस ड्राइवर ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा दिए गए इंस्ट्रक्शन को हार्डवेयर डिवाइस के समझने योग्य ट्रांसलेट करता है और हार्डवेयर डिवाइस के द्वारा दिए गए रेस्पॉन्स को ऑपरेटिंग सिस्टम के समझने योग्य ट्रांसलेट करने का कार्य करता है जिससे ऑपरेटिंग सिस्टम हार्डवेयर के साथ आसानी से कम्यूनिकेट कर सके।

उदाहरण के लिए कंप्यूटर में इनस्टॉल Printer Driver प्रिंटर को सही फॉर्मेट में डॉक्यूमेंट प्रिंट करने के लिए कमांड देता है, Graphics Driver इमेज और वीडियो को सही फॉर्मेट में डिस्प्ले करने में मदद करता है। कंप्यूटर में प्रत्येक हार्डवेयर डिवाइस जैसे keyboard, mouse, printer, sound card, और network adapter को सही तरीके से कार्य करने के लिए ड्राइवर की आवश्यकता होती है।

What Is Device Driver

कंप्यूटर में कुछ ड्राइवर ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आते है जब कुछ ड्राइवर को अलग से इनस्टॉल करने की आवश्यकता होती है। आज के समय में लगभग सभी ऑपरेटिंग सिस्टम में डिवाइस को कनेक्ट करते ही ड्राइवर ऑटोमैटिक इनस्टॉल हो जाता है जब की कुछ हार्डवेयर डिवाइस के लिए इसे हार्डवेयर डिवाइस के ऑफिसियल वेबसाइट से जाकर डाउनलोड और इनस्टॉल करना पड़ता है।

Computer MouseComputer Keyboard
Computer Printer Computer Scanner
Computer Monitor Computer Hard Disk

डिवाइस ड्राइवर का उद्देश्य

कंप्यूटर या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में डिवाइस ड्राइवर का मुख्य कार्य हार्डवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम के बीच Bridge या ट्रांसलेटर की तरह कार्य करना होता है जिससे वे आपस में अच्छी तरह से कम्यूनिकेट कर सके। प्रत्येक डिवाइस जैसे प्रिंटर, कीबोर्ड या ग्राफ़िक्स कार्ड आदि के लिए स्पेसिफिक ड्राइवर को डेवलप किया जाता है। डिवाइस को सिस्टम में कनेक्ट या उपयोग करते ही ड्राइवर आटोमेटिक लोड हो जाते है। डिवाइस ड्राइवर का मुख्य कार्य हार्डवेयर परफॉरमेंस को मैनेज और कण्ट्रोल करना सिस्टम से भेजे गए इंस्ट्रक्शन को रिसीव करना और सिस्टम को उसका सही रेस्पॉन्स देना होता है।

डिवाइस ड्राइवर कैसे काम करता है?

कंप्यूटर में सिस्टम ड्राइवर का कार्य ऑपरेटिंग सिस्टम और हार्डवेयर डिवाइस के फंक्शन पर निर्भर करता है। कंप्यूटर में ड्राइवर का कार्य ट्रांसलेटर की तरह होता है। कंप्यूटर में ऑपरेटिंग सिस्टम की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज और हार्डवेयर डिवाइस की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज अलग हो सकती है, इस तरह डिवाइस ड्राइवर दोनों के बीच सही तरीके से कम्युनिकेशन कराने का कार्य करता है।

जब आप कंप्यूटर में कोई कार्य करते है जैसे कीबोर्ड पर टाइप करना, कोई डॉक्यूमेंट प्रिंट करना, या कोई वीडियो प्ले करना, तो ऑपरेटिंग सिस्टम डिवाइस ड्राइवर को टास्क परफॉर्म करने के लिए इंस्ट्रक्शन भेजता है। डिवाइस ड्राइवर उस इंस्ट्रक्शन को हार्डवेयर डिवाइस के समझने योग्य फॉर्मेट में ट्रांसलेट करता है जिससे हार्डवेयर डिवाइस उसे समझ कर यूजर द्वारा दिए गए इंस्ट्रक्शन को परफॉर्म करता है ।

यह प्रोसेस बहुत फ़ास्ट और ऑटोमैटिक तरीके से होती है जिससे हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच सही कम्युनिकेशन हो सके। कंप्यूटर में डिवाइस ड्राइवर के बिन हार्डवेयर डिवाइस, ऑपरेटिंग सिस्टम के इंस्ट्रक्शन को समझ नहीं पायेगा जिससे उसे सही से कण्ट्रोल करना और कार्य करना मुश्किल हो जायेगा

How Deivce Driver Workss

डिवाइस ड्राइवर के प्रकार (Types Of device driver in hindi)

कंप्यूटर या अन्य किसी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में उपयोग होने वाले डिवाइस ड्राइवर को उनके कार्य और डिवाइस के आधार पर कई वर्गों में बांटा गया है। नीचे आप कंप्यूटर में उपयोग होने वाले कुछ प्रमुख ड्राइवर्स को समझ सकते है।

  • कर्नेल मोड ड्राइवर (Kernel Mode Drivers) : कर्नेल मॉडल ड्राइवर ऑपरेटिंग सिस्टम के कर्नेल लेवल पर कार्य करते है। ये सिस्टम में बिना किसी रिस्ट्रिक्शन, कण्ट्रोल के सिस्टम से डायरेक्ट कम्यूनिकेट करते है। जैसे कि प्रोसेसर , मेमोरी , स्टोरेज डिवाइस, ग्राफिक्स ड्राइवर, नेटवर्क ड्राइवर आदि । सिस्टम में कर्नेल ड्राइवर में किसी प्रकार के Bug या fails होने पर पूरा सिस्टम क्रैश या कार्य करना बंद कर सकता है।
  • यूज़र मोड ड्राइवर (User Mode Drivers) : यूजर मोड ऑपरेटिंग सिस्टम के यूज़र लेवल पर कार्य करते हैं। इनका उपयोग मुख्य रूप से एक्सटर्नल डिवाइस, प्लग-इन डिवाइस, सॉफ्टवेयर को कण्ट्रोल या मैनेज करने के लिए उपयोग किया जाता है जैसे की प्रिंटर ड्राइवर, स्कैनर ड्राइवर , USB डिवाइस ऑडियो वीडियो डिवाइस आदि । यूजर मोड ड्राइवर कर्नेल ड्राइवर की तुलना में स्लो होते है और सिस्टम का लिमिटेड एक्सेस होता है।
  • वर्चुअल डिवाइस ड्राइवर (Virtual Device Drivers) : वर्चुअल डिवाइस ड्राइवर विशेष प्रकार के ड्राइवर होते हैं जो सॉफ़्टवेयर को रियल हार्डवेयर की तरह काम करने सुविधा देते हैं। इस प्रकार के ड्राइवर किसी फिजिकल डिवाइस को कण्ट्रोल करने के बजाय, सॉफ़्टवेयर द्वारा बनाए गए “वर्चुअल” डिवाइस को कण्ट्रोल करते हैं। इन ड्राइवरों का उपयोग अक्सर virtual machines, emulators या कुछ सिक्योरिटी टूल्स में ऑपरेटिंग सिस्टम को यह विश्वास दिलाने के लिए किया जाता है कि यह रियल हार्डवेयर के साथ काम कर रहे है। उदाहरण के लिए, एक वर्चुअल नेटवर्क ड्राइवर दो वर्चुअल मशीनों से इस तरह कम्यूनिकेट करते है जैसे वे वास्तविक नेटवर्क केबल से जुड़े हों।
  • नेटवर्क ड्राइवर (Network Drivers) : नेटवर्क डिवाइस ड्राइवर का मुख्य उद्देश्य कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम को नेटवर्क डिवाइस जैसे की नेटवर्क इंटरफ़ेस कार्ड (NIC), वाई-फ़ाई अडैप्टर, या ईथरनेट पोर्ट के साथ कम्यूनिकेट करना होता है। LAN कार्ड ड्राइवर, वायरलेस ड्राइवर नेटवर्क ड्राइवर के मुख्य उदाहरण है । यह ऑपरेटिंग सिस्टम और नेटवर्क डिवाइस के बीचे एक प्रकार से ट्रान्सलेर की तरह कार्य करते है जिससे नेटवर्क के माध्यम से डाटा send करना और रिसीव करना आसान हो जाता है। सही नेटवर्क ड्राइवर के बिना कंप्यूटर इंटरनेट एक्सेस या अन्य डिवाइस से कम्यूनिकेट नहीं कर पायेगा।

Signed Device Drivers क्या हैं?

साइंड डिवाइस ड्राइवर टेस्टेड और ट्रस्टेड ड्राइवर होता है जो हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर के बीच सिक्योरिटी , रिलायबिलिटी और स्मूथ कम्युनिकेशन को सुनिश्चित करता है। इस तरह के ड्राइवर में मैन्युफैक्चरर के डिजिटल सिग्नेचर या किसी ट्रस्टेड अथॉरिटी द्वारा कन्फर्म किये जाते है की ये ड्राइवर पूरी तरह सुरक्षित और जेनुइन” (Genuine) है।

इसमें स्टोर सिग्नेचर डिजिटल प्रमाणित करते है कि ड्राइवर को बनाए जाने के बाद से इसमें किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। विंडोज़ जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम, ड्राइवर इंस्टॉल करने से पहले इनके सिग्नेचर डिजिटल चेक करते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन किसी ट्रस्टेड अथॉरिटी द्वारा डेवलप किया गया है। साइंड डिवाइस ड्राइवर कंप्यूटर को स्पैम या नकली सॉफ़्टवेयर से बचाने में मदद करते हैं और फ्यूचर में किसी तरह की प्रॉब्लम से बचाने में मदद करते है।

Unsigned Device Drivers क्या हैं?

अन्साइन्ड डिवाइस ड्राइवर में मैन्युफैक्चरर या किसी ट्रस्टेड अथॉरिटी के डिजिटल सिग्नेचर नहीं होते है। इसका मतलब है इस तरह के डिवाइस ड्राइवर को ऑपरेटिंग सिस्टम कन्फर्म नहीं कर सकता कि ड्राइवर जेनुइन” (Genuine) और , कितना सिक्योर है। Unsigned Driver में किसी तरह का malware, System Error या System Crashes जैसी समस्याएं भी देखी जा सकती है। कुछ पुराने सिस्टम में अन्साइन्ड डिवाइस देखे जा सकते है लेकिन मॉर्डन कंप्यूटर में अन्साइन्ड डिवाइस ड्राइवर इनस्टॉल करते समय ऑपरेटिंग सिस्टम इन्हे Block या यूजर को warn करता है। अन्साइन्ड डिवाइस ड्राइवर अन-वेरिफ़िएड सॉफ़्टवेयर होते है, जिनका उपयोग करने से कंप्यूटर में सिक्योरिटी कंप्रोमाइज हो सकती है और डिवाइस के लिए ये अनस्टेबल होते है।

डिवाइस ड्राइवर कैसे इंस्टॉल करें?

कंप्यूटर में डिवाइस ड्राइवर इंस्टॉल करना बहुत आसान होता है, लेकिन डिवाइस ड्राइवर इनस्टॉल करना ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार और डिवाइस पर निर्भर करता है। कंप्यूटर में ड्राइवर इनस्टॉल करने के लिए आप नीचे बताये गए स्टेप्स को फॉलो कर सकते है।

  • ऑटोमैटिक इंस्टॉलेशन (Automatic Installation)

कंप्यूटर में ड्राइवर को आप कुछ आसान स्टेप्स की मदद से आसानी से इनस्टॉल कर सकते है। ज़्यादातर मामलों में, ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे Windows, Linux सिस्टम में डिवाइस जैसे प्रिंटर, कीबोर्ड या यूएसबी डिवाइस को कनेक्ट करते ही डिवाइस सम्बंधित ड्राइवर को ऑटोमैटिक डिटेक्ट और इनस्टॉल कर देता है। इसे प्लग-एंड-प्ले कहते हैं।

  • मैनुअल इंस्टॉलेशन (Manual Installation)

Device Driver ड्राइवर ऑटोमैटिक इनस्टॉल नहीं होता है तो इसे आप Manual इनस्टॉल कर सकते है। इसके लिए सबसे पहले आपको डिवाइस के ब्रांड और मॉडल नंबर का पता लगाना होगा इसके बाद आप उस ब्रांड की ऑफिसियल वेबसाइट में जाकर मॉडल और ऑपरेटिंग को मैच करते हुए लेटेस्ट ड्राइवर को डाउनलोड करें। ड्राइवर डाउनलोड करने के बाद, सेटअप फ़ाइल ओपन करें और कुछ स्टेप्स के साथ इसे सिस्टम में इनस्टॉल कर सकते है।

  • ड्राइवर अपडेट करना

ड्राइवर अपडेट करने का मतलब है डिवाइस ड्राइवर का लेटेस्ट वर्शन इंस्टॉल करना ताकि आपका डिवाइस पहले से बेहतर परफॉरमेंस दे सके । अपडेट किए गए ड्राइवर अक्सर बग्स को ठीक करते हैं, बेहतर परफॉरमेंस देने में मदद करते हैं और डिवाइस में कुछ नए फ़ीचर ऐड करते है। Windows ऑपरेटिंग सिस्टम में ड्राइवर अपडेट करने के लिए “Device Manager” में जाकर किसी विशेष डिवाइस या सभी Driver अपडेट किये जा सकते है।

डिवाइस ड्राइवर के उदाहरण

कंप्यूटर से कनेक्ट सभी डिवाइस के लिए ड्राइवर की आवश्यकता होती है लेकिन इनमे से कुछ के ड्राइवर ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा ऑटोमैटिक इनस्टॉल हो जाते है, तो कुछ को यूजर द्वारा इनस्टॉल करना पड़ता है। नीचे आप कुछ डिवाइस ड्राइवर के उदाहरण देख सकते है।

  • Printer Driver
  • Graphics Driver
  • Network driver
  • Sound driver
  • Video driver
  • USB Driver
  • Storage driver
  • Motherboard driver
  • Bluetooth driver
types of device driver

निष्कर्ष (Conclusion)

सिस्टम ड्राइवर किसी भी कंप्यूटर या लैपटॉप का एक बेहद महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर होता है। डिवाइस ड्राइवर ही सुनिश्चित करता है कि आपका हार्डवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम आपस में किस तरह से कम्यूनिकेट करेंगे। कंप्यूटर में सही ड्राइवर सिस्टम की स्पीड, परफॉरमेंस नए फ़ीचर को ऐड करते है अगर सिस्टम में ऑउटडेटेड या गलत ड्राइवर इनस्टॉल हो जाये तो यह डिवाइस की परफॉरमेंस डाउन कर सकते या हार्डवेयर से सम्बंधित अन्य प्रॉब्लम क्रिएट कर सकते है। इसलिए, हमेशा अपने डिवाइस के लिए सही और अपडेटेड ड्राइवर इंस्टॉल करें, ताकि आपका कंप्यूटर बेहतरीन तरीके से काम करता रहे।

siya

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