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बीएसएफ क्या है , इसका इतिहास, भर्ती प्रक्रिया और अन्य रोचक बातें

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देश के अधिकतर युवाओ का सपना होता है की वह देश सेवा के लिए भारतीय सेना को ज्वाइन करे। देश के आंतरिक और बाहरी आक्रमण से सुरक्षा के लिए अनेको सेनाओ का गठन किया है। उनमे से BSF जो देश और दुनिया की सबसे बड़ी सेना मानी जाती है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको BSF Full Form से लेकर इसके इतिहास , भर्ती प्रक्रिया और तैयारी के बारे में विस्तार से बताएँगे।

BSF क्या है और बीएसएफ का फुल फॉर्म | What Is BSF & BSF Full Form

BSF यानी बार्डर सिक्युरिटी फ़ोर्स (Border Security Force) अथवा सीमा सुरक्षा बल का गठन भारत सरकार द्वारा देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने और अंतरराष्ट्रीय अपराधों को रोकने के उद्देश्य से किया गया।

यह फाॅर्स भारत के गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है और आज इसमें 188 बटालियन और 2.57 लाख से अधिक जवानों की क्षमता वाली अपने स्तर की दुनिया की सबसे बड़ी सैनिक मानी जाती है। बीएसएफ की स्थापना भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध के बाद 1 दिसंबर सन् 1965 में की गई। इसीलिये एक दिसंबर को हर वर्ष बीएसएफ का स्थापना दिवस मनाया जाता है।

इसके पहले महानिदेशक श्री के. एफ़. रुस्तम जी थे। यह फ़ोर्स एक अर्द्धसैनिक बल के तौर पर देश की पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी करीब 6300 किलोमीटर लंबी सीमाओं की सुरक्षा करती है।

ये सीमाएं नदी पहाड़ और दुर्गम घाटियों तक फैली हुई हैं। जहां बीएसएफ के जांबाज़ जवानों की तैनाती होती है। यह देश के पांच प्रमुख केंद्रीय सशस्त्र बलों में से एक है। इसका मुख्यालय ब्लॉक 10 सीजीओ कामप्लेक्स लोधी रोड दिल्ली 3 पर स्थित है। और इसका आधिकारिक वेबसाइट www.bsf.nic.in है।

बीएसएफ के गठन का संक्षिप्त इतिहास ..

सन् 1965 ई. भारतीय सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ के गठन के पीछे भी एक रोचक इतिहास है। असल में 1965 के दौरान जब भारत और पाकिस्तान का युद्ध हो रहा था उस समय देश की सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था राज्यों की पुलिस के हाथो में थी। सन् 1965 तक पाकिस्तान से जुड़ी भारत की सीमाओं की सुरक्षा में राज्य सशस्त्र पुलिस बटालियन के जवान तैनात थे।

जब पाकिस्तान द्वारा 9 अप्रैल 1965 को कच्छ में सरदार पोस्ट व छार बेट और बेरिया बेट पर हमला किया गया तो राज्य पुलिस की ऐसे सशस्त्र आक्रमणों से निपटने में अक्षमता उजागर हो गई।

तब भारत सरकार ने एक विशेष तौर पर नियंत्रित सीमा सुरक्षा बल की ज़ुरूरत महसूस की। जिसे खास तौर पर पाकिस्तान के साथ साझा होने वाली अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तैनात किया जा सके। इस जद्दोजहद के परिणाम स्वरूप के एफ रुस्तम की अध्यक्षता में 1 दिसंबर 1965 को बीएसएफ वज़ूद में आया।

आज बीएसएफ दुनिया का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल है। इस तरह बार्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स या बीएसएफ का गठन देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा के लिए लाये गये एक विशेष जनादेश के तहत किया गया।

बीएसएफ सैनिकों के प्रमुख कार्य ..

 बीएसएफ का मुख्य कार्य विशेषकर बांग्लादेश और पाकिस्तान से लगी भारतीय भूमि सीमा की सुरक्षा करना घुसपैठ और तस्करी रोकना है। इसके अलावा बीएसएफ को अंतर्राष्ट्रीय अपराध को रोकने का दायित्व भी सौंपा गया है। बीएसएफ का ध्येय वाक्य है..ड्यूटी अंटिल डेथ (Duty until death) यानी मरते दम तक कर्तव्य का पालन

बीएसएफ सैनिकों की बहादुरी की मिसाल सन् 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुये युद्ध में पूरी दुनिया ने देखा था। 1971 के इस युद्ध में जिसे बांग्लादेश मुक्ति संग्राम का नाम दिया गया बीएसएफ को उन क्षेत्रों में तैनात किया गया जहां परंपरागत बलों की पहुंच नहीं थी।

इस तरह बीएसएफ ने बांग्लादेश की मुक्ति में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसकी तस्दीक़ तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री शेख मुजीबुर्रहमान द्वारा भी की गई।

बीएसएफ एकमात्र ऐसा सशस्त्र बल है जिसकी अपनी आर्टिलरी विंग के साथ ही एयर विंग और मरीन विंग भी है। इसके अलावा बीएसएफ के पास एक टियर स्मोक यूनिट भी है। यह देश भर के दंगा विरोधी बलों के लिए आवश्यक टियर गैस या आंसू गैस उत्पादित करता है और इसकी विदेशों में भी सप्लाई करता है।

बीएसएफ में कितनी सैलरी..

 बात करें सैलरी यानी तनख़्वाह की तो बीएसएफ में कांस्टेबल लेवल पर यह सैलरी लगभग 23000 रूपये से शुरू होकर DIG अर्थात डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल की सैलरी लगभग 85000 तक होती है। इसमें ग्रेड पे की राशि अलग से जोड़ी जाती है। बता दें कि भारतीय सेना को भारतीय सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ से कहीं ज्यादा सैलरी और सुविधाएं मिलती हैं।

बीएसएफ में जाने के लिए आवश्यक योग्यता और आयु की सीमा ..

 बीएसएफ में प्रत्येक वर्ष नई भर्तियों के लिए रिक्त पदों के लिए आवेदन निकलती है। इसके लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष है। हालांकि कुछ राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के लिए उम्र की इस सीमा में रियायत दी गई है।

बीएसएफ में कुछ वैकेंसीज़ तो uPSC के माध्यम से भरी जाती हैं और कुछ sSC के ज़रिये। बीएसएफ में कांस्टेबल की भर्ती SSC के तहत की जाती है। जिसके लिए आपको न्यूनतम दसवीं पास होना जरूरी होता है। हालांकि दसवीं में मिले न्यूनतम अंकों के लिए कोई कसौटी नहीं है।

बीएसएफ में भर्ती के लिए शारीरिक योग्यता..

 बीएसएफ में जाने के लिए सामान्य वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों का कद कम से कम 170 सेंटीमीटर और महिलाओं का 165 सेमी होना चाहिये। जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिये न्यूनतम कद का मानक 162.5 सेमी है।

सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों का सीना फुलाने पर कम से कम पांच सेमी बढ़ जाना चाहिए जबकि महिलाओं को इस टेस्ट से छूट होती है। वहीं एससी और एसटी कैंडिडेट्स का सीना बिना फुलाये कम से कम 76 सेमी व फुलाने पर 81 सेंटीमीटर होना चाहिये।

 साथ ही शारीरिक परीक्षण में आपकी आंखों की जांच की जाती है। जिसमें आपकी आँखों का विज़न 6:6 और 6:9 का होना चाहिए तथा कोई वर्णांधता यानी कि कलर ब्लाइंडनेस नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा आपके पैर जमीन से बिल्कुल चिपके न हों। और आपका मानसिक संतुलन दुरुस्त होना चाहिए। इतने के बाद आप बीएसएफ में जाने के लिए शारीरिक रूप से फिट माने जाते हैं।

 एचसी आपरेटर जैसे टैक्निकल पदों के लिए आपको दसवीं पास होने के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स में आईटीआई सर्टिफिकेट की जरूरत भी पड़ती है। पर यदि आप पीसीएम ग्रुप से बारहवीं पास कर चुके हैं तो आपको आईटीआई के प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं होती।

बीएसएफ में चयन प्रक्रिया..

बीएसएफ में जाने के लिए अभ्यर्थी  UPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रखें कि एक व्यक्ति केवल एक आवेदन पत्र भर सकता है।

 बीएसएफ में जाने के लिए आवेदन करने के बाद आपको चार चरणों से गुजरना होता है। जिसमें पहले इम्तिहान में आपसे 200 ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाते हैं और इन्हें हल करने के लिये आपको पूरे दो घंटे दिये जाते हैं।

 उक्त इम्तिहान के बाद आपका शारीरिक परीक्षण यानी कि फिज़िकल टेस्ट होता है। इसमें पुरुष अभ्यर्थियों को पहले 100 मीटर की दौड़ 16 सेकेंड में पूरी करनी होगी। फिर आठ सौ मीटर की दौड़ पौने चार मिनट यानी 3 मिनट 45 सेकेंड में पूरी करनी होती है। इसके बाद साढ़े तीन मीटर अर्थात् तीन मीटर पचास सेंटीमीटर लांग जंप या लंबी कूद निकालनी होती है। लांग जंप में क्वालीफाई करने के लिए आपको कुल तीन मौके मिलेंगे।

 वहीं महिला उम्मीदवारों को 100 मीटर की रेस 18 सेकेंड में और आठ सौ मीटर वाली पौने पांच मिनट यानी चार मिनट पैंतालीस सेकेंड में पूरी करनी होती है। इसके अलावा तीन मीटर की लंबी कूद भी पार करनी होती है जिसके लिए उम्मीदवार को तीन मौके मिलते हैं।

 शारीरिक परीक्षण अर्थात फ़िज़िकल टेस्ट पास करने के बाद अभ्यर्थी को इंटरव्यू में बैठना होता है। इसमें दिमागी क्षमता और खासकर रीज़निंग के सवाल पूछे जाते हैं। इसके अलावा आपके पर्सेप्शन और काम करने के तरीक़े की जांच की जाती है।

 इंटरव्यू के बाद आपको मेडिकल टेस्ट देना होता है। जिसमें आपके शरीर का वज़न व उसकी सभी ख़ूबियों और ख़ामियों के बारे में पता लगाया जाता है

बीएसएफ में भर्ती के लिए तैयारी..

 बीएसएफ की तैयारी के लिए आपको चरणबद्ध तरीके से प्लान करना होगा। ध्यान रखें कि बीएसएफ में भर्ती होने के लिए आपको अध्ययन के साथ ही शारीरिक क्षमता के टेस्ट की तैयारी भी समानांतर रूप से करते रहने की जरूरत होती है। अगर आप सही रणनीति और पूरी लगन से लगातार प्रयास करते हैं तो आपका बीएसएफ में चयन निश्चित है।

बीएसएफ की तैयारी के लिए आप किसी अनुभवी व्यक्ति या फिर किसी कोचिंग इंस्टिट्यूट का सहारा ले सकते है। जहा आपको बीएसएफ की सही स्ट्रेटेजी और गाइडेंस दिया जाता है। बीएसएफ की तैयारी के लिए आप नीचे दिए गए कुछ बुक का सहारा ले सकते है।

लेखक के अंतिम शब्द


इस आर्टिकल में हमने आपको BSF Full Form से लेकर अन्य ऐतिहासिक और रोचक बातो के बारे में विस्तार से बताने का प्रयास किया और उम्मीद करते है की यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा तो इसे अधिक से अधिक लोगो तक शेयर करे और इस आर्टिकल से सम्बंधित किसी तरह के सवाल के लिए नीचे कमेंट करे।

siya ram

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