इस टेक्नोलॉजी के युग में हर एक व्यक्ति के लिए डाटा सबसे important माना जाता है , लोग डाटा को स्टोर करने के लिए अनेको जैसे की हार्ड डिस्क , पेन ड्राइव , CD , DVD आदि डिवाइस का इस्तेमाल करते है लेकिन जब बात डाटा स्टोर और Backup के लिए सबसे सस्ते और आसानी से मिल जाने वाले स्टोरेज डिवाइस की बात आती है तो हमारा ध्यान सबसे पहले CD और DVD पर जाता है। आपने CD और DVD को देखा जरूर होगा आप में से कुछ लोगो ने इसे इस्तेमाल भी किया होगा लेकिन क्या आपको इसके बारे में सही और पूरी जानकारी है जैसे की डीवीडी का फुल फॉर्म (DVD ka Full Form) , डीवीडी का इतिहास , डीवीडी के प्रकार ,डीवीडी के प्रमुख कार्य , डीवीडी की डाटा स्टोरेज क्षमता आदि । अगर आपको इसके बारे में सटीक जानकारी नहीं है तो इस आर्टिकल में हम आपको DVD के बारे में विस्तार पूर्वक बनाते वाले है ।
DVD क्या है What Is DVD
DVD ka Full Form “digital video disc” और “digital versatile disc” होता है यह कई लेयर में Poly-carbonate से बनी हुई एक गोला कर चपटी प्लेट होती है जिसमें डिजिटल डाटा को laser टेक्नोलॉजी से डाटा स्टोर किया जाता है। DVD का उपयोग डाटा स्टोरेज और अन्य मल्टीमीडिया डाटा जैसे की वीडियो , ऑडियो , इमेज , सॉफ्टवेयर आदि को स्टोर करने में किया जाता है।
DVD का उपयोग कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम, विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर और एप्लीकेशन को स्टोर करने के लिए और डाटा को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने में किया जाता है। डीवीडी का अविष्कार 1995 में चार कंपनियों Philips, Sony, Toshiba और Panasonic द्वारा किया गया था। DVD में डाटा स्टोर करने की क्षमता CD की तुलना में अधिक होती है।

DVD का इतिहास History Of DVD
CD में स्टोर किये जाने वाले डाटा को और अधिक इम्प्रूव करने के लिए 1994 में कम्पनिया एक नयी टेक्नोलॉजी के बारे में रिसर्च कर रही है। उस समय Toshiba ने CD में स्टोर किये जाने वाले डाटा क्षमता को बढाने और डिस्क के दोनों साइड डाटा स्टोर को करने के लिए SD (Super Density) डिस्क का निर्माण किया ।
इसी कॉम्पिटिशन में अन्य दो फेमस कंपनी Philips और Sony ने MMCD (Multi Media CD) डिस्क को develop किया जिसमें Disk के एक साइड में दो या दो से अधिक लेयर का उपयोग किया जाता था जिसमे डाटा को रीड करने के लिए लेज़र बीम का उपयोग किया जाता था लेकिन यह तकनीक अधिक समय तक नहीं चल पायी और 1994 के अंत तक दोनों कंपनियों में अपने इन्वेंशन को अलग अलग करके प्रमोट करने की बजाय एक में करने का फैसला किया और DVD के नए प्रारूप का निर्माण हुआ जिसको सबसे पहले फिल्म इंडस्ट्री में उपयोग किया गया।
DVD ड्राइव में डाटा कैसे स्टोर किया जाता है – एक DVD की संरचना
डीवीडी डिस्क गोलाकार Poly-carbonate मटेरियल से बनी होती है जिसका व्यास 12 cm और मोटाई 1.2mm होती है। जिसमे पहली Label लेयर होती है जिसमे डीवीडी बनाने वाली कंपनी का नाम और अन्य इनफार्मेशन दी होती है जिसमे आप पेन या मार्कर से DVD में write किये गए डाटा का नाम लिख सकते है।
दूसरे साइड में Poly-carbonate लेयर के ऊपर अल्मुनियम की लेयर होती है जिसमे डाटा ऑप्टिकल लेज़र बीम की सहायता से डाटा स्टोर किया जाता है। डीवीडी में डाटा Pit के फॉर्म में स्टोर किया जाता है दो pit के बीच उपस्थित स्पेस को lands कहा जाता है। डीवीडी में स्टोर डाटा को बार बार रीड करने से स्क्रैच आते है तो इससे बचाने के लिए protective layer लगायी जाती है।

डीवीडी की उपयोगिता और इसके प्रकार के अनुसार इसमें लेयर की समय कम ज्यादा होती है।
DVD के प्रकार Types OF DVD
- DVD-video : इस प्रकार के DVD में motion Picture (मूवी , वीडियो गाने , वीडियो रिकॉर्डिंग ) के लिए उपयोग किया जाता है
- DVD-audio : इस प्रकार की डीवीडी का कार्य CD-audio के जैसे होता है जिसका उपयोग ऑडियो से सम्बंधित डाटा को रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है .
- DVD-R : इस प्रकार की डीवीडी का कार्य CD/R के जैसे होता है जिसमे डाटा को सिर्फ एक बार write किया जाता है लेकिन DVD में write किये गए डाटा को कई बार रीड किया जा सकता है
- DVD-ROM : इसका उपयोग बड़े डाटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है जिसका उपयोग DVD में स्टोर डाटा को सिर्फ रीड करना होता है।
- DVD-RAM : इस तरह के DVD में डाटा को अनेको बार re_Writable(erasable) और अनेको रीड किया जा सकता है।
DVD में data स्टोर करने की क्षमता
DVD में डाटा को स्टोर करने के लिए मुख्य चार प्रकार की टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता है जिसे नीचे के टेबल से समझ सकते है।
| Type Of DVD | Storage capacity |
| Single-sided, Single layer | 4.7 gb |
| Single-sided, Double layer | 8.5 gb to 8.7 gb |
| Double-sided, Single layer | 9.4 gb |
| Double-sided, Double layer | 17.08 gb |
DVD ड्राइव या डीवीडी प्लेयर क्या होता है What Is DVD Drive And DVD Players
DVD ड्राइव को DVD प्लेयर के नाम से भी जाना जाता है यह एक प्रकार का कंप्यूटर इनपुट डिवाइस होता है जब की “प्लेयर” का उपयोग टीवी , होम थिएटर , लिए उपयोग किया जाता है और ड्राइव कंप्यूटर में उपयोग किया जाने वाला peripheral डिवाइस होता है।
DVD ड्राइव कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का component होता है जिसका उपयोग CD और DVD में write किये गए डाटा को रीड करने के लिए उपयोग किया जाता है । इस डिवाइस को प्रत्येक Computer , laptop , DVD players, cars, televisions और अन्य डिवाइस में पाया जाता है .
डीवीडी ड्राइव एक कंप्यूटर हार्डवेयर component होता है जिसका साइज एक हैंड डायरी के जैसे होता है DVD ड्राइव के front साइड में DVD Drive के Tray को ओपन और close करने के लिए बटन दिए होते है और इसके साथ DVD की read और Write की स्थित को बताने के लिए LED लगे होते है । इस बटन से आप ड्राइव ट्रे में को ओपन करके CD , DVD , या ब्लू Ray डिस्क को ड्राइव के अंदर इन्सर्ट और रिमूव करा सकते है।
डीवीडी ड्राइव के फ्रंट साइड में एक छोटा का होल होता है जिसका उपयोग ड्राइव में डीवीडी Stuck हो जाने पर Forcefully निकलने के लिए किया जाता है।

DVD ड्राइव के backside में कुछ पोर्ट दिए होते है जिन्हे motherboard से कनेक्ट किया जाता है। ड्राइव में पोर्ट और केबल का उपयोग डीवीडी ड्राइव के स्टैण्डर्ड पर निर्भर करता है। पुराने डीवीडी ड्राइव में IDE पोर्ट का उपयोग किया जाता था और अब के ड्राइव में SATA (serial advanced technology attachment) का उपयोग किया जाता है।
अधिकतर डीवीडी ड्राइव के बैक साइड में पोर्ट के आलावा कुछ पिंस भी दिए होते है जिसे jumber कहते है इसका उपयोग motherboard में ड्राइव की priority सेट करने के लिए यूज़ किया जाता है जब आपके सिस्टम में एक से अधिक ड्राइव लगे हो। Jumpers की सेटिंग Drive manufacture के अनुसार निश्चित किया जाता है इसलिए Jumber की सेटिंग करने से पहले DVD ड्राइव निर्माता का मैन्युअल अच्छे से पढ़े।
आज के समय में इंटरनल DVD ड्राइव के स्थान पर एक्सटर्नल डिस्क ड्राइव का उपयोग किया जाता है जिसमे USB पोर्ट पहले से लगा होता है इस तरह के ड्राइव इंटरनल ड्राइव की अपेक्षा छोटे , पोर्टेबल और आसानी से कनेक्ट होने वाले होते है।
आप जैसे की डीवीडी ड्राइव के बटन को प्रेस करते है तो ट्रे बहार आ जायेगा जिस पर आप डीवीडी को रख कर डीवीडी को अंडर करे । डीवीडी को ड्राइव के अंदर जाने के बाद DVD बहुत तेजी से स्पिन करती है और हेड से निकलने वाले लेज़र बीम के द्वारा डीवीडी का डाटा read किया जाता है और डीवीडी ड्राइव सॉफ्टवेयर की मदद से डीवीडी में डाटा write किया जाता है।
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DVD Disk उपयोग करने के फायदे Advantages OF DVD
- डीवीडी में लार्ज अमाउंट का डाटा स्टोर किया जा सकता
- डीवीडी में वायरस आने के चांसेस बहुत कम रहते है.
- डिजिटल डाटा को स्टोर करने के लिए यह सबसे सस्ता और आसानी से मिलाने वाला medium है।
- इसमें डाटा को लम्बे समय तक स्टोर किया गया जा सकता है।
- DVD डिस्क में स्टोर किया गया डाटा Magnetic fields और नार्मल हीट के संपर्क में आने से ख़राब नहीं होता।
- डीवीडी डिस्क में CD के मुकाबले अधिक डाटा स्टोर किया जा सकता है
DVD Disk उपयोग करने के नुकसान Disadvantages OF DVD
- DVD डिस्क को CD ड्राइव में उपयोग नहीं कर सकते
- DVD डिस्क बहुत नाजुक मटेरियल से बनी होती है जिसमे गिरने और स्क्रैच आने पर जल्दी से ख़राब हो सकती है
- डीवीडी में डाटा को स्टोर करने के लिए Burning Software का उपयोग किया जाता है।
- DVD में एक सिमित तक डाटा स्टोर किया जा सकता है।
- डीवीडी में स्टोर किये गए डाटा को एक्सेस करने के लिए डीवीडी ड्राइव की आवश्यकता पड़ती है।
DVD और CD में अंतर Difference Between CD and DVD
फिजिकल रूप से देखा जाए तो DVD और CD की संरचना एक जैसे होती है। दोनों (DVD , CD) का साइज और आकार एक जैसे होता है जिसमे एक साइड डाटा को स्टोर किया जाता है और दूसरे तरफ लेबल (निर्माता का नाम , साइज और अन्य जानकारी )करने के लिए उपयोग किया जाता है। DVD , CD में सिर्फ डाटा को स्टोर करने की क्षमता का अंतर होता है CD में अधिकतम 700 MB तक डाटा स्टोर किया जा सकता है जब की एक DVD डिस्क में 17 GB तक डाटा को स्टोर किया जा सकता है।
FAQs On DVD डीवीडी पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
DVD Ka Full Form “Digital Video Disc” और “Digital Versatile Disc” है
डीवीडी का अविष्कार 1995 में चार कंपनियों Philips, Sony, Toshiba और Panasonic द्वारा किया गया था।
हां, सभी डीवीडी ड्राइव सीडी और डीवीडी दोनों को रीड में सक्षम होते हैं। यदि आपके पास एक DVD Writer है, तो यह CD-R, CD-RW, और writable DVD जैसे कार्य कर सकता है। लेकिन CD Drive में आप DVD को Write या write नहीं कर पाएंगे
वैसे आज के समय में CD और DVD बनाने वाली देश और विदेश की अनेको कम्पनिया है लेकिन जब एक अच्छी और Reliable DVD डिस्क की बात आती है तो हम आपको आप Sony , Maxell , Smartbuy और Panasonic डीवीडी का उपयोग करने की सलाह देंगे।
CD और DVD निर्माता कंपनियों द्वारा किये गए टेस्ट के अनुसार CD-R, DVD-R, और DVD+R में लगभग 100 से 200 या इससे अधिक वर्षो तक डाटा स्टोर किया जा सकता है और CD-RW, DVD-RW, DVD+RW और DVD-RAM में लगभग 25 वर्षो तक डाटा स्टोर किया जा सकता है।
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