जैसे की आपने टाइटल में देख चुके है की आज के अर्टिकल में हम भारत के राष्ट्रपति कौन है ( Bharat Ke Rashtrapati Kaun Hai) इस के बारे में बताने वाले वाले है । जैसा कि आप सभी को पता है कि वर्तमान में भारत के राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद है। कई लोगों के मन में राष्ट्रपति से जुड़े कई सवाल होते है जैसे Bharat Ke Rashtrapati Kaun Hai , और इसके पूर्व राष्ट्रपति कौन थे , राष्ट्रपति का कार्यकाल कितना होता है , अभी तक भारत में कुल कितने राष्ट्रपति बन चुके है और उनके नाम क्या थे आदि।
यदि आप स्टूडेंट है , जनरल नॉलेज की अच्छी जानकारी रखना चाहते है या फिर किसी नौकरी के लिए प्रतिस्पर्था परीक्षा की तैयारी कर रहे है तो आपको भारत के राष्ट्रपति के बारे में डिटेल्स जानकारी रखना चाहिए क्योकि आज के समय में अनेक परीक्षाओ में राष्ट्रपति से सम्बंधित अनेको सवाल पूछे जाते है इसलिए आपको इसके बारे में विस्तार पूर्वक जानकरी होनी चाहिए। यदि अभी तक आपको राष्ट्रपति के बारे में अच्छी जानकारी नहीं है तो चिंता करने की कोई जरुरत नहीं क्योकि इस आर्टिकल में हम आपको वर्तमान और पहले हुए सभी राष्ट्रपति के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।
भारत के राष्ट्रपति कौन है Bharat Ke Rashtrapati Kaun Hai
महामहिम द्रौपदी मुर्मू भारत में वर्तमान(2023 ) में 15 वीं राष्ट्रपति है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून सन 1958 को ओड़िशा राज्य के मयूरभंज जिले की राइरंगपुर तहसील में एक आदिवासी परिवार में हुआ था, वर्तमान में इनकी आयु 64 साल है, इनके पिता बिरंचि नारायण टुडु गाँव के प्रधान थे.
द्रौपदी मुर्मू की प्रारंभिक शिक्षा गाँव से ही हुई इसके बाद हायर एजुकेशन के लिए इन्होनें उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर के रामादेवी महिला कॉलेज से स्नातक किया. इन्होनें अपने व्यावसायिक जीवन की शुरुआत ओडिशा गवर्नमेंट में बिजली डिपार्टमेंट में जूनियर असिस्टेंट और फिर रायरंगपुर में उपस्थित अरबिंदो इंटीग्रल एजुकेशन सेंटर में एक शिक्षक के तौर पर शुरू किया

. द्रौपदी मुर्मू के राजनीतिक जीवन की शुरुआत साल 1997 से हुई जब उन्होंने राइरंगपुर नगर पंचायत के पार्षद चुनाव में जीत हासिल किया , इसके बाद सन 2000 और 2009 में भाजपा के टिकट पर राइरंगपुर तहसील कि विधायक चुनी गईं. अपने अच्छे सेवा कार्यों के चलते इन्हें प्रसिद्धी मिली और वे मई 2015 में झारखंड की 9वीं राज्यपाल बनाई गई. द्रौपदी मुर्मू ने 25 जुलाई 2022 को देश के 15वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लिया . द्रौपदी मुर्मू देश की पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति हैं और अभी तक की दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं.
राष्ट्रपति कौन होता है
राष्ट्रपति देश का प्रथम नागरिक होता है किसी भी व्यक्ति को भारत का राष्ट्रपति बनाने के लिए उसे सर्वप्रथम भारत का मूल निवासी होना अनिवार्य है। भारत का राष्ट्रपति तीनो सेना जल सेना, वायु सेना और थल सेना का सर्वोच्च सेनानायक भी होता है। राष्ट्रपति के पास कई तरह की सवैधानिक शक्तिया होती है जिसका उपयोग वह देश में कानूनी शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए इस्तेमाल कर करता है।
राष्ट्रपति देश में आपातकाल की स्थित में आने पर अपने विशेष शक्तियों का उपयोग करके युध्द और शांति की घोषणा कर सकता है। देश में युद्ध के लिए अंतिम निर्णय देने का कार्य राष्ट्रपति करता है । भारत के राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 साल तक का होता है। भारत में कोई भी व्यक्ति कितनी बार भी राष्ट्रपति के पद को प्राप्त कर सकता है। बिना राष्ट्रपति के अंतिम हस्ताक्षर के केंद्र के किसी भी मंत्री को मंत्री पद नहीं दिया जा सकता है एवं उस पद के लिए शपथ दिलाने का कार्य भी भारत का राष्ट्रपति करता है। किसी भी तरह के मुद्दे में अंतिम हस्ताक्षर भारत के राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है ।
भारत के राष्ट्रपति का वेतन कितना होता है
बहुत सारे लोगों के मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि जब भारत का राष्ट्रपति देश पद देश का सर्वोच्च पद माना जाता है और इसके पास अन्य से अधिक शक्तिया होती है तो इसको महीने में कितनी सैलरी और किस तरह की सर्विस मिलती होंगी । इस समय भारत के राष्ट्रपति का वेतन लगभग 5 लाख तक कर होता है जबकि अक्टूबर 2017 के पहले एक राष्ट्रपति का वेतन 1.50 लाख तक ही था। भारत के President की सैलरी पर कोई टैक्स नही लगता है , इन्हें टैक्स से पूरी छूट मिलती है। Rashtrapati को सैलरी के आलावा अन्य प्रकार के कई लाभ एवं भत्ते प्राप्त होते है। इसके अलावा उनको फ्री में रहने के लिए आवास और चिकित्सा , परिवाहन , सर्विस स्टाफ , लाइफ टाइम पेंशन इत्यादि जैसी अनेको सुविधाएं मिलती है।
राष्ट्रपति बनने के लिये क्या योग्यता होनी चाहिए
भारत के अनेक पदों की पूर्ति के लिए भारत सरकार के द्वारा कुछ योग्यताओं को निर्धारित किया है जिन्हे पूर्ण करना अनिवार्य होता है ठीक उसी प्रकार राष्ट्रपति बनने के लिए भी कुछ योग्यताएं तय की गई है जिन्हे आप नीचे संक्षिप्त में देख सकते है
- President पद के उम्मीदवार को भारत का मूल निवासी होना चाहिए ।
- भारत के राष्ट्रपति पद के किसी भी उम्मीदवार की आयु 35 वर्ष या उससे अधिक हुआ अनिवार्य है।
- राष्ट्रपति का पद प्राप्त करने के लिए व्यक्ति सरकार के किसी दूसरे लाभ के पद पर नही होना चाहिए।
- राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के पास राज्यसभा के सदस्य के लिये योग्यता होनी चाहिए।
भारत के पूर्व राष्ट्रपति के नाम 1947 से 2023 तक
आपको बताना चाहेंगे कि Bharat Ke Rashtrapati Kaun Hai तो 1947 से लेकर अब तक यानी 2023 तक भारत में कुल 14 व्यक्ति राष्ट्रपति प्राप्त कर चुके है। जिसमे से डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे। आगे इस आर्टिकल में हम आपको इसी विषय मे विस्तार से बताने वाले है कि भारत मे अब तक कुल कितने व्यक्ति राष्ट्रपति पद प्राप्त कर चुके है या भारत मे अभी तक कितने राष्ट्रपति हुए है।
| भारत के राष्ट्रपति | कार्यकाल |
|---|---|
| द्रौपदी मुर्मू | 25 जुलाई 2022 से अब तक |
| श्री रामनाथ कोविंद | 25 जुलाई, 2017 24 जुलाई 2022 |
| श्री प्रणब मुखर्जी | 25 जुलाई, 2012 से 24 जुलाई, 2017 |
| श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल | 25 जुलाई, 2007 से 24 जुलाई, 2012 |
| डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम | 25 जुलाई, 2002 से 24 जुलाई, 2007 |
| श्री कोच्चेरील रामन नारायणन | 25 जुलाई, 1997 से 24 जुलाई, 2002 |
| डॉ. शंकरदयाल शर्मा | 25 जुलाई, 1992 से 24 जुलाई, 1997 |
| श्री रामास्वामी वेंकटरमण | 25 जुलाई, 1987 से 24 जुलाई, 1992 |
| श्री ज्ञानी जैल सिंह | 25 जुलाई, 1982 से 24 जुलाई, 1987 |
| श्री नीलम संजीव रेड्डी | 25 जुलाई, 1977 से 24 जुलाई, 1982 |
| डॉ. फखरूद्दीन अली अहमद | 24 अगस्त, 1974 से 11 फरवरी, 1977 |
| श्री वराहगिरि वेंकटगिरि | 24 अगस्त, 1969 से 24 अगस्त, 1974 |
| डॉ. जाकिर हुसैन | 13 मई, 1967 से 3 मई, 1969 |
| डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन | 13 मई, 1962 से 13 मई, 1967 |
| डॉ. राजेंद्र प्रसाद | 26 जनवरी, 1950 से 13 मई, 1962 |
राम नाथ कोविंद जी
जैसा कि हमनें आपको पहले पैराग्राफ में 2022 में भारत के राष्ट्रपति कौन है इसके बारे में संक्षिप्त में बताया है । 20 जुलाई , 2017 को राम नाथ कोविंद जी को भारत के 14 वें राष्ट्रपति के रूप में चुना गया था। राम नाथ कोविंद जी का जन्म 1 अक्टूबर 1945 को उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात शहर के परौख गांव में हुआ था।

इसके पहले वह बिहार राज्य के राज्यपाल भी रह चुके है। रामनाथ कोविंद जी एक वकील , राज्यसभा सांसद और समाज सेवी के रूप में भी जाने जाते है। रामनाथ कोविंद जी ने वकालत की पढ़ाई की थी और 16 वर्षो तक वकालत का अभ्यास किया था। सिर्फ इतना ही नही भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के साथ इन्होंने व्यक्तिगत सहायक के रूप में भी काम किया था। साल 1991 में रामनाथ कोविंद जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जॉइन किया था और बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में भी कार्य किया था।
साल 1994 में इन्हे राज्यसभा के सांसद सदस्य के रूप में भी निर्वाचित किया गया था । इसके अलावा वे अनुसूचित जाति , दलित मोर्चा और अखिल भारतीय कोली समाज के अध्यक्ष भी रह चुके है। रामनाथ कोविंद जी को पश्चिमी अफ्रीकी देश गिनी ने ” नेशनल आर्डर ऑफ मेरिट ” के पुरस्कार से सम्मानित किया था। इसके अलावा इन्हें क्रोशिया ने ग्रैंड आर्डर ऑफ किंग तोमिस्लाव विद सैश एंड ग्रैंड स्टार ” पुरस्कार से सम्मानित किया था। यह पुरस्कार कोविंद जी को भारत के साथ इन देशों के मित्रता को और आपसी सहयोग को बढ़ाने के लिए दिया गया था।
श्री प्रणब मुखर्जी
प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर 1935 को पश्चिम बंगाल में हुआ था। यह भारत के 13 वें राष्ट्रपति थे । 1982 से लेकर 1984 तक प्रणब मुखर्जी वित्त मंत्री के पद पर भी कार्य किया । इसके अलावा प्रणब मुखर्जी केंद्रीय चुनाव अयोग्य के अध्यक्ष भी रहे थे। 25 जुलाई, वर्ष 2012 में इन्हें राष्ट्रपति पद के लिए चुन लिया गया था। इन्हें पद्मश्री , फाइनेंस मिनिस्टर ऑफ दी ईयर फ़ॉर एशिया जैसे कई सम्मानों से नवाजा गया है।

श्रीमती प्रतिभादेवी सिंह पाटिल Pratibha Devi Singh Patil
प्रतिभादेवी सिंह पाटिल भारत की पहली महिला राष्ट्रपति थी । इनका जन्म 19 दिसंबर 1934 को महाराष्ट्र में हुआ था। इन्हें कॉंग्रेस के वरिष्ठ नेता के रूप में भी जाना जाता है। प्रतिभादेवी सिंह पाटिल 2004 में राजस्थान की राज्यपाल के पद पर भी कार्य किया था । 2007 से 2011 तक यह भारत के 12 राष्ट्रपति के पद कर कार्य किया।

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम Dr. APJ Abdul Kalam
भारत वर्ष के महान और मिसाइल मैन डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम में हुआ था। जो भारत के तमिलनाडु राज्य में स्थित है। इन्होंने 2002 से 2007 तक देश के 11 वें राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभाला था। इन्हें भारत रत्न, पद्मविभूषण ,वीर सावरकर ,रामानुजन, इंदिरा गांधी जैसे कई अवार्ड से सम्मानित किया गया था। इन्होंने देश के विकास में कई अहम भूमिका निभाई थी।

श्री के आर नारायण KR Narayanan
के आर नारायण का जन्म 27 अक्टूबर 1920 त्रावणकोर में हुआ था। 1997 को इन्हें भारत के 10 वें राष्ट्रपति के रूप में चुना गया था। के आर नारायण जी ने इंटरमीडिएट की परीक्षा कोट्टायम के स्कूल से पूरी की थी । वर्ष 1943 में इन्होंने बीए (hons) एम ए की पढ़ाई त्रावणकोर विश्वविद्यालय से पूरी की थी।

डॉ शंकर दयाल शर्मा Dr. Shankar Dayal Sharma
डॉ शंकर दयाल शर्मा भारत के 9 वें राष्ट्रपति थे। इनका जन्म 19 अगस्त 1918 को भोपाल में हुआ था। इंदिरा गांधी की सरकार में इन्होंने संचार मंत्री के रूप में भी कार्य किया था। शंकर दयाल शर्मा जी 1992 से लेकर 1997 तक भारत के 9 वें राष्ट्रपति के रूप में कार्यरत थे।

श्री आर वेंकटरमन Ramaswamy Venkataraman
इनका जन्म 4 दिसंबर 1910 को तमिलनाडु में हुआ था। इन्होंने देश के आजादी के लिए कई आंदोलनों में हिस्सा लिया था जैसे भारत छोड़ो आंदोलन । वे महाराष्ट्र बार एसोसिएशन के सचिव भी रह चुके थे। इसके अलावा इन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कॉंग्रेस के सचिव के रूप में भी कार्य किया है। इन्होंने देश के रक्षामंत्री के रूप में भी कार्यभार संभाला था। 1987 में श्री आर वेंकटरमन को भारत आठवें राष्ट्रपति के के पद पर कार्य किया ।

ज्ञानी जैल सिंह Gyani Jail Singh
जनरैल सिंह का जन्म 5 मई 1916 को पंजाब में हुआ था। ज्ञानी जैल सिंह कृषि मंत्री के रूप में भी कार्यरत रह चुके है। इसके अलावा ये राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके है। 1972 में जैल सिंह जी को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया गया था। 25 जुलाई 1982 को इन्हें देश का सातवां राष्ट्रपति बनाया गया था।

श्री निलम संजीव रेड्डी Neelam Sanjiva Reddy
निलम संजीव रेड्डी जी का जन्म 19 मई 1913 को आंध्रप्रदेश में हुआ था। ये भारत के छठे राष्ट्रपति थे जिन्होंने 1977 से 1982 तक राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया था। इन्होंने देश के लिए कई आंदोलन में हिस्सा भी लिया था।

फ़ख़रुद्दीन अली अहमद Fakhruddin Ali Ahmad
इनका जन्म 13 मई को वर्ष 1905 में दिल्ली के हौज काज़ी में हुआ था। साल 1921 में इन्होंने मैट्रिक की परीक्षा दिल्ली के सरकारी स्कूल से दी थी। वर्ष 1927 में इन्होंने वकालत की पढ़ाई पूरी की थी और बैरिस्टर बन गये थे। फ़ख़रुद्दीन अली अहमद ने जवाहरलाल नेहरू जी की विचारधारा से प्रभावित होकर ही भारत की राजनीति से जुड़े थे। 25 अगस्त 1974 को इन्हें राष्ट्रपति पद के लिए चुना गया था और फ़ख़रुद्दीन अली अहमद भारत के पांचवे राष्ट्रपति पद पर कार्य किया ।

वराहगिरी वेंकट गिरी Varahagiri Venkata Giri
वी वी गिरी का जन्म 10 अगस्त वर्ष 1894 को ओडिशा में हुआ था। इनकी छवि एक समृद्ध वकील और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सक्रिय सदस्य के रूप में जानी जाती है। वी वी गिरी ने श्रमिक आन्दोलन में भी हिस्सा लिया था। 24 अगस्त 1969 , को वराहगिरी वेंकट गिरी को भारत के चौथे राष्ट्रपति के रूप में चुना गया। वी वी गिरी को वर्ष 1975 में भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था।

डॉ ज़ाकिर हुसैन Dr. Zakir hussain
डॉ ज़ाकिर हुसैन का जन्म 8 फरवरी 1897 को आंध्रप्रदेश में हुआ था। इन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा इस्लामिया हाई स्कूल , इटावा से प्राप्त की थी। इसके बाद इन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से M.A पास किया था। सिर्फ इतना ही डॉ जाकिर हुसैन ने जर्मनी विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में P.hd की डिग्री भी हासिल की थी। वर्ष 1948 में इन्हें राज्यसभा का सदस्य बनाया गया था। डॉ ज़ाकिर हुसैन बिहार के गवर्नर भी रह चुके है। 13 मई 1967 को डॉ ज़ाकिर हुसैन भारत के तीसरे राष्ट्रपति के रूप में चुने गये थे।

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन Dr. Sarvepalli Radhakrishnan
इनका जन्म 5 सितम्बर 1888 में मद्रास में हुआ था। ये स्वतंत्र भारत के दो कार्यकाल तक उपराष्ट्रपति और वर्ष 1962 से 1967 तक आजाद भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे। वे एक लेखक, शिक्षक और दर्शनशास्त्री भी थे। दर्शनशास्त्र में अधिक रुचि होने के कारण इन्होंने अपनी बी ए और एम ए की डिग्री दर्शन शास्त्र में ही ली है। वर्ष 1954 में डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन को ” भारत रत्न ” से सम्मानित किया गया था। इन्हें आंध्र विश्वविद्यालय और बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर के रूप में भी चुना गया था। साल 1962 में इन्हें भारत के राष्ट्रपति के रूप में चुना गया था। आज भी सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिन को ( 5 सितंबर ) शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद Dr.Rajendra Prasad
डॉक्टर राजेन्द्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति थे। इन्हें भारत के स्वतंत्रता सेनानी के रूप में भी जाना जाता है । इनका जन्म 3 दिसम्बर 1884 को बिहार में हुआ था। डॉ राजेन्द्र प्रसाद को स्नातक की डिग्री प्रेसिडेंसी कॉलेज से प्राप्त हुई थी। इसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कोलकाता से इकोनॉमिक्स में एम ए किया था। बाद में वर्ष 1915 में इन्होंने वकालत में मास्टर की डिग्री पूरी की थी जिसके लिए इन्हें गोल्ड मेडेल भी दिया गया था। साल 1942 में डॉ राजेन्द्र प्रसाद ने भारत छोड़ो आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था , सिर्फ इतना ही हमारे देश के संविधान के निर्माण में भी डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद ने भीम राव अम्बेडकर के साथ बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 26 जनवरी 1950 को डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद को भारत का पहला राष्ट्रपति चुना गया था। राष्ट्रपति के रूप में इन्हें दो बार कार्यकाल प्राप्त हुआ था। अब तक के इतिहास में पहली डॉ राजेंद्र प्रसाद को दो बार राष्ट्रपति पद के लिए चुना गया था । वर्ष 1962 में इन्हें भारत रत्न से भी पुरस्कृत किया गया था।

लेखक के अंतिम शब्द
इस आर्टिकल में हमने बताया की भारत के राष्ट्रपति कौन है (Bharat Ke Rashtrapati Kaun Hai)और राष्ट्रपति बनाने के लिए क्या योग्यताये होती है भारत के राष्ट्रपति को इतनी सालरी और सेवाएं दी जाती है और भारत के राष्ट्रपति के पास कितनी शक्तिया होती है इत्यादि जानकारी आपके साथ शेयर किया ।
उम्मीद करते है की इस आर्टिकल (Bharat Ke Rashtrapati Kaun Hai )के माध्यम से आपको भारत के वर्तमान और पूर्व सभी राष्ट्रपति के बारे में संक्षिप्त विवरण प्राप्त हुआ। यदि इस आर्टिकल के द्वारा आपको राष्ट्रपति के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त हुई होगी तो इसे आप अन्य लोगो के साथ शेयर करे क्योकि हमारे द्वारा शेयर की जाने वाली जानकारी अधिक से अधिक लोगो तक पहुंचे और सभी लोग शिक्षित हो यही हमारा मिशन है। इस आर्टिकल से सम्बंधित किसी तरह की सलाह और सुझाव के लिए कमेंट करे।
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bahut hi satik jankari
bharat ke rashtrapati ke bare me
shukriya
Thank You
bahut achha
धन्यवाद अपने हमारी पोस्ट पढ़ी और आपको पोस्ट अच्छी लगी।