आपने स्ट्राबेरी फल के बारे में सुना और खाया होगा लेकिन क्या आपको इस फल में बारे में पूरी जानकारी है जैसे की इस फल की दुनिया में कुल कितनी किस्मे है और यह फल सबसे अधिक कहा पाया जाता है, यह फल कब लगाया जाता है और कब फल देता है , इसमें कितने पोषक तत्व पाए जाते है और इसको खाने के क्या फायदे और नुकसान हो सकते है। दोस्तों स्ट्राबेरी के बारे में इसी तरह की रोचक जानकरी के लिए हमारे इस आर्टिकल (Strawberry in Hindi) को लास्ट तक पढ़े और उम्मीद करते है की इस आर्टिकल (strawberry in Hindi) को पूरा पढ़ने के बाद आपको आपको स्ट्राबेरी के बारे में अच्छी जानकारी मिलेगी।
स्ट्राबेरी क्या है | What Isc
शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए डॉक्टर खाने के डेली रूटीन में फलों को शामिल करने की सलाह देते हैं। विटामिन और प्रोटीन के लिए डॉक्टर अलग अलग फल खाने की सलाह देते हैं। इन्हीं फलों में से एक है स्ट्रॉबेरी, यह फल लाल रंग और दिल के आकार में बेहद आकर्षक लगता है। सुगंधित होने के साथ साथ यह बेहद स्वादिष्ट भी है। दुनिया भर के देशों में अब स्ट्राबेरी की खेती होने लगी है। इस फल के द्वारा कई तरह के अन्य उत्पादों का निर्माण भी किया जाता है।
स्ट्रॉबेरी फ्रागर्या (Fragaria) जाति का एक पौधा है यह नवंबर के महीने में लगाया जाता है और और फरवरी तक तैयार हो जाता है। स्ट्रॉबेरी को लोग आइसक्रीम, मिल्क शेक, केक और चॉकलेट का ज़ायका बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। जूस बनाकर, सलाद के रूप में, मुरब्बा बनाकर और सूप बनाकर भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका स्वाद हल्का खट्टा और मीठा होता है। इसके बीज फल के अंदर नहीं बल्कि बाहर पाए जाते हैं। दुनिया भर में इसकी 600 किस्में उगाई जाती हैं। भारत में इसका उत्पादन पर्वतीय क्षेत्र नैनीताल, देहरादून, हिमाचल, महाराष्ट्र, और दार्जलिंग जैसी जगहों पर किया जाता है।
स्ट्रॉबेरी के प्रकार (types of strawberry in hindi)
स्ट्रॉबेरी को ठंडे देशों का फल कहा जाता है क्योंकि इसकी अच्छी किस्में ठंडी जगहों पर ही लगाई जाती हैं। 600 प्रकार की किस्में होने के बाबजूद इन्हें तीन हिस्सों में बांटा गया है। इन तीनों प्रकार के किस्मों को उगाया जाता है।जून बियरिंग स्ट्रॉबेरी – यह सबसे अधिक प्रचलित और साधारण स्ट्रॉबेरी का प्रकार है।
इसके फल जून के महीने में फलते हैं इसलिए इसके नाम के साथ जून भी जोड़ दिया गया है। विश्वभर में इसकी खेती बड़ी मात्रा में की जाती है। जून बियरिंग स्ट्रॉबेरी की सबसे बेहतरीन किस्मों में होनोई, अर्लीग्लो, ऑलस्टार आदि शामिल हैं।
एवर बियरिंग स्ट्रॉबेरी – दूसरे प्रकार की स्ट्रॉबेरी में एवर बियरिंग का नाम आता है। इसका उत्पादन साल में दो बार किया जाता है, इसका उत्पादन नवंबर और जून के महीने में होता है। एवर बियरिंग स्ट्रॉबेरी की सबसे प्रचलित किस्में लारमी और ओजार्क हैं। डे न्यूट्रल – तीसरे प्रकार की स्ट्रॉबेरी की खेती सिर्फ ग्रीष्म काल मे होती है। डे – न्यूट्रल strawberry अन्य सभी से ज्यादा स्वादिष्ट होती है।
स्ट्रॉबेरी में पाए जाने वाले पोषक तत्व Strawberry nutrition Value in Hindi
फलों में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं, इनके मुख्य पोषक तत्वों में विभिन्न तरह की विटामिन और प्रोटीन आदि की मात्रा पाई जाती है। स्ट्रॉबेरी में भी फाइबर , एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स पाए जाते हैं। इसके पोषक तत्वों में मुख्य पोषक तत्वों में 91प्रतिशत पानी और 7.7 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट होते हैं इसके साथ ही 0.3 प्रतिशत की बहुत कम मात्रा में फैट और 0.7 प्रतिशत की मात्रा में प्रोटीन जैसे तत्वों का मिश्रण स्ट्रॉबेरी में पाया जाता है।
100 ग्राम स्ट्रॉबेरी में पाए जाने वाले पोषक तत्वों को इस प्रकार समझ सकते हैं
पोषण तत्व | मात्रा |
---|---|
कार्बोहाइड्रेट | 7.68 ग्राम |
पानी | 90.95 ग्राम |
प्रोटीन | 0.67ग्राम |
वसा | 0.3 ग्राम |
आयरन | 0.41 मिलीग्राम |
फाइबर | 2 ग्राम |
स्ट्रॉबेरी खाने के फायदे (health benefits of strawberry)
कई प्रकार के मिनरल्स से भरपूर इस फल के अनेक स्वास्थ्य लाभ हैं जिनसे कई तरह की बीमारियों से हम निजात पा सकते हैं। स्ट्रॉबेरी को डाइट में शामिल करके हम इसके फायदे ले सकते हैं।
कैंसर के खतरों को कम करने में
स्ट्रॉबेरी का इस्तेमाल कैंसर जैसी घातक बीमारी से लड़ने में भी किया जाता है। एक शोध के मुताबिक इसमें मौजूद कैंसर प्रिवेंटिव गुण और थेराप्यूटिक गुण कैंसर सेल को रोकने में सहायक हैं जिस कारण कैंसर पूरे शरीर में नहीं फैल पाता।
वजन कम करने में सहायक
स्ट्रॉबेरी का इस्तेमाल वजन कम करने में भी किया जाता है इसको खाने से पेट भरा हुआ महसूस करता है जिससे आप अन्य फैट युक्त खाना नहीं खाते हैं। स्ट्रॉबेरी में बेहद कम फैट और लो कैलोरी होती हैं।
इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में
स्ट्रॉबेरी का इस्तेमाल इम्युनिटी बढ़ाने में भी किया जाता है विटामिन सी से भरपूर है जो शरीर को कई तरह के संक्रमण से सुरक्षित रखता है।
दिल की बीमारियों से निजात
स्ट्रॉबेरी खाने के फायदों में हृदय से सम्बंधित बीमारियों की रोकथाम भी शामिल है। इसके एंटी-ऑक्सीडेंट और पॉलीफेनॉल्स गुण हृदय को स्वस्थ्य रखने में सहायक हैं।
कैलेस्ट्रोल के लिए
पोटेशियम युक्त होने के कारण स्ट्रॉबेरी कलेस्टरॉल को नियंत्रित रखती हैं। इन्हें रेगुलर या हफ्ते भर में तीन दिन खाने से खराब कलेस्ट्रॉल को कम कर देती हैं। इसके साथ ही ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है
दांतों के लिए स्ट्रॉबेरी
दांतो में बनने वाली बैक्टीरिया से निजात दिलाकर स्ट्रॉबेरी आपके दांतों का पीलापन दूर कर देतीं हैं, इनमें विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है जो दांतो के हानिकारक एंजाइम को नष्ट कर देती हैं।
डायबिटीज से निजात दिलाने में
स्ट्रॉबेरी का इस्तेमाल डायबिटीज के इलाज में भी किया जाता है इसके फ्लेवोनॉयड्स तत्व डायबिटीज के खतरों को कम कर देते हैंइन सबके अलावा भी स्ट्रॉबेरी से कई और स्वास्थ्य लाभ होते हैं, जो स्ट्रॉबेरी के बाहरी इस्तेमाल से होते हैं।
- आंखों की रोशनी बढ़ाने और आंखों की सूजन कम करने में
- हड्डियों को मजबूती प्रदान करने में
- बालों को झड़ने से रोकने में
- तनाव दूर करने और याददाश्त बढ़ाने में
- झुर्रियों को हटाने और त्वचा को कोमल बनाने में
स्ट्रॉबेरी से होने वाले नुकसान (bad effect of strawberry)
स्ट्रॉबेरी के फल को खाने के जहाँ कई सारे फायदे हैं वहीं इसके अत्यधिक सेवन से कई नुकसान भी हो सकते हैं। इसके विभिन्न नुकसान इस प्रकार हैं। हालांकि सामान्य और नियंत्रित मात्रा में इसके सेवन से कोई समस्या नहीं होती है।
- स्ट्रॉबेरी के अधिक सेवन से पेट में ऐंठन और गैस की समस्या उतपन्न हो सकती है।
- ऐसे लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए जो हैमोक्रोमैटोसिस यानी शरीर में अधिक आयरन जमा होने की समस्या से जूझ रहे हैं
- इसके अधिक सेवन से मांशपेशियों में कमजोरी आ जाती है जो लकवा का कारण बन सकती है।
- इसके अलावा ज्यादा मात्रा में इसके सेवन से पाचन सम्बंधित समस्या हो सकती है।
- अधिक मात्रा में इसके सेवन से डायरिया का खतरा बढ़ जाता है।
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