यदि आप कंप्यूटर का इस्तेमाल करते होंगे तो आपके मन में में एक सवाल जरूर आता होगा की कंप्यूटर जा स्टार्ट होता है तो हमारे द्वारा की गयी सभी settings वैसे ही रहती है जैसे सिस्टम को शटडाउन करते। और यदि आप कंप्यूटर हार्डवेयर में अपना कैरियर बनाना चाहते है या कंप्यूटर हार्डवेयर को सीखने में रूचि रखते है तो आपको कंप्यूटर के CMOS के बारे में जानकारी होना चाहिए। आज के इस आर्टिकल में हम आपको बतायंगे की CMOS Full Form क्या होता है , CMOS क्या है (What Is CMOS) और इसके कार्य और कंप्यूटर में इसकी क्यों जरुरत पड़ती है ।
यदि आपके कंप्यूटर में Date /Time ,बूट और डिस्प्ले से सम्बंधित समस्या आती है तो एक एक्सपर्ट कंप्यूटर इंजीनियर CMOS की सेटिंग को रिपेयर और क्लियर करता है । लेकिन क्या आपको इसके बारे में सही जानकारी है की CMOS कैसे कार्य करता है , CMOS और BIOS में क्या सम्बन्ध है यदि आपको इन सभी प्रकार के सवाल को जानना चाहते है तो इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े।
सीएमओएस क्या है What Is CMOS
CMOS एक 3V की CR2032 lithium-ion battery या Li-ion battery होती है जिसका आकार चपटा और गोलाकार Coin के जैसे होता है। BIOS एक प्रकार की Volatile memory होती है जिसके पावर ऑफ होने पर सभी डाटा आटोमेटिक Erase होता जाता है इसलिए Bios चिप को continue पावर सप्लाई देने के लिए CMOS बैटरी का यूज़ किया जाता है जो कंप्यूटर के Shutdown होने पर या पावर केबल निकाले जाने पर BIOS को पावर सप्लाई देने का कार्य करता है जिससे BIOS सभी प्रकार की सेटिंग (System Date/Time और सिस्टम की अन्य Configuration ) को Save करके रखता है ।
यदि आपके सिस्टम की CMOS बैटरी खराब हो जाती है या CMOS बैटरी को Motherboard से निकाल दिया जाये तो इस स्थित में सिस्टम की सभी सेटिंग reset हो जाएगी और आपका सिस्टम Default mode में आ जायेगा। एक सामान्य CMOS बैटरी की लाइफ 2 – 10 साल तक होती है लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है की आपका सिस्टम कितना यूज़ किया जाता है।

आपने अक्सर देखा होगा की कंप्यूटर की CMOS बैटरी सही से कार्य न करने पर सिस्टम बूट के सिस्टम आपको BIOS में जाने और ऑपरेटिंग सिस्टम को बूट करने के लिए ऑप्शन पूछता है और सिस्टम का Date और टाइम गलत शो करता है और हो सकता है आपका Motherboard लगातार beep साउंड भी कर सकता है या “CMOS Read Error,” “CMOS Battery Failure,” Error मैसेज शो कर सकता है इस स्थित में आपको Motherboard की बैटरी चेंज करने की जरुरत है
आज के मॉडर्न और लेटेस्ट UEFI Motherboard कंप्यूटर में non-volatile मेमोरी का उपयोग किया जाता है जिसके करना सिस्टम के बंद होने पर बायोस की सेटिंग पर कोई असर नहीं पड़ता है।कंप्यूटर में इस्तेमाल होने वाले CMOS को “sea-moss,” नाम से उच्चारित किया जाता है जिसका फुल फॉर्म Complementary Metal-Oxide-Semiconductor, होता है CMOS मेमोरी को अन्य नाम CMOS RAM, BIOS RAM और non-volatile BIOS मेमोरी के नाम से भी जाना जाता है ।
CMOS कंप्यूटर के motherboard में इस्तेमाल होने वाली एक प्रकार की छोटी integrated circuit (IC) chips होती है जो BIOS or UEFI की सेटिंग जैसे की सिस्टम की current Date time , सिस्टम की पार्टीशन / ड्राइव की सेटिंग और अन्य सिस्टम सम्बंधित सेटिंग्स को स्टोर करने का कार्य करता है।
सीएमओएस का इतिहास History of CMOS
Motorola 146818 सबसे पहली RTC और CMOS चिप थी जिसे सबसे पहले IBM के कंप्यूटर में इस्तेमाल किया गया था इस CMOS की स्टोरेज क्षमता 64 bytes थी जिसमे सिस्टम क्लॉक के लिए 14 बाइट RAM और सिस्टम सेटिंग के लिए 50 बाइट RAM का उपयोग किया जाता था आज के एडवांस कंप्यूटर में CMOS की सभी सेटिंग Motherboard के में लगे South bridge या Super I/O chips में मूव हो गयी है।
BIOS और CMOS के बीच में सम्बन्ध
यदि आप CMOS बैटरी के कार्य को समझना चाहते है तो सबसे पहले आपको BIOS और CMOS के सम्बन्ध को समझना होगा। क्योकि Cmos बैटरी BIOS Chip के लिए कार्य करता है।
BIOS का फुल फॉर्म Basic Input-Output System होता है यह एक प्रकार की fireware Memory होती है जो कंप्यूटर Motherboard में फिक्स रहती है। जब आप कंप्यूटर को चालू करने के लिए Start बटन को Press करते है तो बायोस सबसे पहले कंप्यूटर से कनेक्ट सभी हार्डवेयर कम्पोनेनेट को Initialise करता है test करता है , और सभी जरुरी हार्डवेयर डिवाइस के सही से कनेक्ट और कार्य करने पर ऑपरेटिंग सिस्टम को बूट करता है और यूजर द्वारा सेट और सेटिंग किये गए सिस्टम date ,time , Harddisk पार्टीशन और सिस्टम Configuration को सेव करने का कार्य करता है।
CMOS का मुख्य कार्य है कंप्यूटर के बंद होने पर BIOS को पावर सप्लाई देना जिससे BIOS सभी प्रकार की सेटिंग (System Date/Time और सिस्टम की अन्य कॉन्फ़िगरेशन ) को सुरक्षित रख सके। यदि आपके सिस्टम की CMOS बैटरी खराब हो जाती है या CMOS बैटरी को Motherboard से निकाल लिया जाये तो इस स्थित में सिस्टम की सभी सेटिंग reset हो जाएगी और आपका सिस्टम Default mode में आ जायेगा।
आपने अक्सर देखा होगा की कंप्यूटर की CMOS बैटरी सही से कार्य न करने पर सिस्टम बूट के सिस्टम आपको BIOS में जाने और ऑपरेटिंग सिस्टम को बूट करने और सिस्टम का Date और टाइम गलत शो करता है।
सम्बंधित आर्टिकल : BIOS क्या है कितने प्रकार के होते है और इसके कार्य
CMOS सेटिंग की क्लियर कैसे करें How To Clear CMOS
कभी कभी ऐसी स्थित आती है जब आपको BIOS या UEFI सेटिंग्स को Reset करनेकी जरुरत पड़ती है वैसे BIOS की सेटिंग को reset करने के अनेको तरीके है उनमे से एक तरीका यह है की आप BIOS या UEFI सेटिंग में जाकर reset ऑप्शन से सेटिंग को क्लियर कर सकते है इस प्रक्रिया को “Load factory defaults” या “Load setup defaults.” कहा जाता है। दूसरा तरीके में यदि आपके Motherboard में CMOS clear का ऑप्शन दिया गया है जो अधिकतर आपके motherboard के IO plate या CMOS battery के आस पास रहता है तो इस बटन को प्रेस करें । तीसरा तरीका जिसमे आपको कंप्यूटर के कैबिनेट को ओपन करने के बाद motherboard से CMOS बैटरी को remove करना है और कुछ सेकंड के बाद इसे दोबारा लगा देना है।
सीएमओएस से सम्बंधित की आवश्यक प्रश्न (FAQ)
- कंप्यूटर के CMOS बैटरी फ़ैल होने के कारण
यदि आपका सिस्टम सही से बूट नहीं हो पा रहा है और इंटरनेट से कनेक्ट नहीं हो पाए रहा है या फिर बूट के समय लगातार beep करता है , सिस्टम का Date और time बार बार reset हो जाने पर आपको CMOS बैटरी चेंज करने की आवश्यकता है।
- CMOS Checksum Error क्या है ?
CMOS Checksum error में सिस्टम बूट के समय CMOS और BIOS की सेटिंग confict हो जाती है इस समस्या को troubleshoot करने के लिए आप सिस्टम को Restart करे , Bios को अपडेट करे , बायोस की सेटिंग को reset करे या फिर Cmos बैटरी चेंज करे।
- CMOS को किसने डेवेलोप किया था
सन 1963 में, Frank Wanlass ने सबसे पहले ‘Fairchild Semiconductor’ में CMOS की खोज की थी उसके बाद 1968 में Albert Medwin और उसकी टीम ने CMOS IC चिप को डेवेलोप किया था। सबसे पहले CMOS RAM चिप का उपयोग IBM के कंप्यूटर में उपयोग किया गया था जिसका नाम Motorola 146818 था। ,
- CMOS के अलग नाम क्या है? Cmos Others Full Form
कंप्यूटर के फील्ड में CMOS को कुछ अन्य नाम से भी जाना जाता है जिन सभी का मतलब एक ही होता है।
- Real-Time Clock (RTC),
- CMOS RAM,
- Non-Volatile RAM (NVRAM),
- Non-Volatile BIOS memory,
- complementary-symmetry metal-oxide-semiconductor (COS-MOS).
लेखक के अंतिम शब्द
इस आर्टिकल में अपने CMOS के बारे में जाना जैसे की CMOS Full Form , Cmos कैसे कार्य करता है ,CMOS का BIOS के बीच सम्बन्ध आदि। उम्मीद करते है की Computer Hardware Tutorials को समझने में मजा आ रहा होगा। हमारे इस टुटोरिअल्स से सम्बंधित किसी तरह के फीडबैक के लिए कमेंट करे जिससे हम आगे आने वाले आर्टिकल को और बेहतर बना सके।