जब आप किसी कंपनी के बड़े पोस्ट के बारे में रिसर्च करते है तो आपको अक्सर MD , CEO और CFO के नाम सुनने को मिलते है। हमें MD और CEO के बारे में जानकारी तो होती है लेकिन CFO की अधिक जानकारी नहीं मिलती है। तो आपको बता दे कि किसी भी कंपनी को सफल तरीके से चलाने के लिए उसका मैनेजमेंट और वित्तीय विभाग पूरी तरह से कार्यशील होना बेहद ज़रूरी है। जिसमें CEO के बाद CFO का पद प्रमुख माना जाता है। तो अगर आप इस पद पर कार्यरत होना चाहते हैं तो पहले आपको इसकी पूरी जानकरी कर लेनी चाहिए जैसे की CFO शब्द का फुल फॉर्म क्या होता है (cFO full form in hindi) , इसके प्रमुख कार्य क्या होते है , इसके लिए आवश्यक योग्यता क्या होती है और अन्य बाते । इस पद को पाने के लिए आपको चरण दर चरण प्रगति करते हुए आगे बढ़ना होगा।
सीएफओ के पद पर आने के लिए आपको अधिक अनुभव और ज्ञान की आवश्यकता होती है। इसलिए आर्टिकल के द्वारा हम आपको विस्तार से बताने वाले है जिससे आप सीएफओ बनने का सपना पूरा कर सकते हैं।
सीएफओ कौन होता है
सीएफओ का फुल फॉर्म होता है ‘चीफ फाइनेंशियल ऑफ़िसर’ (chief financial officer ) होता है जिसे मुख्य वित्तीय अधिकारी के नाम से भी जानते हैं। यह कंपनी के वित्तीय विभाग का प्रमुख पदाधिकारी होता है, जो किसी कंपनी की सभी वित्तीय गतिविधियों पर पूर्ण निगरानी रखता है और उससे जुड़े सभी प्रबंधक और जोखिमों की पूरी ज़िम्मेदारी भी लेता है। CFO किसी भी कंपनी के सबसे उच्च पद यानि CEO के समान ही सभी प्रकार के वित्तीय लेन-देन की पूरी जानकारी रखता हैं और किसी तरह के फाइनेंसियल फैसले लेने का अधिकार भी रखता हैं। सीईओ और सीएफओ हमेशा साथ मिलकर कंपनी के वित्तीय फैसले लेते हैं।
सीएफओ बनने के लिए योग्यता क्या है ?
सीएफओ एक उच्च पद है जिसके लिए आपको उच्च वित्तीय शैक्षिक योग्यता की आवश्यकता होगी।
- सबसे पहले आपको किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से फाइनेंस, अकाउंटिंग या फिर बिजनेस में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री लेनी होगी।
- इसके बाद आपको CA ( “Chartered Accountant”) की परीक्षा पास करनी होगी।
- CFO उम्मीदवार को किसी कंपनी में वरिष्ठ पद पर कम से कम 5 साल का कार्य अनुभव होना बेहद जरूरी है, जिसके बाद ही आप पदोन्नत होकर सीएफओ बन सकते हैं।
सीएफओ के मुख्य कार्य क्या है ?
सीएफओ का मुख्य कार्य कंपनी के सभी वित्तीय योजनाएं तैयार करना होता है ताकि कंपनी मुनाफे की ओर बढ़ती रहे। मुख्य रूप से कंपनी की फाइनेंसियल रिपोर्ट को मैनेज करना और उसे चेक करना बेहद ज़रूरी कार्यों में से एक है। बजट प्लानिंग, बैलेंस शीट, कैश फ्लो, मुनाफा और नुकसान सभी कुछ का ध्यान सीएफओ को रखना होता है। इसके आलावा सीएफओ कंपनी के टैक्स, कर्मचारियों की सैलरी आदि का भी ख्याल रखता है।
सीएफओ की अनुमानित सैलरी कितनी होती है ?
हर कंपनी में सीएफओ की अनुमानित सैलरी अलग हो सकती है। योग्यता, अनुभव और कंपनी की ब्रांड वैल्यू पर निर्भर करता है की सीएफओ की सैलरी क्या होगी। जितनी बड़ी कंपनी होती है उतनी ही अच्छी सैलरी मिलती है। फिर भी सीएफओ की एक महीने की सैलरी लगभग ₹45000 से शुरू होकर 1,50000 लाख तक या इससे अधिक हो सकती है। अगर कंपनी विदेशी है या विदेश में स्थित है तो सीएफओ की प्रारंभिक सैलरी ₹90000 से लेकर ₹120000 तक भी हो सकती है। इसके आलावा CFO को सैलरी के आलावा अन्य भत्ते भी दिए जाते जाते है।
निष्कर्ष
उम्मीद करते हैं कि इस लेख से आपको CFO की पूरी जानकारी मिल गयी होगी जैसे कि सीएफओ का फुल फॉर्म , सीएफओ के लिए आवश्यक योग्यताये और इसके प्रमुख कार्य। उम्मीद करते है की आपको आर्टिकल में सीएफओ की सही जानकारी मिली होगी तो इसके लिए आप हमें अपना फीडबैक दे सकते है।
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