आपने इंटरनेट ऑफ़ थिंग के बारे में सुना ज़रूर होगा लेकिन क्या आपको इसके बारे में सही और पूरी जानकारी है नहीं है तो कोई बात नहीं क्योकि यहाँ पर हम आपको इंटरनेट ऑफ़ थिंग क्या है (What is IoT in Hindi ) , इसका इतिहास (History Of IoT )और यह कैसे कार्य करता है (How Internet Of Thing works ) के बारे में विस्तार में समझाने वाले है।
इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) क्या है? What is IoT in Hindi
IOT का पूरा नाम Internet of Things होता है। इंटरनेट ऑफ़ थिंग सेंसर , सॉफ्टवेयर अन्य कनेक्टिविटी डिवाइस को परिभाषित करता है जो इंटरनेट से डाटा को कलेक्ट और एक्सचेंज करने का कार्य करता है। ये प्रतिदिन उपयोग होने वाले डिवाइस हो सकते है जैसे की Smartphone , घरेलु उपकरण , कार , पहनने योग्य उपकरण, इंडस्ट्री मशीनरी और भी बहुत कुछ हो सकते हैं।
IOT का मुख्य कांसेप्ट मनुष्य के हस्तक्षेप के बिना एक दूसरे के साथ कम्युनिकेशन करने, जानकारी शेयर करने और सहयोग करने में सक्षम बनाना है। IOT के माध्यम से भौतिक दुनिया को डिजिटल में इंटेग्रेट करना होता है जिससे विभिन्न सिस्टम और प्रोसेस को आटोमेटिक किया जा सके
IoT डिवाइस में आम तौर पर डेटा कलेक्ट करने या विभिन्न कार्यो को करने के लिए सेंसर या एक्चुएटर, Data को प्रोसेस करने और डिसीजन लेने के लिए एक माइक्रोकंट्रोलर या प्रोसेसर, और Wi-Fi, Bluetooth, सेलुलर नेटवर्क या यहां तक कि नेटवर्क पर डेटा ट्रांसमिट करने के लिए कनेक्टिविटी कॉम्पोनेन्ट को शामिल किया जाता हैं।
इंटरनेट ऑफ थिंग्स का इतिहास History of IoT in Hindi
What is IoT in Hindi इंटरनेट ऑफ़ थिंग के बारे में जाना नीचे के पैराग्राफ में आप IOT के इतिहास को समझ सकते है।इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) का इतिहास 1980 के दशक से माना जा सकता है जब डिवाइस को इंटरनेट से कनेक्ट करने का कांसेप्ट पहली बार लाया गया था।
लेकिन 2000 के दशक तक ऐसा नहीं था कि IoT ने डिवाइसो को कनेक्ट करने के लिए महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त किया था । इस समय के दौरान, वायरलेस और टेली कम्युनिकेशन की पर्याप्त सफलता ने IoT की नींव रखी। स्मार्टफोन के उपयोग और कम लागत वाले सेंसर की उपलब्धता ने IoT को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। Google और Amazon जैसी कंपनियों ने विभिन्न प्रकार के स्मार्ट होम डिवाइस लांच किये।
2014 के आसपास, “इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स” (IIoT) ने अधिक लोकप्रियता हासिल किया , जिसने मैन्यफैक्चरिंग , एनर्जी और ट्रांसपोर्ट जैसे क्षेत्रों में IoT को विस्तृत रूप से इंटेग्रेट किया है। हाल के वर्षों में, कनेक्टिविटी, एज कंप्यूटिंग, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) और 5G टेक्नोलॉजी ने IoT को अधिक उपयोग करने में मदद किया। आज के समय में हेल्थ एग्रीकल्चर लोजिस्टिक्स , ट्रांसपोर्ट और अन्य इंडस्ट्री में IOT का विस्तृत इस्तेमाल किया जाता है।
इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) का महत्व
इंटरनेट ऑफ़ थिंग का विभिन्न क्षेत्रो में महत्वपूर्ण योग्यदान है। IOT के कुछ महत्त्व को नीचे आसानी से समझ सकते है।
- Connectivity and Data Sharing: IoT डिवाइस और सिस्टम के बीच कनेक्टिविटी और डेटा शेयरिंग को करने को आसान बनाता है। यह विभिन्न ऑब्जेक्ट और डिवाइसो को एक दूसरे के साथ कम्यूनिकेट करने, डेटा कलेक्ट करने और इम्पोर्टेन्ट डाटा को शेयर करने की सुविधा प्रदान करता है। इसके साथ ही कनेक्टिविटी कैपेसिटी , प्रोडक्शन और डिसिशन लेने की प्रक्रियाओं को भी बढ़ाता है।
- ऑटोमेशन और एफिशिएंसी : IOT ऑटोमेशन और प्रोडक्शन और ऑपरेशन के के क्षेत्र में महतवपूर्ण भूमिका निभाता है जैसे की ट्रांसपोर्ट, मैन्यफैक्चरिंग , एग्रीकल्चर , हेल्थ केयर आदि। IOT की मदद से कोई भी कार्य को बड़े ही आसानी से किया जा सकता है।
- स्मार्ट सिटीज़ और इंफ्राटक्चर : IoT स्मार्ट शहरों और इंफ्राटक्चर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह रिसोर्स को मैनेज करने जैसे की वाटर , एनर्जी , मल मूत्र , पब्लिक सेफ्टी और सुरक्षा के लिए कार्य करता है। IoT द्वारा शहर के ट्रैफिक , ट्रांसपोर्टेशन को मॉनिटर करने , और स्मार्टपार्किंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- स्वास्थ्य देखभाल और कल्याण: IOT हेल्थ केयर में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है आईओटी(IoT) की मदद से मरीज को दूर से मॉनिटर करना , हेल्थ स्टेटस को ट्रैक ,करना और हेल्थ से सम्बंधित अन्य एक्टिविटी को समझना आसान हो जाता है । स्वस्थ से सम्बंधित अनेक डिवाइस को पहन कर बॉडी की विभिन्न एक्टिविटी को आसान तरीके से मॉनिटर जा सकता है।
इंटरनेट ऑफ थिंग्स कैसे काम करता है How IOT Works
IOT नेटवर्क या अन्य डिवाइस से कनेक्ट होने के लिए , सेंसर , प्रोसेसर , सॉफ्टवेयर इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) का उपयोग करते हैं, प्रोटोकॉल जो वर्ल्ड वाइड वेब पर कंप्यूटरों की पहचान करता है और उन्हें एक दूसरे के साथ कम्यूनिकेट करने और डाटा शेयर करने की परमिशन देता है। इंटरनेट ऑफ थिंग्स का मुख्य लक्ष्य ऐसे डिवाइस को बनाना होता है जो रियल टाइम में आटोमेटिक डाटा को प्रेजेंट कर सके , मनुष्य से अधिक क्षमता रख सके और और किसी कार्य को करने में मनुष्य के इंटरफेयर को कम कर सके।
इंटरनेट ऑफ थिंग्स के उदाहरण
इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) क्या है को जानने के बाद आपके मन में उसके कुछ उदाहरणों को जानने की इच्छा हो रही होगी तो नीचे आप इसके प्रमुख उपयोग को देख सकते है।
- होम डिवाइस : IOT की मदद से व्यक्ति घर के सभी स्मार्ट डिवाइस को दूर से कण्ट्रोल , मैनेज और मॉनिटर कर सकता है। कैमरा , मोबाइल , लाइट आदि को सेंट्रा लाइज तरीक़े से मैनेज किया जा सकता है।
- पहनने योग्य उपकरण: फिटनेस ट्रैकर, स्मार्टवॉच और हेल्थ मॉनिटर पहनने योग्य डिवाइस IoT के प्रमुख उदाहरण हैं। ये डिवाइस हृदय गति, चलने की गति , नींद के तरीके और स्थान जैसे डेटा कलेक्ट और मॉनिटर करते हैं, जिससे यूज़र्स को उनके स्वास्थ्य और फिटनेस के स्तर के बारे में सही जानकारी मिलती रहे है।
- स्मार्ट शहर: स्मार्ट शहर: IoT का उपयोग विभिन्न सिस्टम और इंफ्राटक्चर को इंटेग्रेट करके स्मार्ट शहर बनाने के लिए किया जाता है। कनेक्टेड सेंसर और , पार्किंग उपलब्धता, शहर में हवा की गुणवत्ता, अपशिष्ट को मैनेज करने और एनर्जी सप्लाई की निगरानी करते हैं।
इंटरनेट ऑफ थिंग्स के फायदे
इंटरनेट ऑफ़ थिंग हमें किसी भी कार्य को जल्दी ,आसान और कम बजट में कर सकते है। इंटरनेट ऑफ़ थिंग हमारे रोजमर्रा के कार्यो को आसान तरीक़े से करने में मदद करता है जैसे की घर के डिवाइस को ऑपरेट करना , एलेक्सा के माध्यम से म्यूजिक या पॉडकास्ट को सुनना आदि।
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