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हैकर्स की पैनी नजर से बचना चाहते है ! तो इन 5 बातों को अच्छे से समझे , नहीं तो हो सकता है बड़ा नुकसान

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हैकिंग से बचने के उपाय : ऑनलाइन फ्रॉड , धोखा धड़ी के मामले अक्सर हम देखते और सुनते रहते है आपने कई  तरह के मामले देखें  भी होंगे।  साइबर क्रिमिनल्स की नजर हमेशा ऑनलाइन लोगो पर रहती है और आपकी थोड़ी सी  गलती आपको  बड़े मुसीबत में डाल सकती है। आपकी एक गलती आपके प्राइवेट  और फाइनेंशियल Data में सेंध लगा  सकती  है।  फिशिंग के जरिए हैकर्स आपके सभी डाटा जैसे की बैंक का यूजरनाम , पासवर्ड , डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड डिटेल्स आपका पर्सनल डाटा आदि चुरा सकते है। इसके लिए हैकर आपको लुभवाने मैसेज, ऑफर  , लिंक , वीडियो आदि दे सकते है। अगर आप इन संकेतो को समझने में गलती करते है तो आप बड़ी मुसीबत में पड़  सकते है।  

वैसे हैकर और साइबर क्रिमिनल्स बड़े होशियार होते है जिन्हे समझ पाना आसान नहीं होता है वो अपना काम बड़े सफाई से करते है लेकिन कुछ सिस्टम के कुछ संकेत होते है जो हमें इनसे बचा सकते है। यदि आप हैकिंग से बचने के उपाय जानना चाहते है तो नीचे बताये गए कुछ टिप्स को देख सकते है।

अगर आपके पास मेल आता है जिसमे आपको बडे ऑफर , आपका बड़ा नुकसान , धमकी , सिक्योरिटी अलर्ट दी जाती है तो इस तरह के मेल को आप अवॉयड करना चाहिए।  ये आम तौर पर फिशिंग ईमेल होते हैं जो  ऑनलाइन यूज़र्स को  फ़साने  के लिए किया जाता है।  साइबर क्रिमिनल्स  इस तकनीक का इस्तेमाल अक्सर इसलिए करते है जिससे  यूजर्स मैसेज देख तुरंत  बताये गए तरीको को फॉलो करे और फस  जाये इसलिए आप इस तरह के मैसेज को अवॉयड करना चाहिए।

यदि आपके पास मैसेज या मेल आता है जिसमे आपसे लॉगिन डिटेल , बैंकिंग डिटेल या अन्य पर्सनल डिटेल मांगी जाती है तो इस स्थित में आपको सतर्क  रहना है।  हैकर्स फेक वेबसाइट बनाते है जो देखने में बिल्कुल ओरिजिनल लगती है।  हैकर्स वेबसाइट लिंक  के साथ मैसेज  या ईमेल भेजते है।  इस तरह के ईमेल या मैसेज आने पर आपको सावधान और सतर्क  रहने की जरुरत है।  इंटरनेट से आने वाले किसी लिंक को तब तक क्लिक न करे जब तक आपको इसकी सही जानकारी न हो।

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आपके ईमेल पर आने वाले लिंक के यूआरएल को ध्यान से देखे और उसकी विश्वसनीयता की जांच  करे और सुनिश्चित करें कि यूआरएल “https: //” से शुरू हो रहा है या नहीं।  यदि “http: प्रोटोकॉल के बाद “s ” नहीं लगा है तो इसका मतलब यह है की वेबसाइट सुरक्षित नहीं है। दूसरा तरीका की वेबसाइट का नाम कुछ फेमस वेबसाइट में मैच करता होगा लेकिन स्पेलिंग में थोड़ी गड़बड़ होगी जिसे ध्यान से देखने में समझ आएगा ।  हैकर online यूजर को फ़साने के लिए इसी तरह की तकनीक को आजमाते है। 

फिशिंग वेबसाइट की समझना करने का बेहद आसान तरीका  यह है कि  उसमे स्पेलिंग मिस्टेक होगा और वेबसाइट का एड्रेस किसी दूसरे फॉर्मेट में  और भाषा में होगा।  रियल वेबसाइट का एड्रेस हमेशा प्रोफेशनल भाषा  में रहता है।  इस तरह की वेबसाइट का एड्रेस कुछ समझ से बाहर होगा जिसमे कुछ अक्षर , नंबर , सिंबल , स्पेशल चैरेक्टर आदि होंगे। यदि गलती से आप इस वेबसाइट पर क्लिक करके जायेंगे तो आपको उसका लेआउट, फॉन्ट, कलर और इमेज कुछ अलग ही दिखेगा। इस तरह के ईमेल से हमेशा सावधान रहे जिसमे कुछ ऑफर , प्राइस , डिस्काउंट की बात करे ,

siya

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