यदि आप कंप्यूटर के हार्डवेयर के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी रखना चाहते है तो आपने पहले के समय में डाटा स्टोरेज के लिए उपयोग होने वाले फ्लॉपी डिस्क के बारे में जरूर सुना होगा। फ्लॉपी डिस्क का उपयोग डाटा को स्टोर करने , ट्रांसफर करने , सॉफ्टवेयर को इनस्टॉल करने के लिए उपयोग किया जाता है। यदि आपको फ्लॉपी डिस्क के बारे में सही जानकारी नहीं है तो इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको विस्तार से बताएंगे की फ्लॉपी डिस्क क्या है What Is Floppy Disk In Hindi) और इसके कितने प्रकार होते है और इसको उपयोग करने के फ़ायदे और नुकसान।
फ्लॉपी डिस्क क्या है (What Is Floppy Disk In Hindi)
फ्लॉपी डिस्क एक प्रकार का मैग्नेटिक स्टोरेज डिवाइस है जिसका उपयोग पहले के समय में कंप्यूटर के डिजिटल डाटा को स्टोर करने के लिए उपयोग किया जाता था । फ्लॉपी डिस्क को Diskette, Floppy आदि नामो से भी जाना जाता है। पहले के समय में डाटा को एक्सटर्नल डिवाइस में स्टोर करने के लिए साधन उपलब्ध नहीं होते थे तो इसके लिए 1967 में सबसे पहले IBM कंपनी ने इस स्टोरेज डिवाइस का निर्माण किया था।
फ्लॉपी डिस्क एक लचीली ,पतली और गोला कार मैग्नेटिक डिस्क से बनी होती है इसको धूल , स्क्रैच और मैग्नेटिक कोटींग को ख़राब होने से बचाने के लिए इसको प्लास्टिक से कवर किया जाता है। आज के कंप्यूटर और लैपटॉप में इस डिवाइस का उपयोग नहीं किया जाता है क्योकि फ्लॉपी डिस्क में डाटा स्टोर करने की क्षमता CD/DVD और हार्ड डिस्क से कम होती थी। फ्लॉपी डिस्क का उपयोग। डाटा को कॉपी करने , कंप्यूटर से बैकअप लेने , सॉफ्टवेयर इनस्टॉल करने आदि कार्यो के लिए किया जाता है।

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फ्लॉपी डिस्क का इतिहास और प्रकार History OF Floppy Disk And Types
कंप्यूटर में डाटा स्टोरेज के लिए मार्किट में कई तरह की फ्लॉपी डिस्क का निर्माण किया गया और उसका उपयोग भी किया गया। नीचे आप फ्लॉपी डिस्क के प्रमुख प्रकार को समझ सकते है।
8-inch Floppy Disk
1970 के दशक की शुरुआत में, 8-इंच की पहली फ्लॉपी डिज़ाइन की आयी थी जिसे केवल डाटा को रीड करने के लिए उपयोग किया जाता था लेकिन बाद में इसका उपयोग कंप्यूटर के डाटा को रीड और राइट दोनों के लिए उपयोग किया जाता था । इस तरह की डिस्क में रीड/राइट हेड मैग्नेटिक डिस्क को टच करके घूमता था जैसे की DAT कैसेट में होता है।
5 ¼ -Inch Floppy Disk Drive
1980 के दशक के दौरान, एक 5 इंच की फ्लॉपी डिस्क ड्राइव का निर्माण किया गया था जो पर्सनल कंप्यूटर के लिए अधिक उपयोगी की जाती थी । 1990 की शुरुआत में, 5 इंच की फ़्लॉपी डिस्क ड्राइव उपयोग उन कंप्यूटरों में किया जाने लगा था जो 360 KB और 1.2 मेगाबाइट के बीच डेटा स्टोर करने की क्षमता रखते थे। कुछ 5-फ्लॉपी डिस्क में डाटा स्टोर करने के लिए दोनों साइड का उपयोग किया जाता था और फ्लॉपी में स्टोर डाटा को जरुरत के अनुसार कस्टमाइज भी किया जा सकता था।
3 ½ -Inch Floppy Disk
इस प्रकार की फ्लॉपी डिक्स को प्लास्टिक से कवर किया जाता था , जो हाई डेंसिटी पर 1.44 मेगाबाइट और डबल-डेंसिटी डिस्क पर 730 किलोबाइट स्टोर कर सकती है। कंप्यूटर के पुराने समय में, प्रोग्राम जैसे की ऑपरेटिंग सिस्टम को इनस्टॉल करने के लिए एक साथ कई डिस्क का उपयोग करना पड़ता था।
फ्लॉपी डिस्क उपयोग करने के फायदे Advantages Of Floppy Disk
फ्लॉपी डिस्क में अधिक डाटा को स्टोर नहीं कर सकते है क्योकि इसकी स्टोरेज क्षमता बहुत कम होती है लेकिन उस समय डाटा स्टोर करने का यह सबसे सही तरीका होता था। फ्लॉपी डिस्क के उपयोग करने के फायदों के बारे में आप नीचे देख सकते है।
- यह आकार में CD और DVD से भी छोटी होती है जिसे एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाना बड़ा आसान होता है।
- फ्लॉपी डिस्क में CD और DVD की तुलना में डाटा सुरक्षित रहता था क्योकि इसका मैग्नेटिक डिस्क प्लास्टिक से कवर रहता था।
- फ्लॉपी डिस्क में डाटा को डिलीट और ओवर राइट होने से बचाया जा सकता है क्योकि इसमें इनबिल्ड डाटा राइट प्रोटेक्शन का फीचर दिया जाता था।
- इसका उपयोग सिर्फ पुराने कंप्यूटर में किया जा सकता है क्योकि आज के कम्प्यूटर फ्लॉपी डिस्क को सपोर्ट नहीं करते है।
- फ्लॉपी डिस्क का उपयोग कंप्यूटर में सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सीसेम को इनस्टॉल करने के लिए किया जाता था।
फ्लॉपी डिस्क उपयोग करने के नुकसान Disadvantages Of Floppy Disk
जैसे की हमने अभी तक जाना की फ्लॉपी डिस्क क्या है और किस तरह की होती है और उपयोग के क्या फ़ायदे होते है अभी हमने इसके फायदों के बारे में जाना अब हम आपको इसके कुछ नुकसान के बारे में बताने वाले है।
- यदि आप डाटा कॉपी करने के लिए फ्लॉपी डिस्क का उपयोग करते है तो इसमें अधिक समय लगता है क्योकि इसकी डाटा ट्रांसफर स्पीड बहुत स्लो होती है।
- फ्लॉपी डिस्क में आज के एडवांस डाटा स्टोरेज डिवाइस की तुलना में डाटा को स्टोर करने की क्षमता बहुत कम होती है।
- इसमें स्टोर किया गया डाटा जल्दी से ख़राब हो सकता है और वायरस का अटैच जल्दी ह सकता है क्योकि इसमें डाटा सिक्योरिटी के फीचर नहीं दिए जाते है।
- आज के एडवांस कंप्यूटर निर्माता कंपनी इस डिवाइस निर्माण नहीं करती है और 2000 के बाद के सभी कंप्यूटर फ्लॉपी डिस्क को सपोर्ट नहीं करते है।
- फ्लॉपी डिस्क बहुत ही नाजुक और लचीली होती है जो आसानी से टूट सकती है और डाटा नुकसान का खतरा बना रहता है।
लेखक के अंतिम शब्द
इस आर्टिकल में हमने आपको बताया की फ्लॉपी डिस्क क्या है (What Is Floppy Disk In Hindi) इसका उपयोग किस किये करते है , इसके कितने प्रकार होते है और इसको उपयोग करने के फायदे और नुकसान क्या है। उम्मीद करते है की यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा तो इसे अपने सोशल मीडिया में अधिक से अधिक शेयर करे और इस आर्टिकल से सम्बंधित किसी तरह के डाउट और सलाह के लिए कमेंट करे। इसी तरह की टेक्निकल जानकारी के लिए हमारे अन्य ब्लॉग simiservice.com के आर्टिकल पर पढ़े और अपना फीडबैक दे।