डीएनए क्या है इसकी संरचना , कार्य और प्रकार … पूरी जानकारी

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DNA Ka Full Form यानी इसका पूरा नाम Deoxyribonucleic Acid अणुओं का एक समूह है। डीएनए प्रत्येक जीवित चीज़ की कोशिकाओं (cell) से बनी होती हैं और कोशिकाओं के केंद्र में ही डीएनए मौजूद होता है, जो जैविक अणु की तरह होता है। मानव शरीर में DNA कोशिका के माइटोकॉन्ड्रिया में उपस्थित रहता है, जहाँ डीएनए  क्रोमोजोम्स के रूप में मानव शरीर में मौजूद रहता है जिनमें जेनेटिक कोड होता है।

इसे खुली आँखों से देख नहीं सकते इसे माइक्रोस्कोप से देखने पर ये एक लंबा घुमावदार सीढ़ी नुमा संरचना जैसा दिखता है जिसमें शारीरिक बनावट, व्यवहार, रंग रूप सभी प्रकार की जानकारी संग्रहित होती है। DNA वंशानुगत गुणों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचता है और व्यक्ति के विकास, वृद्धि, प्रजनन कार्य के लिए जिम्मेदार होता है इसलिए ये कभी भी ख़त्म नहीं हो सकता।  

DNA की खोज किसने और कब किया 

वर्ष 1953 में, जेम्स वॉटसन और फ्रांसिस क्रिक नाम के वैज्ञानिकों ने DNA की संरचना की खोज की थी, जिसके लिए 1962 में उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था। डीएनए में जीव की बहुत सारी जानकारी इकठ्ठा होती है।  DNA की जाँच से किसी भी जीव की संतान के शरीरिक व् मानसिक गुणों जैसे लम्बाई, बीमारी, रंग, रूप आदि मालूम किया जा सकता है। साथ ही DNA के आधिनिक प्रयोग से अब तो जानवर और पेड़ों के क्लोन भी विकसित किये जा रहे है । Z – DNA  की खोज एंड्रेस वांग और अलेक्जेंडर रिच ने की थी।

DNA की संरचना

डीएनए में सूचना को इन चार रासायनिक आधारों से बने एक कोड रूप में संग्रहीत किया जाता है :- एडेनिन, ग्वानिन, थाइमिन और साइटोसिन। इंसानों के डीएनए में लगभग 3 बिलियन बेस होते हैं, जिनमे से 99 प्रतिशत आधार सभी इंसानों में एक समान होते हैं। इन बेस का अनुक्रम या क्रम, किसी इंसान या जीव के निर्माण और उनकी जानकारी को तय करता है। डीएनए संरचना के तीन भाग में शुगर और डीएनए अणु का आधार बनता है। इसे डीऑक्सीराइबोस भी कहा जाता है। विपरीत स्ट्रेंड्स के नाइट्रोजनस बेस हाइड्रोजन बॉन्ड बनाते हैं, जिससे सीढ़ी जैसी संरचना बनती है।

dna full form

DNA के प्रकार

डीएनए मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं जिनको नीचे देख सकते है ,

A-DNA – ये दायी ओर घुमा हुआ द्विकुंडलित होता है। डीहाइड्रेटेड डीएनए A प्रकार का होता है, जो चरम स्थितियों के दौरान डीएनए की रक्षा करता है। प्रोटीन बाइंडिंग भी विलायक को डीएनए से हटाता है और A प्रकार का डीएनए बनाता है। 

B-DNA – ये दायीं ओर कुंडलित होता है। B प्रकार के अधिकांश डीएनए की बनावट सामान्य शारीरिक स्थितियों के अनुसार होती है।

Z-DNA – ये बायीं ओर का डीएनए होता है, जहां जिग-ज़ैग पैटर्न में बायीं ओर द्विकुंडलित घुमाव होता है। यह जीन के प्रारंभिक स्थल से आगे पाया जाता है और इसलिए माना जाता है कि यह जीन के नियमन में कुछ भूमिका निभाता है। 

DNA के कार्य

DNA इंसान के शरीर और दिमाग के विकास की सबसे महत्वपूर्ण चीज़ है। पूरी पृथ्वी पर 99 प्रतिशत लोगों का डीएनए संरचना एक जैसी है।  DNA कई तरह के RNA का निर्माण करता है जो प्रोटीन संश्लेषण की क्रिया में संचालन एवं नियंत्रण करते हैं। जीन, डीएनए का छोटा भाग होता हैं। जिनमें 250 – 2 मिलियन बेस युग्म होते हैं, जो जीन पर निर्भर करते हैं। पॉलीपेप्टाइड अणु के लिए एक जीन कोड, जहां तीन नाइट्रोजनीस बेस हो, एक एमिनो एसिड को व्यक्त करता हैं।

जीन के अनुक्रम का उपयोग पॉलीपेप्टाइड बनाने के लिए किया जाता है, जो फिर प्रोटीन बनाता है। चूंकि, प्रत्येक जीव के डीएनए में कई जीन होते हैं, इसलिए विभिन्न प्रकार के प्रोटीन बन सकते हैं। प्रोटीन, जीवों में मुख्य कार्यात्मक और संरचनात्मक अणु हैं। इसके अलावा DNA अनुवांशिक बदलावों के लिए भी ज़िम्मेदार है जैसे :-

  • माँ की एक कोशिका से उसकी बेटियों तक और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक आनुवांशिक जानकारी को स्थानांतरित करना 
  • कोशिका विभाजन के दौरान डीएनए का समान वितरण
  • उत्तराधिकार
  • प्रतिलिपिकरण(ट्रैन्स्क्रिप्शन)
  • DNA फिंगरप्रिंटिंग(अंगुली की छाप)
  • सेलुलर मेटाबोलिज्म 

DNA जांचने की विधि

जेनोटिक टेस्टिंग में मुख्यतः जैव, क्रोमोसोम्स और प्रोटीन की पहचान की जाती है जिसके लिए शरीर से खून,  एम्नियोटिक फ्लूइड, बाल या त्वचा आदि लिया जा सकता है। इस टेस्ट के माध्यम से यह पताया लगाया जा सकता है कि किसी जीव को कोई शारीरिक या मानसिक समस्या है या नहीं। इसके अलावा, इससे जीन की जांच भी होती है जिससे असली माँ बाप की पुष्टि भी कुछ मामलों में की जाती है। DNA जाँच बहुत ही प्रमुख प्रयोगशालाओं में होती हैं और ये जाँच मेहेंगी भी होती है।  

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने आपको डीएनए के बारे में बताया जैसे की डीएनए क्या होता है , डीएनए शब्द का पूरा नाम क्या होता है (dNA ka full form ) , इसकी संरचना और इसके कार्य और प्रकार। आशा करते है की आर्टिकल अच्छा लगा होगा तो इसे अधिक से अधिक शेयर करे और कमेंट में अपना फीडबैक दे.

siya

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